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तो पुलिस की लापरवाही से गई दीपक की जान
ब्यूरो, अमर उजाला फर्रुखाबाद
Updated Sat, 18 Jul 2015 11:18 PM IST
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दो माह पूर्व गायब हुए दीपक को खोजने में पुलिस ने ढिलाई बरती, जिसका नतीजा
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रहा कि उसकी जान चली गई। इतना ही नहीं उसका शव परिवार के लोगों को देखना
नसीब नहीं हुआ। पुलिस ने गंगा की कटरी से युवक के कपड़े, मोबाइल, साइकिल
बरामद कर घटना के खुलासे को कहानी गढ़ दी। इस कहानी पर परिवार के लोगों ने
कई सवाल खड़े किए हैं।
इससे फतेहगढ़ कोतवाल की कार्यप्रणाली भी संदेह के घेरे में आ गई है। दीपक की हत्या में पुलिस ने उसके नाबालिग दोस्त को मुख्य आरोपी बनाया है। उसके पास से लाइसेंसी रिवाल्वर और कारतूस बरामद करने का दावा किया है।
फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के खेरेपुर चौरासी निवासी घनश्याम कटियार के बेटे दीपक कटियार (18) को उसके मित्र ने 12
मई 2015 को मोबाइल पर कॉल कर घर से बुलाया था। उसके घर न लौटने पर पिता घनश्याम कटियार ने 14 मई को फतेहगढ़ कोतवाली में तहरीर दी। लेकिन पुलिस ने मामलो को गंभीरता से नहीं लिया। इस पर परिजनों ने एसपी से गुहार लगाई। फिर भी पुलिस हरकत में नहीं आई। केवल गुमशुदगी पर 29 मई को अपहरण में मुकदमा तरमीम कर लिया गया
और फिर सो गई। करीब दो माह बाद14 जुलाई को जिले में नए कप्तान दिनेश कुमार पी ने कार्यभार ग्रहण किया तो दीपक के परिवार के लोगों ने मुलाकात का अपना दुखड़ा सुनाया। पुलिस पर मामले की अनदेखी का आरोप लगाया। एसपी के निर्देश पर फतेहगढ़ कोतवाल, स्वाट टीम प्रभारी हरकत में आए और युवक की खोज में जुट गए। अगले ही दिन पुलिस ने
युवक के नाबालिग दोस्त को पकड़ कर पूछताछ की। पकड़े गए किशोर की निशानदेही पर पुलिस ने गंगा कटरी से कपड़े व चप्पल और साइकिल व मोबाइल बरामद कर लिया। पुलिस ने पकड़े गए किशोर को मुख्य आरोपी बनाकर खुलासे के लिए रुपयों और मेमोरी कार्ड के लेनदेन को हत्या का कारण बताया। घटना के खुलासे को लेकर शनिवार को पत्रकार वार्ता में पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार पी ने बताया कि पकड़ा गया किशोर मृत युवक का मित्र है। उन्होंने दावा किया कि रुपयों के
लेनदेन के विवाद में अपने पिता की रिवाल्वर से किशोर ने दीपक की गोली मार कर हत्या कर दी है। इस घटना को 12 मई के दिन ही अंजाम दिया गया था। खुलासे को पुलिस की गढ़ी कहानी पर परिवार के लोगों ने सवाल उठा दिए। परिजनों ने निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है।
पिता ने यहां-यहां लगाई थी गुहार
12 मई को दीपक गायब हुआ। कोतवाली पुलिस को सूचना दी।
14 मई को पुलिस ने गुमशुदगी लिखी।
18 मई को मानवाधिकार आयोग को शिकायत भेजी।
20 मई को फतेहगढ़ कोतवाल से पिता मिला और प्रार्थना पत्र दिया।
25 मई को सीओ और एसपी को प्रार्थना पत्र दिया।
27 मई को आईजी के भरोसे के नंबर पर मैसेज किया।
29 मई को पुलिस ने गुमशुदगी को अपहरण में तरमीम किया।
2 जून को कानपुर आईजी को न्याय के लिए प्रार्थना पत्र भेजा।
