{"_id":"6994c5df80ce60e61b03b9c3","slug":"congress-leader-under-house-arrest-for-37-hours-farrukhabad-news-c-222-1-frk1001-137600-2026-02-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Farrukhabad News: 37 घंटे नजरबंद रहे कांग्रेस नेता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Farrukhabad News: 37 घंटे नजरबंद रहे कांग्रेस नेता
Wed, 18 Feb 2026 01:17 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Wed, 18 Feb 2026 01:17 AM IST
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। मनरेगा को लेकर प्रस्तावित विधानसभा भवन घेराव से पहले पुलिस ने जिले में कांग्रेस पदाधिकारियों पर कड़ी निगरानी रखी। कांग्रेस के नगर अध्यक्ष अंकुर मिश्रा को करीब 37 घंटे तक उनके आवास पर नजरबंद रखा गया। इसके साथ ही जिला प्रवक्ता वरुण त्रिपाठी, यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष अम्मार अली, जिला उपाध्यक्ष आरिफ खान समेत कई पदाधिकारियों के घरों पर भी पुलिस बल तैनात रहा।
नगर अध्यक्ष अंकुर मिश्रा ने आरोप लगाया कि उन्हें दो रात अपने ही घर में नजरबंद रखा गया। पुलिस ने उनकी गाड़ी के आगे अपनी गाड़ी खड़ी कर आवागमन रोक दिया। इससे वह सोमवार को कोर्ट भी नहीं जा सके। मंगलवार को भी दोपहर तीन बजे तक घर से निकलने नहीं दिया गया। इस दौरान दो से तीन चौकी प्रभारी और पुलिस फोर्स लगातार तैनात रही। नजरबंदी की सूचना पर दिनभर समर्थकों का आना-जाना लगा रहा।
एटा के प्रभारी कोऑर्डिनेटर शिवाशीष तिवारी ने बताया कि सोमवार शाम आठ बजे से मंगलवार दोपहर तीन बजे तक उन्हें हाउस अरेस्ट रखा गया। पुलिस ने आवास को घेर लिया था। कहा कि उन्हें और अन्य पदाधिकारियों को करीब 19 घंटे तक नजरबंद रखा गया। उन्होंने इसे सरकार की विफलता बताते हुए कहा कि अपराधियों की तरह व्यवहार किया गया। यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष अम्मार अली ने कहा कि वे लोकतांत्रिक तरीके से गरीबों के हित में विरोध दर्ज कराना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने घर में ही कैद कर लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
नगर अध्यक्ष अंकुर मिश्रा ने आरोप लगाया कि उन्हें दो रात अपने ही घर में नजरबंद रखा गया। पुलिस ने उनकी गाड़ी के आगे अपनी गाड़ी खड़ी कर आवागमन रोक दिया। इससे वह सोमवार को कोर्ट भी नहीं जा सके। मंगलवार को भी दोपहर तीन बजे तक घर से निकलने नहीं दिया गया। इस दौरान दो से तीन चौकी प्रभारी और पुलिस फोर्स लगातार तैनात रही। नजरबंदी की सूचना पर दिनभर समर्थकों का आना-जाना लगा रहा।
विज्ञापन
एटा के प्रभारी कोऑर्डिनेटर शिवाशीष तिवारी ने बताया कि सोमवार शाम आठ बजे से मंगलवार दोपहर तीन बजे तक उन्हें हाउस अरेस्ट रखा गया। पुलिस ने आवास को घेर लिया था। कहा कि उन्हें और अन्य पदाधिकारियों को करीब 19 घंटे तक नजरबंद रखा गया। उन्होंने इसे सरकार की विफलता बताते हुए कहा कि अपराधियों की तरह व्यवहार किया गया। यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष अम्मार अली ने कहा कि वे लोकतांत्रिक तरीके से गरीबों के हित में विरोध दर्ज कराना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने घर में ही कैद कर लिया।
विज्ञापन