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सिपाही पर लगाया रुपये मांगने का आरोप
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फर्रुखाबाद। शहर के रामलीला गड्ढा के टेंपो चालक महेंद्र हत्याकांड में पुलिस धरपकड़ अभियान चलाए है। एक युवक को हिरासत से छोड़ने के एवज में सिपाही पर 25 हजार रुपये मांगने का आरोप है। इससे खफा भाकियू नेत्री रविवार को कई महिलाओं संग कोतवाली पहुंचीं। उन्होंने हिरासत में बैठे युवक को निर्दोष बताया। कोतवाल ने उन्हें समझा-बुझाकर वापस कर दिया।
गुरुवार को हत्या के बाद रामलीला गड्ढा निवासी महेंद्र का शव कार में रखते वक्त बरामद हुआ था। मौके से पातीराम जाटव उर्फ दुर्गेश को पकड़ लिया गया था। भाई ने सूरज ने पातीराम और संदीप कोरी पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस घटना में कुछ और लोगों के शामिल होने की बात कह रही है। इसी शक में तीन दिन में कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर छोड़ चुकी है।
पुलिस ने शनिवार रात गंगानगर के एक युवक को हिरासत में लिया। इसकी जानकारी पर उसकी मौसी भाकियू नेत्री रजनी तिवारी अपने साथ सुषमा सिंह, तारा देवी, मनोरमा और कुसुमलता के लेकर कोतवाली पहुंचीं। उन्होंने कोतवाल से मिलकर सिपाही पर युवक को छोड़ने के एवज में 25 हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया। कहा कि युवक निर्दोष है।
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पुलिस पैसे वसूलने के लिए लोगों को उठा रही है। कोतवाल ने निर्दोष होने पर पूछताछ के बाद छोड़ने का आश्वासन दिया। इस पर वह चली गईं। कोतवाल वेदप्रकाश पांडेय ने बताया कि आरोप निराधार है। जिस सिपाही पर आरोप लगा रही हैं, वह हर वक्त उनके साथ रहता है।
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गुरुवार को हत्या के बाद रामलीला गड्ढा निवासी महेंद्र का शव कार में रखते वक्त बरामद हुआ था। मौके से पातीराम जाटव उर्फ दुर्गेश को पकड़ लिया गया था। भाई ने सूरज ने पातीराम और संदीप कोरी पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस घटना में कुछ और लोगों के शामिल होने की बात कह रही है। इसी शक में तीन दिन में कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर छोड़ चुकी है।
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पुलिस ने शनिवार रात गंगानगर के एक युवक को हिरासत में लिया। इसकी जानकारी पर उसकी मौसी भाकियू नेत्री रजनी तिवारी अपने साथ सुषमा सिंह, तारा देवी, मनोरमा और कुसुमलता के लेकर कोतवाली पहुंचीं। उन्होंने कोतवाल से मिलकर सिपाही पर युवक को छोड़ने के एवज में 25 हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया। कहा कि युवक निर्दोष है।
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पुलिस पैसे वसूलने के लिए लोगों को उठा रही है। कोतवाल ने निर्दोष होने पर पूछताछ के बाद छोड़ने का आश्वासन दिया। इस पर वह चली गईं। कोतवाल वेदप्रकाश पांडेय ने बताया कि आरोप निराधार है। जिस सिपाही पर आरोप लगा रही हैं, वह हर वक्त उनके साथ रहता है।