10 जून को पुलिस महानिदेशक से पुलिस की लापरवाही की शिकायत भेजी।
18 जून को आईजी कानपुर को दोबारा प्रार्थना पत्र भेजा।
28 जून को डीएम और एसपी से मुलाकात कर प्रार्थना पत्र दिया।
14 जुलाई को नए एसपी से मुलाकात कर घटना बताई।
बेटा मरा हैं, मुझे न्याय चाहिए
घर का दीपक बुझने से परिवार पर गमों का पहाड़ टूटा। दीपक अपने माता- पिता का इकलौता बेटा था। उसकी मौत की खबर से परिवार के लोग पुलिस लाइन में एसपी से मिलने पहुंचे। एसपी दिनेश कुमार पी से मुलाकात करने पर दीपक की मां अलका कटियार ने कहा कि बेटा मरा हैं, मुझे न्याय चाहिए। एसपी ने परिवार के लोगों का न्याय दिलाने का आश्वासन दिया।
शनिवार को मृतक की मां अलका कटियार और पिता घनश्याम कटियार ने एसपी से मिलकर आरोप लगाया कि पुलिस की लापरवाही से उनके बेटे की जान गई है। फतेहगढ़ कोतवाल और सीओ सिटी को पकड़े गए आरोपी किशोर से पूछताछ करने के लिए कहा था। फिर भी उन्होंने अनसुना कर दिया गया। पांचाल घाट पर लगे सीसी टीवी कैमरों की फुटेज में पुत्र को
पकड़े गए युवक के साथ देखा गया था। यह फुटेज सीओ सिटी और फतेहगढ़ कोतवाल को दिखाए थे। फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। पकड़े गए आरोपी के रिश्तेदार का एक मकान आवास विकास में है। यह हमेशा बंद रहता है। इसको खुलवाकर दिखवाने के लिए भी सीओ सिटी से कई बार मांग की। फिर भी वह चुप रहे। परिजनों ने आरोप लगाया कि यदि उनके
बताए अनुसार भी जांच हुई होती तो संभव है कि उनका बेटा बच जाता। उन्होंने मामले में लापरवाही बरतने पर फतेहगढ़ कोतवाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कोतवाल की कार्यप्रणाली के खिलाफ जांच करने की जिम्मेदारी एएसपी को सौंपी है। एसपी ने कहा कि जांच रिपोर्ट आने पर कार्रवाई जरूर की जाएगी।
मेज पर भरी रिवाल्वर रखने पर कोतवाल को फटकारा
पुलिस लाइन सभागार में पत्रकार वार्ता के दौरान आरोपी से बरामद हुई उसके पिता की भरी हुई लाइसेंसी रिवाल्वर कोतवाल अनूप तिवारी नए एसपी के सामने मेज पर रख दी। यह देख एसपी हैरान रह गए। एसपी ने कोतवाल को बुलाकर डंाट लगाई। रिवाल्वर को खाली करने के निर्देश दिए। एसपी ने एएसपी से कहा कि कोतवाल यह तक नहीं जानते कि भरी हुई रिवाल्वर नहीं रखी जाती है। अगर गिरने से यह चल जाए तो कोई जख्मी हो सकता है।
पिता ने यह उठाए सवाल
एसपी के सामने घनश्याम कटियार ने कहा कि पकड़ा गया किशोर अकेला षडय़ंत्र रचकर घटना को अंजाम नहीं दे सकता है। इसमें अन्य लोग भी शामिल हैं। इन्हें पुलिस बचाना चाहती है। बरामद पैंट पर कोई दाग नहीं है। यह कहीं भी फटी हुई नहीं थी। कपड़े घर पर आकर दिखाए थे। कंकाल से पैट और कच्छा निकालते समय फटना व दाग लगना तय है। लेकि
ऐसा कुच भी नहीं हुआ। इस घटना के पीछे कुछ अन्य लोगों के होने की आशंका है। इसे पुलिस छिपा रही है। एसपी ने कहा कि विवेचना के प्रथम स्तर पर यह मामला सामने आया है। इस घटना में जो भी शामिल होगा,ब छोड़ा नहीं जाएगा। हर किसी को जेल भेजा जाएगा।
जन्मदिन से पहले आई मौत की खबर
