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दुष्कर्म के आरोपी को दस साल की सजा
ब्यूरो/अमर उजाला, फर्रुखाबाद
Updated Thu, 29 Sep 2016 11:34 PM IST
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rape with minor
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मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र के गांव ऊगरपुर निवासी जीतू, धमेन्द्र और सत्येन्द्र 8 जून 2005 को रात करीब 10 बजे एक किशोरी को बहला फुसला कर भगा ले गए थे। किशोरी अपने साथ जेवर व रुपये घर से ले गई थी। पुलिस के रिपोर्ट दर्ज न करने पर अपह्त किशोरी के पिता ने अदालत की शरण लेकर 18 जुलाई 2005 को एसीजेएम न्यायालय में याचिका दायर की। किशोरी को बरामद करने के बाद पुलिस ने जांच पड़ताल कर तीनों आरोपियों के खिलाफ अदालत में
आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपी धर्मेन्द्र की मृत्यु हो गई। आरोपी सत्येन्द्र की पत्रावली को अलग कर दिया गया। आरोपी जीतू के खिलाफ मुकदमे में सुनवाई हुई। बचाव पक्ष के वकील और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ईश्वरी कुमारी शाक्या ने मुकदमे की सुनवाई के दौरान दलीलें पेश की। सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने आरोपी जीतू को दोषी पाकर सजा और जुर्माने से दंडित किया है। आरोपी की जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किए जाने का आदेश दिया गया है। मारपीट और आगजनी के मुकदमे के आरोपियों को गिरफ्तार न करने की एसपी से शिकायत करने से नाराज दरोगा और सिपाहियों ने घर में घुस कर मारपीट की। विरोध करने पर झूठे
मुकदमे में जेल भेजने की धमकी दिए दी। इस मामले में पीड़ित ने दरोगा और दो सिपाहियों के खिलाफ अदालत में परिवाद दर्ज कराया है।
कंपिल थाना क्षेत्र के गांव अहियापुर निवासी किशन पाल ने कंपिल के हल्का प्रभारी दरोगा राम प्रसाद चौधरी और दो सिपाहियों के खिलाफ अदालत में परिवाद दर्ज कराया है। इसमें कहा गया कि 13 अक्तूबर 2015 को वह नीव भरवा रहा
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था। तभी गांव के रामपाल, विजय पाल, रामसागर, सत्यपाल ने आकर ईंटें उखाड़ दी। घरेलू सामान में आग लगा दी। इस मामले की आरोपियों के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दरोगा राम प्रसाद चौधरी का आरोपियों के घर आना जाना था। इस कारण आरोपियों को दरोगा ने गिरफ्तार नहीं किया। इसकी शिकायत एसपी से करने पर दरोगा नाराज हो गए। वह दो पुलिस कर्मियों को लेकर 21 सितंबर 2016 को रात करीब 9 बजे घर में घुस आए और मुकदमे में
समझौता करने के लिए जबरन कोरे कागजों पर अंगूठा लगवा लिया। झूठे मुकदमे में फंसा कर जेल भेजने की धमकी दी। मारपीट के दौरान घर में रखे थैले को उठा ले गए। उसमें सोने की दो अंगूठी और 15000 रुपये थे। सुनवाई के बाद सीजेएम के आदेश पर परिवाद दर्ज किया गया। पीड़ित के बयान दर्ज किए जाने के लिए 5 अक्तूबर की तारीख लगाई गई है।
कोतवाली के गांव लालपुर पट्टी निवासी बृजेश कुमार जाटव 16 अप्रैल 2016 का पत्नी शिवानी से विवाद हो गया था। विवाद होने के बाद पत्नी कुछ दूर जाकर 40 दिनों की पुत्री गुडिया को गोद में लेकर बैठ गई। पत्नी से गुस्साएं पति बृजेश जाटव ने हाथ में लिए पेचकस को पत्नी के फेंक कर मारा। पेचकस पत्नी के बजाए बेटी के सिर में घुस गया था और उसकी मौत हो गई थी। घटना की रिपोर्ट मृतका की मां शिवानी ने अपने पति बृजेश कुमार जाटव के खिलाफ कायमगंज
