{"_id":"575da7c64f1c1b293e11bade","slug":"escaped-from-police-custody-of-two-accused","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिस कस्टडी से भाग निकले दो मुल्जिम","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पुलिस कस्टडी से भाग निकले दो मुल्जिम
अमर उजाला ब्यूरो, फर्रुखाबाद।
Updated Sun, 12 Jun 2016 11:49 PM IST
विज्ञापन
फतेहगढ़ कोतवाली में आरोपी युवकों के विरुद्घ तहरीर लिखते दरोगा ब्रजेश तिवारी।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फर्रुखाबाद। आबकारी एक्ट के दो मुल्जिम रविवार को पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गए। पुलिस ने ग्राम प्रधान, एक वकील और दस-बारह अज्ञात लोगों के खिलाफ इन्हें भगा देने का आरोप लगाते हुए फतेहगढ़ कोतवाली में तहरीर दी है।
विज्ञापन
जिला एटा थाना जशरथपुर के गांव नया नगला हाल निवासी मेरापुर थाना क्षेत्र के गांव गनेशपुर निवासी पुष्पेंद्र उर्फ पिंटू व एटा जिले के अलीगंज थाना क्षेत्र के गांव मोहम्मद नगर बहेरा निवासी सुखवीर को मोहम्मदाबाद पुलिस ने धीरपुर चौराहे के पास आपस में झगड़ा करते शनिवार रात पकड़ा था।
विज्ञापन
इनका शांतिभंग में चालान किया गया। मोहम्मदाबाद कोतवाली के सिपाही विजय बहादुर और होमगार्ड प्रमोद कुमार रविवार शाम दोनों आरोपियों को एसडीएम कोर्ट ले गए। यहां से इनकी जमानत हो गई।
विज्ञापन
मोहम्मदाबाद के गांव नगला गढ़िया निवासी राकेश कुमार, पहाड़पुर निवासी वीरप्रताप सिंह ने पुष्पेंद्र की जमानत में अपने प्रपत्र दाखिल किए। आरोपी सुखवीर की जमानत अटसैनी कनासी निवासी ओम प्रकाश और जैथरा एटा निवासी लोकपाल सिंह ने भरी।
जमानत पर छूटकर बाहर निकलते ही मेरापुर थाने के दरोगा ब्रजेशबाबू तिवारी ने दोनों आरोपियों को आबकारी मुकदमे में फरार होने के आरोप में वारंट पर पकड़ लिया। इनको लेकर दरोगा रिमांड मजिस्ट्रेट की अदालत में जा रहे थे।
आरोप है कि तभी मुल्जिमों के समर्थकों ने पुलिस पर हमला बोल दिया और दोनों को पुलिस हिरासत से छुड़ा कर भाग गए। दरोगा ब्रजेशबाबू तिवारी ने बताया कि 29 मई 2016 को 755 पेटी अवैध शराब बरामद हुई थी।
इसमें दोनों के खिलाफ धारा 60(2)/72 आबकारी अधिनियम व धारा 272 आईपीसी के तहत मुकदमा लिखा गया था। दोनों आरोपी फरार चल रहे थे। इनके गिरफ्तार होने की जानकारी मिलने पर एसडीएम कार्यालय में आया था।
दोनों आरोपियों को अपनी अभिरक्षा में लेकर रिमांड मजिस्ट्रेट के यहां ले जा रहा था, तभी वकील, प्रधान व 10-12 लोगों ने हमला बोल दिया और आरोपियों को छुड़ाकर भगा दिया। घटना की तहरीर फतेहगढ़ कोतवाली में दी है।