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बतासा कारीगर की संदिग्ध हालात में मौत
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फर्रुखाबाद। शहर की बूरा वाली गली के पास बताशे की दुकान पर काम करने वाले कारीगर की दुकान के ऊपर बने कमरे में संदिग्ध हालात में मौत हो गई। पुलिस ने दरवाजे की कुंडी तोड़कर शव कब्जे में ले लिया है। कारीगर नशे का आदी था। सूचना पर भाई भी पहुंच गया। पोस्टमार्टम के बाद ही मौत के कारण का पता चल सकेगा।
शहर के मदारवाड़ी निवासी सुरेंद्र नाथ सक्सेना की बूरा वाली गली के पास बताशे की दुकान है। यहां जनपद हरदोई थाना पाली के गांव पटिया नीव निवासी सुनील शुक्ला (45) पुत्र रामचंद्र शुक्ला छह महीने से काम कर रहा था। तीन दिन पहले सुनील गांव चला गया। मंगलवार दोपहर नशे की हालत में लौटा, मगर काम नहीं किया। देर रात वह दुकान के ऊपर बने कमरे में रोज की तरह सोने चला गया। बुधवार सुबह 10 बजे जब वह काम पर नहीं पहुंचा, तो दुकान मालिक सुरेंद्र के पुत्र संजीव सक्सेना ने दूसरे कारीगर से फोन कराया, मगर रिसीव नहीं हुआ। इस पर वह करीब 11 बजे ऊपर गए।
कमरे में झांका, तो वह तखत पर करवट से लेटा था। आवाज पर कोई जवाब नहीं दिया, तो यूपी 112 पर सूचना दी। कुछ ही देर में घुमना चौकी प्रभारी शिवशंकर प्रसाद तिवारी पुलिस बल के साथ पहुंचे और कमरे की कुंडी तोड़कर देखा, तो वह मृत था। पुलिस ने उसके पास से मोबाइल बरामद किया। उसमें कई मिस्ड कॉल थीं। फोन किया, तो सभी दूसरे कारीगरों की निकलीं। काफी खोजबीन के बाद उसके भाई विनोद शुक्ला को बुलाया गया। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया। चौकी प्रभारी शिवशंकर प्रसाद तिवारी ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद ही मौत के कारण का पता चल सकेगा। भाई ने किसी तरह का कोई आरोप नहीं लगाया हैै।
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शहर के मदारवाड़ी निवासी सुरेंद्र नाथ सक्सेना की बूरा वाली गली के पास बताशे की दुकान है। यहां जनपद हरदोई थाना पाली के गांव पटिया नीव निवासी सुनील शुक्ला (45) पुत्र रामचंद्र शुक्ला छह महीने से काम कर रहा था। तीन दिन पहले सुनील गांव चला गया। मंगलवार दोपहर नशे की हालत में लौटा, मगर काम नहीं किया। देर रात वह दुकान के ऊपर बने कमरे में रोज की तरह सोने चला गया। बुधवार सुबह 10 बजे जब वह काम पर नहीं पहुंचा, तो दुकान मालिक सुरेंद्र के पुत्र संजीव सक्सेना ने दूसरे कारीगर से फोन कराया, मगर रिसीव नहीं हुआ। इस पर वह करीब 11 बजे ऊपर गए।
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कमरे में झांका, तो वह तखत पर करवट से लेटा था। आवाज पर कोई जवाब नहीं दिया, तो यूपी 112 पर सूचना दी। कुछ ही देर में घुमना चौकी प्रभारी शिवशंकर प्रसाद तिवारी पुलिस बल के साथ पहुंचे और कमरे की कुंडी तोड़कर देखा, तो वह मृत था। पुलिस ने उसके पास से मोबाइल बरामद किया। उसमें कई मिस्ड कॉल थीं। फोन किया, तो सभी दूसरे कारीगरों की निकलीं। काफी खोजबीन के बाद उसके भाई विनोद शुक्ला को बुलाया गया। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया। चौकी प्रभारी शिवशंकर प्रसाद तिवारी ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद ही मौत के कारण का पता चल सकेगा। भाई ने किसी तरह का कोई आरोप नहीं लगाया हैै।
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