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तहसील में कंप्यूटर चल रहे, स्कूल में हुए कंडम
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अमृतपुर। सरकार डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने के लिए पूरा जोर लगाए है। इसके लिए वह कोशिशें भी कर रही है लेकिन स्थानीय जिम्मेदार इसमें पलीता लगाने का काम भी कर रहे हैं। राजेपुर ब्लाक क्षेत्र के 24 स्कूलों में भेजे गए अधिकांश कंप्यूटर कंडम हो चुके। जबकि सही कंप्यूूटरों से अधिकारियों के कार्यालय में काम किया जा रहा है। तीन स्कूलों के तो कंप्यूटर प्रधानाध्यापक ही रिटायर होने के बाद घर उठा ले गए।
गौरतलब है कि परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को कंप्यूटर शिक्षा देने के शासन वर्ष 2003 से जोर लगाना शुरू किया लेकिन 17 साल बीतने के बावजूद कंप्यूूटर शिक्षा अधिकांश बच्चों तक नहीं पहुंची। कई बच्चों ने बताया कि उन्हें कंप्यूटर चलाना तो दूर उसकी डिवाइस तक की जानकारी नहीं हो सकी।
पता चला है कि स्कूलों के हालात सुधारने की कोशिश नहीं की गई बल्कि वहां के कई कंप्यूटर सरकारी कार्यालय पहुंच गए। 24 कंप्यूटरों में चार कंप्यूटर अमृतपुर तहसील में, एक एडीएम कार्यालय में, तीन बीआरसी में, जबकि तीन कंप्यूटर रिटायर्ड प्रधानाध्यापक अपने घर पर चला रहे हैैं। 11 स्कूलों के कंप्यूटर खराब पड़े हैं। इनके अलावा एक कंप्यूटर का पता नहीं है कि वह कहां गया और एक चोरी हो गया।
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क्या हुआ कंप्यूूटरों का : वित्तीय वर्ष 2003-04 में राजेपुर ब्लाक क्षेत्र के गांव सलेमपुर स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय का कंप्यूटर रिटायर होने के बाद प्रधानाध्यापक लेकर चले गए, जबकि इमादपुुर सोमवंशी स्थित स्कूल का कंप्यूटर कंडम होकर ठप पड़ा है। वर्ष 2007-08 में दो स्कूलों में कंप्यूटर आए। इनमें भुड़ियाभेड़ा स्कूल का कंप्यूटर प्रधानाध्यापक सेवानिवृत्ति के साथ उठा ले गए, जबकि गांधी स्कूल का कंप्यूूटर खराब पड़ा है। वर्ष 2008-09 में आए पांच कंप्यूूटरों में बदनपुर स्कूल का कंप्यूटर रिटायर्ड प्रधानाध्यापक के पास, जबकि नगला हूसा, हरिहरपुर, बरुआ व सबलपुर स्कूल के कंप्यूटर कंडम पड़े हैं।
दहेलिया स्कूल का कंप्यूटर तहसील में चलाया जा रहा है। वर्ष 2010-11 में आए चार कंप्यूटरों में सथरा व बहादुरपुर स्कूल के कंप्यूटर कंडम हो चुके, सवासी का टूट चुका है। वहीं शेराखार स्कूल का कंप्यूटर तहसील में चलाया जा रहा। वर्ष 2011-12 में छह स्कूलों के लिए कंप्यूटर खरीदे गए। इनमें अमृतपुर स्कूल का कंप्यूटर चोरी हो गया, जबकि बर्राखेड़ा स्कूल में कंप्यूटर का पता ही नहीं। इमादपुर सोमवंशी व तुर्कहटा स्कूल के कंप्यूटर अमृतपुर तहसील में हैं। दारापुर व अमैयापुर के कंप्यूटर ठप पड़े हैं। वर्ष 2018-19 में आए राजेपुर स्कूल का कंप्यूटर एडीएम कार्यालय में चल रहा, जबकि गांव कड़क्का, दौलतपुर चकई व मोकुलपुर स्कूल में कंप्यूटर चालू हालत में बीआरसी पर रखेेे हैं।
इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी रमेश चंद्र जौहर ने बताया कि उनकी तैनाती से पहले ही कंप्यूूटरों की खरीद हुई और सरकारी कार्यालयों में पहुंच चुके हैं। संबंधित स्कूलों के कंप्यूटर वापस कराने के लिए वह बीएसए को पत्र भेजेंगे। वहीं घर पर कंप्यूटर ले जाने वाले रिटायर्ड प्रधानाध्यापकों को नोटिस दिया जाएगा। कंप्यूटर वापस न करने पर उनकी पेंशन से रिकवरी की जाएगी।
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गौरतलब है कि परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को कंप्यूटर शिक्षा देने के शासन वर्ष 2003 से जोर लगाना शुरू किया लेकिन 17 साल बीतने के बावजूद कंप्यूूटर शिक्षा अधिकांश बच्चों तक नहीं पहुंची। कई बच्चों ने बताया कि उन्हें कंप्यूटर चलाना तो दूर उसकी डिवाइस तक की जानकारी नहीं हो सकी।
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पता चला है कि स्कूलों के हालात सुधारने की कोशिश नहीं की गई बल्कि वहां के कई कंप्यूटर सरकारी कार्यालय पहुंच गए। 24 कंप्यूटरों में चार कंप्यूटर अमृतपुर तहसील में, एक एडीएम कार्यालय में, तीन बीआरसी में, जबकि तीन कंप्यूटर रिटायर्ड प्रधानाध्यापक अपने घर पर चला रहे हैैं। 11 स्कूलों के कंप्यूटर खराब पड़े हैं। इनके अलावा एक कंप्यूटर का पता नहीं है कि वह कहां गया और एक चोरी हो गया।
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क्या हुआ कंप्यूूटरों का : वित्तीय वर्ष 2003-04 में राजेपुर ब्लाक क्षेत्र के गांव सलेमपुर स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय का कंप्यूटर रिटायर होने के बाद प्रधानाध्यापक लेकर चले गए, जबकि इमादपुुर सोमवंशी स्थित स्कूल का कंप्यूटर कंडम होकर ठप पड़ा है। वर्ष 2007-08 में दो स्कूलों में कंप्यूटर आए। इनमें भुड़ियाभेड़ा स्कूल का कंप्यूटर प्रधानाध्यापक सेवानिवृत्ति के साथ उठा ले गए, जबकि गांधी स्कूल का कंप्यूूटर खराब पड़ा है। वर्ष 2008-09 में आए पांच कंप्यूूटरों में बदनपुर स्कूल का कंप्यूटर रिटायर्ड प्रधानाध्यापक के पास, जबकि नगला हूसा, हरिहरपुर, बरुआ व सबलपुर स्कूल के कंप्यूटर कंडम पड़े हैं।
दहेलिया स्कूल का कंप्यूटर तहसील में चलाया जा रहा है। वर्ष 2010-11 में आए चार कंप्यूटरों में सथरा व बहादुरपुर स्कूल के कंप्यूटर कंडम हो चुके, सवासी का टूट चुका है। वहीं शेराखार स्कूल का कंप्यूटर तहसील में चलाया जा रहा। वर्ष 2011-12 में छह स्कूलों के लिए कंप्यूटर खरीदे गए। इनमें अमृतपुर स्कूल का कंप्यूटर चोरी हो गया, जबकि बर्राखेड़ा स्कूल में कंप्यूटर का पता ही नहीं। इमादपुर सोमवंशी व तुर्कहटा स्कूल के कंप्यूटर अमृतपुर तहसील में हैं। दारापुर व अमैयापुर के कंप्यूटर ठप पड़े हैं। वर्ष 2018-19 में आए राजेपुर स्कूल का कंप्यूटर एडीएम कार्यालय में चल रहा, जबकि गांव कड़क्का, दौलतपुर चकई व मोकुलपुर स्कूल में कंप्यूटर चालू हालत में बीआरसी पर रखेेे हैं।
इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी रमेश चंद्र जौहर ने बताया कि उनकी तैनाती से पहले ही कंप्यूूटरों की खरीद हुई और सरकारी कार्यालयों में पहुंच चुके हैं। संबंधित स्कूलों के कंप्यूटर वापस कराने के लिए वह बीएसए को पत्र भेजेंगे। वहीं घर पर कंप्यूटर ले जाने वाले रिटायर्ड प्रधानाध्यापकों को नोटिस दिया जाएगा। कंप्यूटर वापस न करने पर उनकी पेंशन से रिकवरी की जाएगी।