{"_id":"67324fa52339fac0ae0a38c4","slug":"demand-for-judges-security-not-yet-fulfilled-farrukhabad-news-c-222-1-ka11004-117517-2024-11-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Farrukhabad News: अब तक पूरी नहीं हुई जज की सुरक्षा की मांग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Farrukhabad News: अब तक पूरी नहीं हुई जज की सुरक्षा की मांग
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। जिले में तैनात विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट डॉ. अनिल कुमार को मांग के आठ दिन बाद भी अभी तक सुरक्षा मुहैया नहीं कराई गई है। दरअसल, न्यायाधीश को 29 अक्तूबर को रात करीब आठ बजे फर्रुखाबाद से नोएडा जाते समय रास्ते में असलहे दिखाए गए थे। उन्होंने इसके पीछे सुंदर भाटी गिरोह पर शक जताया था। चार नवंबर को जिला जज के माध्यम से एसपी को पत्र भेज कर सुरक्षा की मांग की थी।
विशेष न्यायाधीश डॉ. अनिल कुमार ने जनपद गौतम बुद्ध नगर में एडिशनल सेशन जज रहते हुए पांच अप्रैल 2021 को सुंदर भाटी, ऋषिपाल सिंह, सिंह राज, योगेश, विकास पंडित, कालू भाटी उर्फ कविंद्र, दिनेश भाटी, अनूप भाटी, यतेंद्र चौधरी, सोनू, बॉबी उर्फ शेर सिंह और सुरेंद्र पंडित सहित गैंग के 11 सदस्यों को आजीवन कारावास सुनाई थी।
विशेष न्यायाधीश के मुताबिक तभी से सुंदर भाटी और गैंग के सदस्य रंजिश मानते हैं। सजा सुनाने के बाद उनको चार पुलिसकर्मियों की सुरक्षा उपलब्ध कराई गई थी। गौतम बुद्ध नगर से तबादला होने के बाद 21 नवंबर 2023 को यह सुरक्षा हटा ली गई। 22 नवंबर को उन्होंने जिले में योगदान किया। इसके बाद पत्र भेज कर तत्कालीन पुलिस अधीक्षक विकास कुमार से सुरक्षा के बारे में बताया था, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
विज्ञापन
संवाद न्यूज़ एजेंसी से बात करते हुए उन्होंने बताया की सजा सुनाने के बाद से गैंग हमले की ताक में है। इसी गिरोह के सदस्यों ने नोएडा स्थित घर जाते समय जट्टारी के पास बोलेरो कार से पीछा किया था। कार से बदमाशों ने उनको पिस्तौल दिखाकर भी डराया। इस बारे में उन्होंने अलीगढ़ के खैर में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
घटना के बाद चार नवंबर को जिला जज के माध्यम से पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी को पत्र भेज कर उनकी व गौतम बुद्ध नगर में रह रहे परिवार की सुरक्षा की मांग की थी। पत्र भेजने के बावजूद अभी तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने भविष्य में भी ऐसी किसी वारदात का अंदेशा जताया।
इनसेट
29 की घटना 12 दिन बाद दर्ज हुई रिपोर्ट
घटना की रिपोर्ट दर्ज करने में भी पुलिस लापरवाह रही। विशेष न्यायाधीश के साथ 29 अक्तूबर को घटना हुई थी। उन्होंने बताया कि घटना के बारे में चौकी इंचार्ज संदीप कुमार को तुरंत जानकारी दी थी। बाद में एसएसपी के पीआरओ, खैर थानाध्यक्ष को भी मोबाइल से रात 9:28 बजे बताया था। 30 अक्तूबर को एसएसपी अलीगढ़ को ईमेल से रिपोर्ट दर्ज करने के लिए पत्र भेजा था। इसके बावजूद 10 नवंबर को रिपोर्ट दर्ज की जा सकी।
कार्रवाई के लिए मुख्य सचिव को भेजा पत्र
पुलिस की अनसुनी से खिन्न विशेष न्यायाधीश ने सूबे के मुख्य सचिव गृह, डीजीपी, आईजी जोन, डीआईजी आदि को भी कार्रवाई के लिए पत्र भेजे हैं।
बोलेरो का नंबर बताया गया फर्जी
29 अक्तूबर को घटना में प्रयुक्त बोलेरो की नंबर प्लेट पर पड़ी पंजीयन संख्या यूपी 81- 7882 जांच के बाद फर्जी निकली। जानकारी करने पर पता लगा कि इस नंबर की कोई भी बोलेरो परिवहन विभाग में दर्ज नहीं है। लिहाजा यह साबित होता है की गाड़ी पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर घटना को अंजाम देने की कोशिश की गई।
