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फसल बीमा घोटाला : भूमिहीन 64 किसानों ने डकारे 70 लाख
Wed, 21 Jan 2026 12:41 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Wed, 21 Jan 2026 12:41 AM IST
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फर्रुखाबाद। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में वास्तविक किसानों को मुआवजा देने से अधिक घोटाला किया गया है। 68 लाख के गबन का खुलासा होने के बाद चल रही जांच में करीब 64 किसानों को भूमि का फर्जी ब्योरा भरकर 70 लाख रुपये बांटने का मामला सामने आया है। यह खेल बीमा कंपनी व बैंक कर्मियों की मिलीभगत से हुआ है। अब इनके खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज कराने की तैयारी है। इससे फसल बीमा योजना में गबन की धनराशि बढ़कर करीब एक करोड़ 38 लाख रुपये पहुंच गई है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत वर्ष 2024 में रबी की फसल के दौरान जिले के 232 किसानों को 2.28 करोड़ रुपये क्लेम दिया गया। इसमें वास्तविक किसानों को कम और फर्जी किसानों को लाखों का भुगतान कर दिया गया। बुंदेलखंड में फसल बीमा में गबन का खुलासा होने के बाद जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी व उपकृषि निदेशक ने जांच कराई तो घोटाला की परतें खुलने लगीं।
तहसीलवार नायब तहसीलदार, कानूनगो व एडीओ कृषि की कमेटी ने जांच रिपोर्ट सौंपी तो कृषि उपनिदेशक ने जहानगंज थाना क्षेत्र के गांव बंथलशाहपुर, अमृतपुर क्षेत्र के गांव गुड़ेरा व बलीपट्टी में 32 किसानों को 68 लाख रुपये फर्जी तरीके से भुगतान करने में तीन बीमा कर्मी व नौ बैंक शाखा प्रबंधकों सहित 44 के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। अभी अन्य गांवों की जांच चल रही है, जो अंतिम दौर में है।
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विश्वस्त सूत्रों की मानें तो बढ़पुर ब्लॉक के गांव कटरी गंगपुर, अजमतपुर, राजेपुर क्षेत्र के गांव सवासी, सुंदरपुर, कायमगंज क्षेत्र के गांव मिस्तनी, शाहीपुर सहित कुछ अन्य गांवों सहित 64 किसानों को करीब 70 लाख रुपये दिए गए हैं। इनकी भूमि मौके पर मिली ही नहीं। किसी किसान की भूमि के नाम पर रेत का गाटा नंबर भर दिया तो किसी का ग्राम समाज का मिल रहा है। फर्जी तरीके के गाटा नंबर भरकर किसानों के साथ मिलकर बीमा धनराशि का बंदरबांट कर लिया गया।
फिलहाल अभी तक जांच में 232 किसानों में 96 को फर्जी तरीके से एक करोड़ 38 लाख रुपये भुगतान करने का मामला सामने आ चुका है। अभी घोटाले की धनराशि और बढ़ने की संभावना है। इससे साफ है वास्तविक किसानों को दिए गए मुआवजा से अधिक घोटाला किया गया है। कृषि उपनिदेशक अरविंद मोहन मिश्र ने बताया कि 64 किसानों को 70 लाख रुपये नियम विरुद्ध तरीके से भुगतान किया गया है। जांच भी अंतिम दौर में है। एक-दो दिन में जांच रिपोर्ट फाइनल होने के साथ ही दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।
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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत वर्ष 2024 में रबी की फसल के दौरान जिले के 232 किसानों को 2.28 करोड़ रुपये क्लेम दिया गया। इसमें वास्तविक किसानों को कम और फर्जी किसानों को लाखों का भुगतान कर दिया गया। बुंदेलखंड में फसल बीमा में गबन का खुलासा होने के बाद जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी व उपकृषि निदेशक ने जांच कराई तो घोटाला की परतें खुलने लगीं।
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तहसीलवार नायब तहसीलदार, कानूनगो व एडीओ कृषि की कमेटी ने जांच रिपोर्ट सौंपी तो कृषि उपनिदेशक ने जहानगंज थाना क्षेत्र के गांव बंथलशाहपुर, अमृतपुर क्षेत्र के गांव गुड़ेरा व बलीपट्टी में 32 किसानों को 68 लाख रुपये फर्जी तरीके से भुगतान करने में तीन बीमा कर्मी व नौ बैंक शाखा प्रबंधकों सहित 44 के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। अभी अन्य गांवों की जांच चल रही है, जो अंतिम दौर में है।
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विश्वस्त सूत्रों की मानें तो बढ़पुर ब्लॉक के गांव कटरी गंगपुर, अजमतपुर, राजेपुर क्षेत्र के गांव सवासी, सुंदरपुर, कायमगंज क्षेत्र के गांव मिस्तनी, शाहीपुर सहित कुछ अन्य गांवों सहित 64 किसानों को करीब 70 लाख रुपये दिए गए हैं। इनकी भूमि मौके पर मिली ही नहीं। किसी किसान की भूमि के नाम पर रेत का गाटा नंबर भर दिया तो किसी का ग्राम समाज का मिल रहा है। फर्जी तरीके के गाटा नंबर भरकर किसानों के साथ मिलकर बीमा धनराशि का बंदरबांट कर लिया गया।
फिलहाल अभी तक जांच में 232 किसानों में 96 को फर्जी तरीके से एक करोड़ 38 लाख रुपये भुगतान करने का मामला सामने आ चुका है। अभी घोटाले की धनराशि और बढ़ने की संभावना है। इससे साफ है वास्तविक किसानों को दिए गए मुआवजा से अधिक घोटाला किया गया है। कृषि उपनिदेशक अरविंद मोहन मिश्र ने बताया कि 64 किसानों को 70 लाख रुपये नियम विरुद्ध तरीके से भुगतान किया गया है। जांच भी अंतिम दौर में है। एक-दो दिन में जांच रिपोर्ट फाइनल होने के साथ ही दोषियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।