कोतवाली में दर्ज कराई थी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सुरेन्द्र कुमार राणा ने दलीलें पेश की। सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने आरोपी पिता को अबोध बालिका की गैर इरादतन हत्या के जुर्म में दोषी करार दिया। सजा सुनाए जाने के लिए 30 सितंबर की तारीख लगाई है।
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आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपी धर्मेन्द्र की मृत्यु हो गई। आरोपी सत्येन्द्र की पत्रावली को अलग कर दिया गया। आरोपी जीतू के खिलाफ मुकदमे में सुनवाई हुई। बचाव पक्ष के वकील और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ईश्वरी कुमारी शाक्या ने मुकदमे की सुनवाई के दौरान दलीलें पेश की। सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने आरोपी जीतू को दोषी पाकर सजा और जुर्माने से दंडित किया है। आरोपी की जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किए जाने का आदेश दिया गया है। मारपीट और आगजनी के मुकदमे के आरोपियों को गिरफ्तार न करने की एसपी से शिकायत करने से नाराज दरोगा और सिपाहियों ने घर में घुस कर मारपीट की। विरोध करने पर झूठे
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मुकदमे में जेल भेजने की धमकी दिए दी। इस मामले में पीड़ित ने दरोगा और दो सिपाहियों के खिलाफ अदालत में परिवाद दर्ज कराया है।
कंपिल थाना क्षेत्र के गांव अहियापुर निवासी किशन पाल ने कंपिल के हल्का प्रभारी दरोगा राम प्रसाद चौधरी और दो सिपाहियों के खिलाफ अदालत में परिवाद दर्ज कराया है। इसमें कहा गया कि 13 अक्तूबर 2015 को वह नीव भरवा रहा
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था। तभी गांव के रामपाल, विजय पाल, रामसागर, सत्यपाल ने आकर ईंटें उखाड़ दी। घरेलू सामान में आग लगा दी। इस मामले की आरोपियों के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दरोगा राम प्रसाद चौधरी का आरोपियों के घर आना जाना था। इस कारण आरोपियों को दरोगा ने गिरफ्तार नहीं किया। इसकी शिकायत एसपी से करने पर दरोगा नाराज हो गए। वह दो पुलिस कर्मियों को लेकर 21 सितंबर 2016 को रात करीब 9 बजे घर में घुस आए और मुकदमे में
समझौता करने के लिए जबरन कोरे कागजों पर अंगूठा लगवा लिया। झूठे मुकदमे में फंसा कर जेल भेजने की धमकी दी। मारपीट के दौरान घर में रखे थैले को उठा ले गए। उसमें सोने की दो अंगूठी और 15000 रुपये थे। सुनवाई के बाद सीजेएम के आदेश पर परिवाद दर्ज किया गया। पीड़ित के बयान दर्ज किए जाने के लिए 5 अक्तूबर की तारीख लगाई गई है।
कोतवाली के गांव लालपुर पट्टी निवासी बृजेश कुमार जाटव 16 अप्रैल 2016 का पत्नी शिवानी से विवाद हो गया था। विवाद होने के बाद पत्नी कुछ दूर जाकर 40 दिनों की पुत्री गुडिया को गोद में लेकर बैठ गई। पत्नी से गुस्साएं पति बृजेश जाटव ने हाथ में लिए पेचकस को पत्नी के फेंक कर मारा। पेचकस पत्नी के बजाए बेटी के सिर में घुस गया था और उसकी मौत हो गई थी। घटना की रिपोर्ट मृतका की मां शिवानी ने अपने पति बृजेश कुमार जाटव के खिलाफ कायमगंज
कोतवाली में दर्ज कराई थी। मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता सुरेन्द्र कुमार राणा ने दलीलें पेश की। सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने आरोपी पिता को अबोध बालिका की गैर इरादतन हत्या के जुर्म में दोषी करार दिया। सजा सुनाए जाने के लिए 30 सितंबर की तारीख लगाई है।