अखबार में खबर छपने के बाद जागी पुलिस
अलीगढ़ के खैर थाना में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद खबर मीडिया की सुर्खियों में आई। खबर देखकर पुलिस प्रशासन जागा। एसओजी प्रभारी सचिन चौधरी ने अपनी टीम के साथ न्यायालय पहुंचकर घटना के संबंध में जानकारी की।
घटना के संबंध में प्रार्थना पत्र प्राप्त हुआ है जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
- आलोक प्रियदर्शी, पुलिस अधीक्षक
विज्ञापन
विशेष न्यायाधीश डॉ. अनिल कुमार ने जनपद गौतम बुद्ध नगर में एडिशनल सेशन जज रहते हुए पांच अप्रैल 2021 को सुंदर भाटी, ऋषिपाल सिंह, सिंह राज, योगेश, विकास पंडित, कालू भाटी उर्फ कविंद्र, दिनेश भाटी, अनूप भाटी, यतेंद्र चौधरी, सोनू, बॉबी उर्फ शेर सिंह और सुरेंद्र पंडित सहित गैंग के 11 सदस्यों को आजीवन कारावास सुनाई थी।
विज्ञापन
विशेष न्यायाधीश के मुताबिक तभी से सुंदर भाटी और गैंग के सदस्य रंजिश मानते हैं। सजा सुनाने के बाद उनको चार पुलिसकर्मियों की सुरक्षा उपलब्ध कराई गई थी। गौतम बुद्ध नगर से तबादला होने के बाद 21 नवंबर 2023 को यह सुरक्षा हटा ली गई। 22 नवंबर को उन्होंने जिले में योगदान किया। इसके बाद पत्र भेज कर तत्कालीन पुलिस अधीक्षक विकास कुमार से सुरक्षा के बारे में बताया था, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
विज्ञापन
संवाद न्यूज़ एजेंसी से बात करते हुए उन्होंने बताया की सजा सुनाने के बाद से गैंग हमले की ताक में है। इसी गिरोह के सदस्यों ने नोएडा स्थित घर जाते समय जट्टारी के पास बोलेरो कार से पीछा किया था। कार से बदमाशों ने उनको पिस्तौल दिखाकर भी डराया। इस बारे में उन्होंने अलीगढ़ के खैर में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
घटना के बाद चार नवंबर को जिला जज के माध्यम से पुलिस अधीक्षक आलोक प्रियदर्शी को पत्र भेज कर उनकी व गौतम बुद्ध नगर में रह रहे परिवार की सुरक्षा की मांग की थी। पत्र भेजने के बावजूद अभी तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने भविष्य में भी ऐसी किसी वारदात का अंदेशा जताया।
इनसेट
29 की घटना 12 दिन बाद दर्ज हुई रिपोर्ट
घटना की रिपोर्ट दर्ज करने में भी पुलिस लापरवाह रही। विशेष न्यायाधीश के साथ 29 अक्तूबर को घटना हुई थी। उन्होंने बताया कि घटना के बारे में चौकी इंचार्ज संदीप कुमार को तुरंत जानकारी दी थी। बाद में एसएसपी के पीआरओ, खैर थानाध्यक्ष को भी मोबाइल से रात 9:28 बजे बताया था। 30 अक्तूबर को एसएसपी अलीगढ़ को ईमेल से रिपोर्ट दर्ज करने के लिए पत्र भेजा था। इसके बावजूद 10 नवंबर को रिपोर्ट दर्ज की जा सकी।
कार्रवाई के लिए मुख्य सचिव को भेजा पत्र
पुलिस की अनसुनी से खिन्न विशेष न्यायाधीश ने सूबे के मुख्य सचिव गृह, डीजीपी, आईजी जोन, डीआईजी आदि को भी कार्रवाई के लिए पत्र भेजे हैं।
बोलेरो का नंबर बताया गया फर्जी
29 अक्तूबर को घटना में प्रयुक्त बोलेरो की नंबर प्लेट पर पड़ी पंजीयन संख्या यूपी 81- 7882 जांच के बाद फर्जी निकली। जानकारी करने पर पता लगा कि इस नंबर की कोई भी बोलेरो परिवहन विभाग में दर्ज नहीं है। लिहाजा यह साबित होता है की गाड़ी पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर घटना को अंजाम देने की कोशिश की गई।
अखबार में खबर छपने के बाद जागी पुलिस
अलीगढ़ के खैर थाना में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद खबर मीडिया की सुर्खियों में आई। खबर देखकर पुलिस प्रशासन जागा। एसओजी प्रभारी सचिन चौधरी ने अपनी टीम के साथ न्यायालय पहुंचकर घटना के संबंध में जानकारी की।
घटना के संबंध में प्रार्थना पत्र प्राप्त हुआ है जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
- आलोक प्रियदर्शी, पुलिस अधीक्षक