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मौसम ने बदली करवट, आलू पर संकट
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अमृतपुर क्षेत्र में आलू की फसल पर दवा का छिड़काव करता किसान।
- फोटो : FARRUKHABAD
मौसम ने बदली करवट, आलू पर संकट
फर्रुखाबाद। कई दिन से तेज धूप के बाद सोमवार सुबह से अचानक मौसम बदल गया। घने बादल छाने के साथ ठंड बढ़ गई। इससे आलू किसान चिंतित हैं। उन्हें झुलसा रोग की आशंका सताने लगी है। यदि बारिश हो जाती है, तो आलू तेजी से रोग की चपेट में आ सकता है। इससे बचने के लिए किसान झुलसारोधक दवा का छिड़काव करने में जुटे हैं। उधर, सर्दी से गरीब तबके के सामने भी दिक्कतें बढ़ गई हैं।
चार दिन से तेज धूप खिलने से लोगों को खासी राहत थी। सोमवार सुबह अचानक घने बादल छा गए। तेज हवाओं से तापमान में भी गिरावट आ गई। बादल छाने से आलू किसानों को आलू की फसल में झुलसा लगने की आशंका सताने लगी है। सबसे अधिक वह किसान परेशान हैं, जिनका आलू पिछैती है। किसानों ने सुबह से ही झुलसा रोधक दवा का छिड़काव शुरू कर दिया है।
उधर, ठंड बढ़ने से कमजोर तबके के सामने काफी संकट खड़ा हो गया है। नगर पालिका की तरफ से जलाए जा रहे अलाव भी पर्याप्त नहीं हैं। कई स्थानों पर पतली चिरान की लकड़ियां डाल दी जाती हैं। वह एक घंटे में ही खत्म हो जाती हैं।
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तापमान में और आएगी गिरावट
सोमवार को अधिकतम तापमान 19 और न्यूनतम 7 डिग्री रिकार्ड किया गया, जबकि मंगलवार को अधिकतम तापमान स्थिर रहने और न्यूनतम में तीन डिग्री गिरावट आकर 4 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है।
आलू की बढ़ी लागत, दामों में गिरावट
बादल होते ही किसान आलू की फसल में झुलसा रोधक दवा का छिड़काव शुरू कर देेते हैं। अभी तक तीन बार दवा डाली जा चुकी है। अब फिर बादल होने से हजारों रुपये खर्च करना मजबूरी है जबकि बाजार में आलू के दामों में लगातार गिरावट आ रही है। 400 रुपये पैकेट से भी नीचे के दाम मिल रहे हैं।
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फर्रुखाबाद। कई दिन से तेज धूप के बाद सोमवार सुबह से अचानक मौसम बदल गया। घने बादल छाने के साथ ठंड बढ़ गई। इससे आलू किसान चिंतित हैं। उन्हें झुलसा रोग की आशंका सताने लगी है। यदि बारिश हो जाती है, तो आलू तेजी से रोग की चपेट में आ सकता है। इससे बचने के लिए किसान झुलसारोधक दवा का छिड़काव करने में जुटे हैं। उधर, सर्दी से गरीब तबके के सामने भी दिक्कतें बढ़ गई हैं।
चार दिन से तेज धूप खिलने से लोगों को खासी राहत थी। सोमवार सुबह अचानक घने बादल छा गए। तेज हवाओं से तापमान में भी गिरावट आ गई। बादल छाने से आलू किसानों को आलू की फसल में झुलसा लगने की आशंका सताने लगी है। सबसे अधिक वह किसान परेशान हैं, जिनका आलू पिछैती है। किसानों ने सुबह से ही झुलसा रोधक दवा का छिड़काव शुरू कर दिया है।
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उधर, ठंड बढ़ने से कमजोर तबके के सामने काफी संकट खड़ा हो गया है। नगर पालिका की तरफ से जलाए जा रहे अलाव भी पर्याप्त नहीं हैं। कई स्थानों पर पतली चिरान की लकड़ियां डाल दी जाती हैं। वह एक घंटे में ही खत्म हो जाती हैं।
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तापमान में और आएगी गिरावट
सोमवार को अधिकतम तापमान 19 और न्यूनतम 7 डिग्री रिकार्ड किया गया, जबकि मंगलवार को अधिकतम तापमान स्थिर रहने और न्यूनतम में तीन डिग्री गिरावट आकर 4 डिग्री तक पहुंचने का अनुमान है।
आलू की बढ़ी लागत, दामों में गिरावट
बादल होते ही किसान आलू की फसल में झुलसा रोधक दवा का छिड़काव शुरू कर देेते हैं। अभी तक तीन बार दवा डाली जा चुकी है। अब फिर बादल होने से हजारों रुपये खर्च करना मजबूरी है जबकि बाजार में आलू के दामों में लगातार गिरावट आ रही है। 400 रुपये पैकेट से भी नीचे के दाम मिल रहे हैं।