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Farrukhabad News: इमरजेंसी से वार्डों तक अव्यवस्था, हाथ-पांव फूले

Fri, 19 May 2023 12:53 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद Updated Fri, 19 May 2023 12:53 AM IST
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Chaos from emergency to wards, swollen hands and feet
फर्रुखाबाद। नवाबगंज के गांव में फूड प्वाइजनिंग के शिकार ग्रामीणों का लोहिया अस्पताल में आना शुरू हुआ, तो स्टाफ के हाथ-पांव फूल गए। पांच डॉक्टरों, चार फार्मासिस्टों ने इंटर्नशिप छात्रों की मदद से हालात पर काबू पाया। इमरजेंसी, बच्चा, पीकू, आइसोलेशन व डेंगू वार्ड फुल हो गए। एक-एक बेड पर तीन-तीन मरीजों को भर्ती करना पड़ा।
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नवाबगंज गांव के नगला चंदेला में फूड प्वाइजनिंग के मरीजों को लेकर पहली एंबुलेंस बुधवार रात करीब 12.45 बजे लोहिया अस्पताल पहुंची। इसके बाद एक-एक एंबुलेंस में छह-छह मरीजों को लेकर पहुंचना शुरू हो गया। एक साथ मरीजों के आने से इमरजेंसी स्टाफ के हाथ-पांव फूल गए। सूचना मिलते ही सीएमएस डॉ. राजकुमार गुप्त इमरजेंसी पहुंचे। उन्होंने डॉ. कृष्णकुमार, डॉ. किरीटी कनौजिया समेत पांच डॉक्टरों को बुला लिया। यही नहीं फार्मासिस्ट जावेद खान, सत्येंद्र सिंह आदि पहुंचे। उन्होंने इंटर्नशिप के छात्रों की मदद से बीएसटी बनाकर दवाएं लगवाकर मरीजों को वार्डों में पहुंचाना शुरू कर दिया। आधा घंटे में ही इमरजेंसी बच्चा वार्ड, इमरजेंसी महिला-पुरुष वार्ड फुल हो गए। एक-एक बेड पर तीन-तीन मरीजों को लिटाना पड़ा।
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मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या को देख इंजेक्शन, बोतल लगाने के बाद सीधे पीकू वार्ड, आइसोलेशन वार्ड, डेंगू वार्ड में भर्ती कराए गए। रात ढाई बजे सीएमओ डॉ. अवनींद्र कुमार ने मरीजों का हाल जाना। वार्डों में सभी बेडों पर दो-दो मरीज भर्ती किए गए। अस्पताल में कुल 80 मरीज पहुंचे। इन मरीजों को इलाज के बाद आराम मिलना शुरू हो गया।
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अस्पताल में भर्ती कविता बताती हैं कि उनके परिवार के सभी बच्चे व महिलाएं, युवतियों को उल्टी-दस्त हुए हैं। युवकों में कुछ ऐसे लोग भी हैं, जिन्होंने प्रसाद खाया मगर कोई दिक्कत नहीं हुई। किसी को एकाध दस्त ही हुए हैं। रामदेवी कहती हैं कि सबसे ज्यादा बच्चों की चिंता थी। एक साथ उल्टी दस्त होने से संभालने वाला भी नहीं था। यदि एक साथ एंबुलेंसों से अस्पताल पहुंचाने में देरी हो जाती, तो बड़ी घटना हो सकती थी।
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