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अपहर्ताओं से छूट घर पहुंचा युवक
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Tue, 02 Dec 2014 11:35 PM IST
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स्टेशन मास्टर के अगवा बेटे को कोतवाली पुलिस फिरोजाबाद के एका थाना इलाके से बरामद कर सकुशल वापस ले आई है। पिता ने बेटे को बंधक बनाकर रखे जाने वाले मकान के मालिक सहित पांच के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कराया है।
रविवार को स्टेशन मास्टर रसेंद्र पाल सिंह के पुत्र विवेक का अपहरण कर लिया गया था।
वह किसी की फोन काल पर बड़े भाई विनीत का तिलक समारोह छोड़ कर रेलवे स्टेशन चला गया था। यहां से उसे स्कार्पियो सवार अगवा कर ले गए थे। सोमवार शाम को विवेक ने फोन कर खुद के फिरोजाबाद जनपद के थाना एका के गांव मुहब्बतपुर में होने की जानकारी दी थी।
पिता रसेंद्र पाल सिंह की सूचना पर कोतवाल एके सिंह परिहार ने परिजनों को साथ बताए स्थान पर पहुंचकर विवेक को देर रात बरामद कर लिया।
अपहरण के 24 घंटे बाद लौटे विवेक ने बताया कि फोन करने वाले ने उसे बताया कि वह बुआ का बेटा खुशीराम बोल रहा है। इस बात को सही मानकर उन्हें स्टेशन से लेने के लिए चला गया। जीआरपी चौकी के पीछे खड़े स्कार्पियो सवारों ने उसे रोक कर जबरन गाड़ी में डाल लिया।
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इन्हाेंने उसे पीटते हुए ले जाकर एक कमरे में बंद कर दिया। कुछ देर में निगरानी करने वाला युवक बाहर से कुंडी लगाकर चला गया। उसके जाने के बाद उसने अपने को बंधन मुक्त किया।
दरवाजे को हिलाकर बाहर लगा कुंडा उखाड़ कर बाहर निकल आया। इसके बाद भाग कर गांव के सतीश के घर पहुंचा। उनके ही मोबाइल से उसने घर फोन कर अपने मुहब्बतपुर में होने की जानकारी दी थी।
पुलिस को उसने वह कमरा दिखाया जहां उसे बंद किया गया था। कमरे में उसके जूते पड़े मिले। पता चला कि कमरा तहसीलदार के बेटे केसपाल का है।
स्टेशन मास्टर ने तहसीलदार के पुत्र केसपाल, उसके मामा के लड़के व दो अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी। पुलिस ने सोमवार को दर्ज कराई गई गुमशुदगी को अपहरण में तरमीम कर आरोपियों के नाम शामिल कर लिए। कोतवाल एके सिंह परिहार ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही वास्तविकता खुलेगी।
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रविवार को स्टेशन मास्टर रसेंद्र पाल सिंह के पुत्र विवेक का अपहरण कर लिया गया था।
वह किसी की फोन काल पर बड़े भाई विनीत का तिलक समारोह छोड़ कर रेलवे स्टेशन चला गया था। यहां से उसे स्कार्पियो सवार अगवा कर ले गए थे। सोमवार शाम को विवेक ने फोन कर खुद के फिरोजाबाद जनपद के थाना एका के गांव मुहब्बतपुर में होने की जानकारी दी थी।
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पिता रसेंद्र पाल सिंह की सूचना पर कोतवाल एके सिंह परिहार ने परिजनों को साथ बताए स्थान पर पहुंचकर विवेक को देर रात बरामद कर लिया।
अपहरण के 24 घंटे बाद लौटे विवेक ने बताया कि फोन करने वाले ने उसे बताया कि वह बुआ का बेटा खुशीराम बोल रहा है। इस बात को सही मानकर उन्हें स्टेशन से लेने के लिए चला गया। जीआरपी चौकी के पीछे खड़े स्कार्पियो सवारों ने उसे रोक कर जबरन गाड़ी में डाल लिया।
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इन्हाेंने उसे पीटते हुए ले जाकर एक कमरे में बंद कर दिया। कुछ देर में निगरानी करने वाला युवक बाहर से कुंडी लगाकर चला गया। उसके जाने के बाद उसने अपने को बंधन मुक्त किया।
दरवाजे को हिलाकर बाहर लगा कुंडा उखाड़ कर बाहर निकल आया। इसके बाद भाग कर गांव के सतीश के घर पहुंचा। उनके ही मोबाइल से उसने घर फोन कर अपने मुहब्बतपुर में होने की जानकारी दी थी।
पुलिस को उसने वह कमरा दिखाया जहां उसे बंद किया गया था। कमरे में उसके जूते पड़े मिले। पता चला कि कमरा तहसीलदार के बेटे केसपाल का है।
स्टेशन मास्टर ने तहसीलदार के पुत्र केसपाल, उसके मामा के लड़के व दो अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी। पुलिस ने सोमवार को दर्ज कराई गई गुमशुदगी को अपहरण में तरमीम कर आरोपियों के नाम शामिल कर लिए। कोतवाल एके सिंह परिहार ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही वास्तविकता खुलेगी।