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एआरएम ने कर्मचारी नेता को सस्पेंड कराने की दी धमकी
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फर्रुखाबाद। रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद के कार्यशाला अध्यक्ष पंकज वर्मा ने जिलाधिकारी से शिकायत की कि 28 मार्च को दिल्ली भेजी गईं 42 बसें 29 मार्च को कार्यशाला पहुंचीं। बसों को बिना धुलवाए व सैनिटाइज कराए फिर भेज दिया गया।
इस पर उन्होंने बस कंडक्टर रफीक, फिटर मनोज गुप्ता व ठेकेदार संतराम के साथ जाकर एआरएम से बात की। कहा कि बिना धुलवाए बसों को मिस्त्री चेक कर रहे हैं, ऐसे में कोरोना वायरस से कर्मचारियों को भी खतरा है। इस पर एआरएम बिफर गए। कर्मचारी नेता को सस्पेंड करने की धमकी दे दी। कर्मचारी ने इसकी जानकारी फोन पर सिटी मजिस्ट्रेट को भी दी। बाद में ब्लीचिंग पाउडर घोलकर बसों में छिड़काव कराया गया।
वहीं सोमवार को भी सवारी लेकर लौटी बसों में की न तो धुलाई कराई गई और न ही सैनिटाइज। दोपहर में बस स्टेशन से दो सफाई कर्मियों को बुलाकर बसों में झाड़ू लगवा दी गई। इतना सब कुछ होने के बाद भी कर्मचारियों को मास्क मिले और न ही सैनिटाइजर। कर्मचारियों ने फाइलों में खरीद दिखाकर सरकारी धन के गोलमाल का आरोप लगाया। एआरएम अंकुर विकास ने बताया कि पहले मास्क बंटवाए जा चुके हैं। सोमवार को भी उन्होंने मास्क व सैनिटाइजर खरीदने को कर्मचारी भेजा था, लेकिन बाजार में ही नहीं मिला। किसी को उन्होंने सस्पेंड कराने की धमकी नहीं दी है।
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इस पर उन्होंने बस कंडक्टर रफीक, फिटर मनोज गुप्ता व ठेकेदार संतराम के साथ जाकर एआरएम से बात की। कहा कि बिना धुलवाए बसों को मिस्त्री चेक कर रहे हैं, ऐसे में कोरोना वायरस से कर्मचारियों को भी खतरा है। इस पर एआरएम बिफर गए। कर्मचारी नेता को सस्पेंड करने की धमकी दे दी। कर्मचारी ने इसकी जानकारी फोन पर सिटी मजिस्ट्रेट को भी दी। बाद में ब्लीचिंग पाउडर घोलकर बसों में छिड़काव कराया गया।
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वहीं सोमवार को भी सवारी लेकर लौटी बसों में की न तो धुलाई कराई गई और न ही सैनिटाइज। दोपहर में बस स्टेशन से दो सफाई कर्मियों को बुलाकर बसों में झाड़ू लगवा दी गई। इतना सब कुछ होने के बाद भी कर्मचारियों को मास्क मिले और न ही सैनिटाइजर। कर्मचारियों ने फाइलों में खरीद दिखाकर सरकारी धन के गोलमाल का आरोप लगाया। एआरएम अंकुर विकास ने बताया कि पहले मास्क बंटवाए जा चुके हैं। सोमवार को भी उन्होंने मास्क व सैनिटाइजर खरीदने को कर्मचारी भेजा था, लेकिन बाजार में ही नहीं मिला। किसी को उन्होंने सस्पेंड कराने की धमकी नहीं दी है।
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