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सधवाड़े में मजाक बना कंटेनमेंट जोन
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शहर के मोहल्ला सधवाड़ा में बने कंटेनमेंट जोन में लगी बल्लियों को फांद कर निकलते लोग।
- फोटो : FARRUKHABAD
सधवाड़े में मजाक बना कंटेनमेंट जोन
फर्रुखाबाद। शहर में बने कंटेनमेंट जोन मजाक बन गए हैं। सधवाड़ा मोहल्ले में 55 पॉजिटिव केस होने के बावजूद छपाई कारखाने धड़ल्ले से चल रहे हैं। लोगों का आवागमन भी हो रहा है। हद तो यह है कि दुकानें भी खुल रही हैं। प्रशासन का इस ओर कोई ध्यान नहीं है।
शहर में 89 एक्टिव केस हैं। इनके लिए 32 कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। सबसे ज्यादा 55 केस सधवाड़ा मोहल्ले में हैं। पूरे मोहल्ले को बल्लियां लगाकर सील किया गया है, मगर यह सब दिखावा साबित हो रहा है। कंटेनमेंट जोन में हालात ऐसे हैं कि करीब 35 छपाई कारखाने धड़ल्ले से चलाए जा रहे हैं। किसी भी वक्त नालियों में रंगीन पानी बहता देखा जा सकता है।
बुधवार दोपहर करीब एक बजे लोहाई रोड की तरफ लगी बल्लियों से कई तखत अंदर ले जाए जा रहे थे। उसी वक्त सात-आठ युवा और कई युवतियां मोहल्ले से बाहर आ रही थीं। कुछ युवतियां खरीदारी करके निकली थीं। इससे साफ है कि मोहल्ले की दुकानें भी खोली जा रही हैं। प्रशासन ने दिखावा करके कंटेनमेंट जोन तो बना दिए, मगर इसके बाद लोगों को अंदर रहने की देखरेख करने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की है।
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संक्रमण बढ़ने के बावजूद नहीं बनाए जा रहे कंटेनमेंट जोन
कमालगंज। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए शासन ने पॉजिटिव निकले व्यक्ति की गली को कंटेनमेंट जोन घोषित करने के लिए आदेश जारी किया गया है। लेकिन शासन के इस आदेश से कोई फर्क नहीं पड़ता। बीते सात दिन में कस्बे के मोहल्ला शास्त्री नगर में चार, आजाद नगर में दो, प्रताप नगर व अशोक नगर में एक-एक व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाए गए। लेकिन आज तक संक्रमितों की गली को सील नहीं किया गया। यहां लोग बेखौफ होकर घूम रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र में 42 से अधिक व्यक्ति संक्रमित पाए गए। यहां भी कंटेनमेंट जोन की कोई व्यवस्था नहीं की गई।
सीएचसी पर भी लापरवाही
कमालगंज। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर कोरोना जांच कराने को पहुंच रहे मरीज न तो मास्क पहनते हैं और न ही सामाजिक दूरी का पालन करते हैं। जांच कराने के बाद रिपोर्ट आने तक मरीज अस्पताल परिसर में ही टहलते रहते हैं। इससे लोगों में संक्रमण का खतरा रहता है। (संवाद)
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फर्रुखाबाद। शहर में बने कंटेनमेंट जोन मजाक बन गए हैं। सधवाड़ा मोहल्ले में 55 पॉजिटिव केस होने के बावजूद छपाई कारखाने धड़ल्ले से चल रहे हैं। लोगों का आवागमन भी हो रहा है। हद तो यह है कि दुकानें भी खुल रही हैं। प्रशासन का इस ओर कोई ध्यान नहीं है।
शहर में 89 एक्टिव केस हैं। इनके लिए 32 कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। सबसे ज्यादा 55 केस सधवाड़ा मोहल्ले में हैं। पूरे मोहल्ले को बल्लियां लगाकर सील किया गया है, मगर यह सब दिखावा साबित हो रहा है। कंटेनमेंट जोन में हालात ऐसे हैं कि करीब 35 छपाई कारखाने धड़ल्ले से चलाए जा रहे हैं। किसी भी वक्त नालियों में रंगीन पानी बहता देखा जा सकता है।
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बुधवार दोपहर करीब एक बजे लोहाई रोड की तरफ लगी बल्लियों से कई तखत अंदर ले जाए जा रहे थे। उसी वक्त सात-आठ युवा और कई युवतियां मोहल्ले से बाहर आ रही थीं। कुछ युवतियां खरीदारी करके निकली थीं। इससे साफ है कि मोहल्ले की दुकानें भी खोली जा रही हैं। प्रशासन ने दिखावा करके कंटेनमेंट जोन तो बना दिए, मगर इसके बाद लोगों को अंदर रहने की देखरेख करने के लिए कोई व्यवस्था नहीं की है।
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संक्रमण बढ़ने के बावजूद नहीं बनाए जा रहे कंटेनमेंट जोन
कमालगंज। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए शासन ने पॉजिटिव निकले व्यक्ति की गली को कंटेनमेंट जोन घोषित करने के लिए आदेश जारी किया गया है। लेकिन शासन के इस आदेश से कोई फर्क नहीं पड़ता। बीते सात दिन में कस्बे के मोहल्ला शास्त्री नगर में चार, आजाद नगर में दो, प्रताप नगर व अशोक नगर में एक-एक व्यक्ति कोरोना पॉजिटिव पाए गए। लेकिन आज तक संक्रमितों की गली को सील नहीं किया गया। यहां लोग बेखौफ होकर घूम रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र में 42 से अधिक व्यक्ति संक्रमित पाए गए। यहां भी कंटेनमेंट जोन की कोई व्यवस्था नहीं की गई।
सीएचसी पर भी लापरवाही
कमालगंज। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर कोरोना जांच कराने को पहुंच रहे मरीज न तो मास्क पहनते हैं और न ही सामाजिक दूरी का पालन करते हैं। जांच कराने के बाद रिपोर्ट आने तक मरीज अस्पताल परिसर में ही टहलते रहते हैं। इससे लोगों में संक्रमण का खतरा रहता है। (संवाद)