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इंसीनरेटर की सेंट्रलाइज खरीद पर उपनिदेशक ने मांगा जवाब
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इंसीनरेटर की सेंट्रलाइज खरीद पर उपनिदेशक ने मांगा जवाब
फर्रुखाबाद। कायाकल्प योजना के तहत उच्च प्राथमिक विद्यालयों में लगने वाले इंसीनरेटर की सेंट्रलाइज खरीद का मामला उपनिदेशक पंचायत कार्यालय तक पहुंच गया है। उपनिदेशक ने इस संबंध में कड़ी आपत्ति करते हुए डीपीआरओ से जवाब मांगा है। उन्होंने फर्म का नाम, स्थान, भुगतान वाउचर का पूरा विवरण तलब किया है।
उच्च प्राथमिक विद्यालयों में लगने वाले इंसीनरेटर फिरोजाबाद की फर्म से थोक में खरीदकर कमालगंज ब्लाक के स्ट्रांग रूम में रखवाए गए थे। भाजपा किसान मोर्चा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अशोक कटियार को जब इंसीनरेटर नहीं दिखाए गए तो वह 30 जुलाई को समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए थे। स्ट्रांग रूम खोला गया तो 49 इंसीनरेटर डिब्बे में पैक मिले थे।
अन्य ब्लाकों में भी फिरोजाबाद की ही फर्म से खरीद हुई। खेल से पर्दा उठा तो ब्लाक कार्यालयों से इंसीनरेटर हटवा दिए गए। इस मामले को उपनिदेशक पंचायत कानपुर मंडल अभय कुमार शाही ने संज्ञान में लेकर डीपीआरओ को पत्र जारी किया है। इसमें कहा कि जिले में यदि इंसीनरेटर की सेंट्रलाइज खरीद कराई गई या इसके लिए दबाव बनाया तो यह आपत्तिजनक है।
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उन्होंने कहा कि भुगतान वाउचरों में एक ही फर्म से खरीद का मामला पाया जाता है तो संलिप्त अधिकारी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उपनिदेशक ने इंसीनरेटर के अलावा पूर्व में अन्य सामग्री की खरीद का भी ब्योरा तलब किया है। बता दें कि ग्राम पंचायतों में थर्मल स्कैनर, पल्स ऑक्सीमीटर, ग्रीन बोर्ड, जिम, झूला आदि की भी खरीद खास फर्मों से थोक में की गई है।
इन बिंदुओं पर भी देना होगा जवाब
उपनिदेशक ने इंसीनरेटर या अन्य सामग्री आपूर्ति के संबंध में सक्षम अधिकारी का आदेश, ग्राम पंचायत की खुली बैठक में खरीद की कार्रवाई का सत्यापित रजिस्टर, प्लान-प्लस पर अपलोड की तारीख, आपूर्ति किए गए सामान की तकनीकी स्वीकृति व एक्शन साफ्ट पर अपलोड करने की तारीख, तकनीकी अधिकारी का पद सहित नाम, आदेश व अनुमन्य लागत का भी विवरण मांगा गया है।
सेंट्रलाइज खरीद के संबंध में प्रशासनिक स्वीकृति, कार्यादेश संख्या व कार्यादेश देने वाले प्राधिकरण का विवरण भी तलब किया है। वित्तीय नियमों के अनुपालन में कोटेशन व तुलनात्मक दरों के अनुमोदन, टेंडर व फर्म के पक्ष में निर्गत आदेश की भी कॉपी उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए हैं। 18 अगस्त तक मांगी गई सूचना उपलब्ध न कराने पर डीपीआरओ को कार्रवाई की भी चेतावनी दी गई है।
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फर्रुखाबाद। कायाकल्प योजना के तहत उच्च प्राथमिक विद्यालयों में लगने वाले इंसीनरेटर की सेंट्रलाइज खरीद का मामला उपनिदेशक पंचायत कार्यालय तक पहुंच गया है। उपनिदेशक ने इस संबंध में कड़ी आपत्ति करते हुए डीपीआरओ से जवाब मांगा है। उन्होंने फर्म का नाम, स्थान, भुगतान वाउचर का पूरा विवरण तलब किया है।
उच्च प्राथमिक विद्यालयों में लगने वाले इंसीनरेटर फिरोजाबाद की फर्म से थोक में खरीदकर कमालगंज ब्लाक के स्ट्रांग रूम में रखवाए गए थे। भाजपा किसान मोर्चा के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अशोक कटियार को जब इंसीनरेटर नहीं दिखाए गए तो वह 30 जुलाई को समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गए थे। स्ट्रांग रूम खोला गया तो 49 इंसीनरेटर डिब्बे में पैक मिले थे।
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अन्य ब्लाकों में भी फिरोजाबाद की ही फर्म से खरीद हुई। खेल से पर्दा उठा तो ब्लाक कार्यालयों से इंसीनरेटर हटवा दिए गए। इस मामले को उपनिदेशक पंचायत कानपुर मंडल अभय कुमार शाही ने संज्ञान में लेकर डीपीआरओ को पत्र जारी किया है। इसमें कहा कि जिले में यदि इंसीनरेटर की सेंट्रलाइज खरीद कराई गई या इसके लिए दबाव बनाया तो यह आपत्तिजनक है।
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उन्होंने कहा कि भुगतान वाउचरों में एक ही फर्म से खरीद का मामला पाया जाता है तो संलिप्त अधिकारी पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उपनिदेशक ने इंसीनरेटर के अलावा पूर्व में अन्य सामग्री की खरीद का भी ब्योरा तलब किया है। बता दें कि ग्राम पंचायतों में थर्मल स्कैनर, पल्स ऑक्सीमीटर, ग्रीन बोर्ड, जिम, झूला आदि की भी खरीद खास फर्मों से थोक में की गई है।
इन बिंदुओं पर भी देना होगा जवाब
उपनिदेशक ने इंसीनरेटर या अन्य सामग्री आपूर्ति के संबंध में सक्षम अधिकारी का आदेश, ग्राम पंचायत की खुली बैठक में खरीद की कार्रवाई का सत्यापित रजिस्टर, प्लान-प्लस पर अपलोड की तारीख, आपूर्ति किए गए सामान की तकनीकी स्वीकृति व एक्शन साफ्ट पर अपलोड करने की तारीख, तकनीकी अधिकारी का पद सहित नाम, आदेश व अनुमन्य लागत का भी विवरण मांगा गया है।
सेंट्रलाइज खरीद के संबंध में प्रशासनिक स्वीकृति, कार्यादेश संख्या व कार्यादेश देने वाले प्राधिकरण का विवरण भी तलब किया है। वित्तीय नियमों के अनुपालन में कोटेशन व तुलनात्मक दरों के अनुमोदन, टेंडर व फर्म के पक्ष में निर्गत आदेश की भी कॉपी उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए हैं। 18 अगस्त तक मांगी गई सूचना उपलब्ध न कराने पर डीपीआरओ को कार्रवाई की भी चेतावनी दी गई है।