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Farrukhabad News: सर्दी में बढ़े खांसी के मरीज, अस्पताल से सिरप खत्म
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फर्रुखाबाद। सर्दी जैसे-जैसे अपना असर दिखा रही है, वैसे ही खांसी, जुकाम व बुखार के मरीज भी बढ़ने लगे हैं। खांसी के औसतन रोजाना 125 मरीज पहुंच रहे हैं। फिर भी अस्पताल में खांसी की सिरप नहीं है। यही नहीं जोड़ों में दर्द के मरीज भी 100 पहुंच रहे, मगर उसका मरहम भी खत्म हो गया। ऐसे में मरीज बाजार से महंगे दामों से खरीदने को मजबूर हैं। जिम्मेदार इसे लेकर बेपरवाह बने हुए हैं।
डॉ. राममनोहर लोहिया पुरुष अस्पताल की ओपीडी में सर्दी का असर दिखने लगा है। रोजाना 600 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें औसतन 200 से अधिक जुकाम व बुखार के हैं। 125 के करीब मरीजों को खांसी की शिकायत हो रही है। यही नहीं 150 मरीज जोड़ दर्द की शिकायत लेकर पहुंचते हैं। ऐसे में अस्पताल में खांसी की ऐम्बरोसोल सिरप और जोड़ दर्द के लिए उपयोगी डाइक्लोफेनेक मरहम करीब 15 दिन से खत्म हो गया।
ऐसे में अस्पताल के जिम्मेदारों ने अभी तक इन दोनों दवाओं को मंगवाने की जरूरत नहीं समझी। लिहाजा बीमारी में आराम के लिए मरीज बाजार से महंगे दामों में खरीदने को मजबूर हैं। खांसी की सीरप 70 रुपये से शुरू होता है। कई कंपनियां तो 110 रुपये का सीरप भी बेच रही हैं। इसी तरह जोड़ दर्द के कई जेल भी बाजार में महंगे दामों के बिक रहे हैं।
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जीरियाट्रिक वार्ड के नाम पर खरीदा सिरप
अस्पताल में कुछ दिन पहले ही जीरियाट्रिक वार्ड में भर्ती होने वाले बुजुर्गों के लिए बाजार से खांसी की थ्रोट्स सिरप खरीदा गया है। एक सिरप की कीमत 72 रुपये बताई जा रही है। करीब 100 शीशियां खरीदी हैं। वह भी खत्म होने की बात कही जा रही है।
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अस्पताल के स्टोर में दवा खत्म होने से पहले ही मुख्य स्टोर के लिए डिमांड बनाकर भेज दी जाती है। रिमाइंडर भी भेजा गया है। फिलहाल आपूर्ति नहीं आई है। उनका प्रयास है कि एक-दो दिन में दोनों ही दवाओं की आपूर्ति हो जाए।
- डॉ. राजकुमार गुप्त, सीएमएस, डॉ. राममनोहर लोहिया पुरुष अस्पताल।
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डॉ. राममनोहर लोहिया पुरुष अस्पताल की ओपीडी में सर्दी का असर दिखने लगा है। रोजाना 600 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें औसतन 200 से अधिक जुकाम व बुखार के हैं। 125 के करीब मरीजों को खांसी की शिकायत हो रही है। यही नहीं 150 मरीज जोड़ दर्द की शिकायत लेकर पहुंचते हैं। ऐसे में अस्पताल में खांसी की ऐम्बरोसोल सिरप और जोड़ दर्द के लिए उपयोगी डाइक्लोफेनेक मरहम करीब 15 दिन से खत्म हो गया।
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ऐसे में अस्पताल के जिम्मेदारों ने अभी तक इन दोनों दवाओं को मंगवाने की जरूरत नहीं समझी। लिहाजा बीमारी में आराम के लिए मरीज बाजार से महंगे दामों में खरीदने को मजबूर हैं। खांसी की सीरप 70 रुपये से शुरू होता है। कई कंपनियां तो 110 रुपये का सीरप भी बेच रही हैं। इसी तरह जोड़ दर्द के कई जेल भी बाजार में महंगे दामों के बिक रहे हैं।
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जीरियाट्रिक वार्ड के नाम पर खरीदा सिरप
अस्पताल में कुछ दिन पहले ही जीरियाट्रिक वार्ड में भर्ती होने वाले बुजुर्गों के लिए बाजार से खांसी की थ्रोट्स सिरप खरीदा गया है। एक सिरप की कीमत 72 रुपये बताई जा रही है। करीब 100 शीशियां खरीदी हैं। वह भी खत्म होने की बात कही जा रही है।
अस्पताल के स्टोर में दवा खत्म होने से पहले ही मुख्य स्टोर के लिए डिमांड बनाकर भेज दी जाती है। रिमाइंडर भी भेजा गया है। फिलहाल आपूर्ति नहीं आई है। उनका प्रयास है कि एक-दो दिन में दोनों ही दवाओं की आपूर्ति हो जाए।
- डॉ. राजकुमार गुप्त, सीएमएस, डॉ. राममनोहर लोहिया पुरुष अस्पताल।