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बसपा नेता के भाई डब्बन पर दर्ज मुकदमे में बढ़ी धाराएं

Sat, 09 Oct 2021 12:09 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 09 Oct 2021 12:09 AM IST
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फर्रुखाबाद। बसपा नेता अनुपम दुबे के भाई अनुराग दुबे उर्फ डब्बन को कड़ी सुरक्षा में जेल से कोर्ट में पेश किया गया। तथ्यों को छिपाकर शस्त्र लाइसेंस बनवाने के मुकदमे में रिमांड के दौरान विवेचक द्वारा बढ़ाई गई धाराओं का आरोपी की अधिवक्ता ने विरोध किया। असलहों के लाइसेंस जारी होने से पूर्व डीसीआरबी की लगी रिपोर्ट पर सवाल उठाए गए। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दो मुकदमे में रिमांड वारंट बनाकर डब्बन को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है।
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फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कसरट्टा निवासी बसपा नेता अनुपम दुबे के भाई अनुराग दुबे उर्फ डब्बन के खिलाफ मोहम्मदाबाद कोतवाली में 29 सितंबर को अपराध शाखा के इस्पेक्टर दिवाकर प्रसाद सरोज ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें असलहों के लाइसेंस बनवाने में मुकदमा न होने का झूठा हलफनामा देने और भिन्न-भिन्न जन्म तिथि अंकित करने का आरोप लगाया है। वहीं फतेहगढ़ क्षेत्र के मोहल्ला अपर दुर्गा कालोनी निवासी बृजेश कुमार ने 24 सितंबर को फतेहगढ़ कोतवाली में अनुराग दुबे उर्फ डब्बन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें कहा कि वह गांव सहसापुर निवासी है।
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बसपा नेता अनुपम दुबे के भय से गांव छोडकर अपर दुर्गा कालोनी में रह रहा है। 23 सितंबर 2021 को अनुराग दुबे ने मोबाइल पर जान से मारने की धमकी दी। वर्तमान में बसपा नेता के भाई अनुराग दुबे उर्फ डब्बन व्यापारी मोहन अग्रवाल पर हमला करने के आरोप में जेल में निरुद्घ हैं। इससे धोखाधड़ी और धमकी देने के मुकदमे के विवेचकों ने दोनों मुकदमे में रिमांड वारंट बनवाने के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था। कोर्ट के आदेश पर शुक्रवार को जिला कारागार से अनुराग दुबे को कोर्ट में पेश किया गया। सीजेएम के न होने पर एफटीसी कोर्ट (सीनियर डिवीजन) की अदालत में पेश किया गया। मोहम्मदाबाद कोतवाली में दर्ज धोखाधड़ी के मुकदमे में पुलिस ने फर्जी अभिलेख तैयार करने संबंधी तीन धाराएं बढ़ा दी।
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इसको लेकर आरोपी के अधिवक्ता जितेंद्र सिंह चौहान ने आपत्ति की और कहा कि शस्त्र लाइसेंस बनवाने से पहले डीसीआरबी से 13 थानों और खूफिया पुलिस की रिपोर्ट लगती है। उस रिपोर्ट में मुकदमों का उल्लेख न किए जाने पर सवाल उठाया। विवेचक चुप्पी साध गए। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने धोखाधड़ी और धमकी देने के मुकदमे में 14 दिन की रिमांड पर आरोपी को जेल भेज दिया।
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