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पुलिस ने दी दबिश, बस मालकिन हुई भूमिगत

Sat, 16 Jun 2018 11:04 PM IST
Updated Sat, 16 Jun 2018 11:04 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
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फर्रुखाबाद। मैनपुरी जिले में हुए हादसे के बाद बस मालकिन और उनके पति भूमिगत हो गए हैं। बस मालकिन को पकड़ने के लिए पुलिस ने घर पर दबिश दी। किसी के न मिलने पर बैरंग लौट आई। विमल चतुर्वेदी की एआरटीओ विभाग में अच्छी पैठ है। उनके पिता यहां सिपाही थे। इस कारण उसके सभी काम आसानी से हो जाते हैं।

मैनपुरी में स्लीपर बस पलटने से 17 की मौत और 25 से अधिक घायल होने पर एआरटीओ के पीटीओ ने बस मालकिन प्रीती पत्नी विमल चतुर्वेदी के खिलाफ शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने बस मालकिन को पकड़ने के लिए शुक्रवार रात उनके घर पर दबिश दी। घर में अन्य परिवार के लोग मौजूद थे, लेकिन प्रीती और उनके पति नहीं मिले। इस कारण पुलिस लौट आई।
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कादरीगेट चौकी प्रभारी ज्ञानेश्वर कुमार को विवेचना दी गई है। एफआईआर की कापी मिलते ही दरोगा ने जांच पड़ताल शुरू कर दी है। विमल चतुर्वेदी का एआरटीओ विभाग से पुराना नाता है। उनके पिता एआरटीओ विभाग में सिपाही थे। वह मैनपुरी, फर्रुखाबाद व कन्नौज जिले में तैनात रहे थे। पिता ने दो बसें राजस्थान रूट पर चलवानी शुरू की थी। पिता की मृत्यु के बाद विमल चतुर्वेदी ने कारोबार संभाला और बसों की संख्या बढ़ा ली।
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विमल चतुर्वेदी का एआरटीओ विभाग के अफसरों से पहले ही मिलना जुलना रहता था। उन्होंने एआरटीओ कार्यालय में एक दलाल भी रखा है, जो उनकी बसों की फिटनेस समेत अन्य कामों को देखता है। विभागीय अधिकारियों से पुराना नाता होने के कारण विमल चतुर्वेदी के सभी काम आसानी से दलाल के माध्यम से हो जाते हैं। यही कारण है विभागीय अधिकारी कार्रवाई करने से पीछे हट जाते हैं। पीटीओ वीके आनंद ने बताया कि छापेमारी की जा रही है। अगर बिना अभिलेख के बस मिलेगी, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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