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सीटी स्कैन रिपोर्ट में कोरोना का संदेह, मेडिशन वार्ड सील
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लोहिया अस्पताल के मेडिसन विभाग को किया गाय सील।
- फोटो : FARRUKHABAD
सीटी स्कैन में कोरोना का संदेह, मेडिसिन वार्ड सील
फर्रुखाबाद। इमरजेंसी में भर्ती किए गए एनीमिया पीड़ित मरीज का तीन दिन बाद सीटी स्कैन कराया गया, तो उसकी रिपोर्ट कोरोना संदिग्ध आई। इससे मरीज को सैफई रेफर कर दिया गया और मेडिसिन वार्ड को सैनिटाइज करके सील कर दिया गया।
कंपिल थाना क्षेत्र के गांव पुरौली निवासी अधेड़ को एनीमिया के चलते पांच अगस्त की सुबह साढ़े 10 बजे इमरजेंसी में भर्ती कराया गया था। छह अगस्त की सुबह मेडिसिन वार्ड 11 में शिफ्ट कर दिया गया। वहां तीन यूनिट ब्लड चढ़ाया गया। प्रभारी सीएमएस डा. अशोक कुमार ने सात अगस्त को उसका सीटी स्कैन कराया।
शनिवार को आई रिपोर्ट में गंभीर कोरोना का संदेह जताया गया। सीटी स्कैन प्रभारी चंदन गौतम ने इसकी सूचना दी तो प्रभारी सीएमएस ने मरीज को सैफई रेफर कर दिया। इसके बाद मेडिसिन वार्ड को सैनिटाइज कराकर सील कर दिया गया।
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सीटी स्कैन और इमरजेंसी में चल रहा काम
अधेड़ के बाद अन्य मरीजों का भी सीटी स्कैन किया गया। इमरजेंसी में करीब 25 घंटे इलाज के बाद मेडिसिन वार्ड में भी स्टाफ ने इलाज किया। इलाज करने वाले डाक्टरों समेत अन्य स्टाफ में भी दहशत है।
इमरजेंसी स्टाफ की बात को तरजीह नहीं
इमरजेंसी में सुबह आठ बजे से डा. अरिदमन सिंह ड्यूटी कर रहे थे। मरीज के कोरोना संदिग्ध होने और मेडिसिन वार्ड सील होने पर पूरा स्टाफ प्रभारी सीएमएस डा. अशोक कुमार से मिला, मगर उन्होंने अपने स्तर से निर्णय लेने की बात कहकर लौटा दिया।
‘सीटी स्कैन में गंभीर कोरोना का संदेह बताया गया है। मरीज को सैफई भेजकर मेडिसिन वार्ड सील करवा दिया गया है। इमरजेंसी और सीटी स्कैन विभाग रोज ही सैनिटाइज होते हैं, इसलिए सील नहीं किए गए।’ -डा. अशोक कुमार, प्रभारी सीएमएस, लोहिया पुरुष अस्पताल
‘सीटी स्कैन की रिपोर्ट में यदि मरीज को कोरोना का संदेह दर्शाया गया है, तो सौ प्रतिशत कोरोना की रिपोर्ट पॉजिटिव ही आएगी। अभी तक की सभी रिपोर्टों में भी ऐसा ही हुआ है। सबसे पहला कोरोना टेस्ट भी सीटी स्कैन मशीन से ही हुआ था। बाद में अन्य माध्यमों से जांच शुरू की गई है।’ -चंदन गौतम, रेडियोग्राफर/सीटी स्कैन प्रभारी, लोहिया अस्पताल
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फर्रुखाबाद। इमरजेंसी में भर्ती किए गए एनीमिया पीड़ित मरीज का तीन दिन बाद सीटी स्कैन कराया गया, तो उसकी रिपोर्ट कोरोना संदिग्ध आई। इससे मरीज को सैफई रेफर कर दिया गया और मेडिसिन वार्ड को सैनिटाइज करके सील कर दिया गया।
कंपिल थाना क्षेत्र के गांव पुरौली निवासी अधेड़ को एनीमिया के चलते पांच अगस्त की सुबह साढ़े 10 बजे इमरजेंसी में भर्ती कराया गया था। छह अगस्त की सुबह मेडिसिन वार्ड 11 में शिफ्ट कर दिया गया। वहां तीन यूनिट ब्लड चढ़ाया गया। प्रभारी सीएमएस डा. अशोक कुमार ने सात अगस्त को उसका सीटी स्कैन कराया।
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शनिवार को आई रिपोर्ट में गंभीर कोरोना का संदेह जताया गया। सीटी स्कैन प्रभारी चंदन गौतम ने इसकी सूचना दी तो प्रभारी सीएमएस ने मरीज को सैफई रेफर कर दिया। इसके बाद मेडिसिन वार्ड को सैनिटाइज कराकर सील कर दिया गया।
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सीटी स्कैन और इमरजेंसी में चल रहा काम
अधेड़ के बाद अन्य मरीजों का भी सीटी स्कैन किया गया। इमरजेंसी में करीब 25 घंटे इलाज के बाद मेडिसिन वार्ड में भी स्टाफ ने इलाज किया। इलाज करने वाले डाक्टरों समेत अन्य स्टाफ में भी दहशत है।
इमरजेंसी स्टाफ की बात को तरजीह नहीं
इमरजेंसी में सुबह आठ बजे से डा. अरिदमन सिंह ड्यूटी कर रहे थे। मरीज के कोरोना संदिग्ध होने और मेडिसिन वार्ड सील होने पर पूरा स्टाफ प्रभारी सीएमएस डा. अशोक कुमार से मिला, मगर उन्होंने अपने स्तर से निर्णय लेने की बात कहकर लौटा दिया।
‘सीटी स्कैन में गंभीर कोरोना का संदेह बताया गया है। मरीज को सैफई भेजकर मेडिसिन वार्ड सील करवा दिया गया है। इमरजेंसी और सीटी स्कैन विभाग रोज ही सैनिटाइज होते हैं, इसलिए सील नहीं किए गए।’ -डा. अशोक कुमार, प्रभारी सीएमएस, लोहिया पुरुष अस्पताल
‘सीटी स्कैन की रिपोर्ट में यदि मरीज को कोरोना का संदेह दर्शाया गया है, तो सौ प्रतिशत कोरोना की रिपोर्ट पॉजिटिव ही आएगी। अभी तक की सभी रिपोर्टों में भी ऐसा ही हुआ है। सबसे पहला कोरोना टेस्ट भी सीटी स्कैन मशीन से ही हुआ था। बाद में अन्य माध्यमों से जांच शुरू की गई है।’ -चंदन गौतम, रेडियोग्राफर/सीटी स्कैन प्रभारी, लोहिया अस्पताल