पुलिस अधीक्षक से पुलिस लाइन में मिलने परिवार के साथ पहुंची मृतक की बहन राखी एसपी के सामने फफक कर रो पड़ी। बहन ने रोते हुए कहा कि भाई का 19 जुलाई को जन्म दिन था। वह भाई के लौटने का इंतजार कर रही थी। जन्म दिन के दो दिन पूर्व भाई के मरने की पुलिस ने सूचना दी है। मां अलका कटियार ने बताय कि 19 जुलाई 1997 को दीपक का जन्म हुआ था। पुत्री अपने भाई के लौटने का इंतजार कर रही थी। शुक्रवार को दीपक के मरने की पुलिस कर्मियों ने घर पर सूचना दी।
इससे फतेहगढ़ कोतवाल की कार्यप्रणाली भी संदेह के घेरे में आ गई है। दीपक की हत्या में पुलिस ने उसके नाबालिग दोस्त को मुख्य आरोपी बनाया है। उसके पास से लाइसेंसी रिवाल्वर और कारतूस बरामद करने का दावा किया है।
फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के खेरेपुर चौरासी निवासी घनश्याम कटियार के बेटे दीपक कटियार (18) को उसके मित्र ने 12
मई 2015 को मोबाइल पर कॉल कर घर से बुलाया था। उसके घर न लौटने पर पिता घनश्याम कटियार ने 14 मई को फतेहगढ़ कोतवाली में तहरीर दी। लेकिन पुलिस ने मामलो को गंभीरता से नहीं लिया। इस पर परिजनों ने एसपी से गुहार लगाई। फिर भी पुलिस हरकत में नहीं आई। केवल गुमशुदगी पर 29 मई को अपहरण में मुकदमा तरमीम कर लिया गया
और फिर सो गई। करीब दो माह बाद14 जुलाई को जिले में नए कप्तान दिनेश कुमार पी ने कार्यभार ग्रहण किया तो दीपक के परिवार के लोगों ने मुलाकात का अपना दुखड़ा सुनाया। पुलिस पर मामले की अनदेखी का आरोप लगाया। एसपी के निर्देश पर फतेहगढ़ कोतवाल, स्वाट टीम प्रभारी हरकत में आए और युवक की खोज में जुट गए। अगले ही दिन पुलिस ने
युवक के नाबालिग दोस्त को पकड़ कर पूछताछ की। पकड़े गए किशोर की निशानदेही पर पुलिस ने गंगा कटरी से कपड़े व चप्पल और साइकिल व मोबाइल बरामद कर लिया। पुलिस ने पकड़े गए किशोर को मुख्य आरोपी बनाकर खुलासे के लिए रुपयों और मेमोरी कार्ड के लेनदेन को हत्या का कारण बताया। घटना के खुलासे को लेकर शनिवार को पत्रकार वार्ता में पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार पी ने बताया कि पकड़ा गया किशोर मृत युवक का मित्र है। उन्होंने दावा किया कि रुपयों के
लेनदेन के विवाद में अपने पिता की रिवाल्वर से किशोर ने दीपक की गोली मार कर हत्या कर दी है। इस घटना को 12 मई के दिन ही अंजाम दिया गया था। खुलासे को पुलिस की गढ़ी कहानी पर परिवार के लोगों ने सवाल उठा दिए। परिजनों ने निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है।
पिता ने यहां-यहां लगाई थी गुहार
12 मई को दीपक गायब हुआ। कोतवाली पुलिस को सूचना दी।
14 मई को पुलिस ने गुमशुदगी लिखी।
18 मई को मानवाधिकार आयोग को शिकायत भेजी।
20 मई को फतेहगढ़ कोतवाल से पिता मिला और प्रार्थना पत्र दिया।
25 मई को सीओ और एसपी को प्रार्थना पत्र दिया।
27 मई को आईजी के भरोसे के नंबर पर मैसेज किया।
29 मई को पुलिस ने गुमशुदगी को अपहरण में तरमीम किया।
2 जून को कानपुर आईजी को न्याय के लिए प्रार्थना पत्र भेजा।
10 जून को पुलिस महानिदेशक से पुलिस की लापरवाही की शिकायत भेजी।
18 जून को आईजी कानपुर को दोबारा प्रार्थना पत्र भेजा।
28 जून को डीएम और एसपी से मुलाकात कर प्रार्थना पत्र दिया।
14 जुलाई को नए एसपी से मुलाकात कर घटना बताई।
बेटा मरा हैं, मुझे न्याय चाहिए
घर का दीपक बुझने से परिवार पर गमों का पहाड़ टूटा। दीपक अपने माता- पिता का इकलौता बेटा था। उसकी मौत की खबर से परिवार के लोग पुलिस लाइन में एसपी से मिलने पहुंचे। एसपी दिनेश कुमार पी से मुलाकात करने पर दीपक की मां अलका कटियार ने कहा कि बेटा मरा हैं, मुझे न्याय चाहिए। एसपी ने परिवार के लोगों का न्याय दिलाने का आश्वासन दिया।
शनिवार को मृतक की मां अलका कटियार और पिता घनश्याम कटियार ने एसपी से मिलकर आरोप लगाया कि पुलिस की लापरवाही से उनके बेटे की जान गई है। फतेहगढ़ कोतवाल और सीओ सिटी को पकड़े गए आरोपी किशोर से पूछताछ करने के लिए कहा था। फिर भी उन्होंने अनसुना कर दिया गया। पांचाल घाट पर लगे सीसी टीवी कैमरों की फुटेज में पुत्र को
पकड़े गए युवक के साथ देखा गया था। यह फुटेज सीओ सिटी और फतेहगढ़ कोतवाल को दिखाए थे। फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। पकड़े गए आरोपी के रिश्तेदार का एक मकान आवास विकास में है। यह हमेशा बंद रहता है। इसको खुलवाकर दिखवाने के लिए भी सीओ सिटी से कई बार मांग की। फिर भी वह चुप रहे। परिजनों ने आरोप लगाया कि यदि उनके
बताए अनुसार भी जांच हुई होती तो संभव है कि उनका बेटा बच जाता। उन्होंने मामले में लापरवाही बरतने पर फतेहगढ़ कोतवाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कोतवाल की कार्यप्रणाली के खिलाफ जांच करने की जिम्मेदारी एएसपी को सौंपी है। एसपी ने कहा कि जांच रिपोर्ट आने पर कार्रवाई जरूर की जाएगी।
मेज पर भरी रिवाल्वर रखने पर कोतवाल को फटकारा
पुलिस लाइन सभागार में पत्रकार वार्ता के दौरान आरोपी से बरामद हुई उसके पिता की भरी हुई लाइसेंसी रिवाल्वर कोतवाल अनूप तिवारी नए एसपी के सामने मेज पर रख दी। यह देख एसपी हैरान रह गए। एसपी ने कोतवाल को बुलाकर डंाट लगाई। रिवाल्वर को खाली करने के निर्देश दिए। एसपी ने एएसपी से कहा कि कोतवाल यह तक नहीं जानते कि भरी हुई रिवाल्वर नहीं रखी जाती है। अगर गिरने से यह चल जाए तो कोई जख्मी हो सकता है।
पिता ने यह उठाए सवाल
एसपी के सामने घनश्याम कटियार ने कहा कि पकड़ा गया किशोर अकेला षडय़ंत्र रचकर घटना को अंजाम नहीं दे सकता है। इसमें अन्य लोग भी शामिल हैं। इन्हें पुलिस बचाना चाहती है। बरामद पैंट पर कोई दाग नहीं है। यह कहीं भी फटी हुई नहीं थी। कपड़े घर पर आकर दिखाए थे। कंकाल से पैट और कच्छा निकालते समय फटना व दाग लगना तय है। लेकि
ऐसा कुच भी नहीं हुआ। इस घटना के पीछे कुछ अन्य लोगों के होने की आशंका है। इसे पुलिस छिपा रही है। एसपी ने कहा कि विवेचना के प्रथम स्तर पर यह मामला सामने आया है। इस घटना में जो भी शामिल होगा,ब छोड़ा नहीं जाएगा। हर किसी को जेल भेजा जाएगा।
जन्मदिन से पहले आई मौत की खबर
पुलिस अधीक्षक से पुलिस लाइन में मिलने परिवार के साथ पहुंची मृतक की बहन राखी एसपी के सामने फफक कर रो पड़ी। बहन ने रोते हुए कहा कि भाई का 19 जुलाई को जन्म दिन था। वह भाई के लौटने का इंतजार कर रही थी। जन्म दिन के दो दिन पूर्व भाई के मरने की पुलिस ने सूचना दी है। मां अलका कटियार ने बताय कि 19 जुलाई 1997 को दीपक का जन्म हुआ था। पुत्री अपने भाई के लौटने का इंतजार कर रही थी। शुक्रवार को दीपक के मरने की पुलिस कर्मियों ने घर पर सूचना दी।