फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Farrukhabad News ›   Changes in MNREGA are expected, work has stopped in 85 panchayats of Kamalganj.

Farrukhabad News: मनरेगा में बदलाव की आहट, कमालगंज की 85 पंचायतों में काम बंद

Wed, 17 Dec 2025 12:02 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 17 Dec 2025 12:02 AM IST
विज्ञापन
Changes in MNREGA are expected, work has stopped in 85 panchayats of Kamalganj.
कमालगंज। ग्राम्य विकास व अकुशल ग्रामीण श्रमिकों की रोजगार गारंटी की अहम कड़ी माने जाने वाली मनरेगा में बदलाव की आहट चर्चा में है। साल में सौ दिन के बजाय 125 दिन के रोजगार की गारंटी, फसलों की बोआई व कटाई के समय काम बंद रखे जाने जैसे प्रस्तावित बिंदुओं को अच्छा बताया जा रहा है। वर्तमान स्थिति देखी जाए तो इस समय ब्लाक की 118 में से 85 पंचायतों में मनरेगा काम बंद चल रहा है।
विज्ञापन


विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन के नाम से नया कानून बनाए जाने की तैयारी को लेकर मंगलवार को ब्लाक कार्यालय में भी चर्चा रही। पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि नए कानून में अकुशल श्रमिकों को साल में 25 दिन अधिक रोजगार की बात सराहना वाला कदम माना जाएगा। इसके साथ ही आलू,गेहूं, मक्का, धान, मूंगफली जैसी महत्वपूर्ण फसलों की बोआई व कटाई के समय काम रुके रहने की बात भी सही निर्णय होगा। मालूम हो कि मनरेगा में कुल काम में से 60 प्रतिशत कच्चे कामों में चकरोड, खेत समतलीकरण, पौधरोपण, तालाब व नाला खोदाई, झाड़ियों की सफाई जैसे काम होते हैं। वहीं 40 प्रतिशत में पक्के कामों में नाला निर्माण, इंटरलॉकिंग, पशुशेड,अन्नपूर्णा भवन आदि के काम भी शामिल हैं।
विज्ञापन


मनरेगा में भ्रष्टाचार का घुन लगे होने के आरोप भी लगते है। चर्चा है कि इस घुन के कारण कुछ प्रधानों ने मनरेगा के काम कराने से ही तौबा कर ली। वहीं मनरेगा का काम कराने वाले प्रधानों पर भी आरोप लग जाता है। हालांकि डिजिटल उपस्थिति, सोशल ऑडिट, मनरेगा लोकपाल जैसी व्यवस्था पहले से बनी हुई है। लोगों का मानना है कि नए कानून में अधिक पारदर्शिता हो। काम की स्वीकृति के लिए लॉगिन पर कोई अधिकारी एक सप्ताह से ज्यादा विलंब करे तो जवाबदेही तय हो। स्वीकृति से भुगतान तक की व्यवस्था और अधिक प्रभावी हो। बीडीओ अनिल चंद्र का कहना है कि जब से वह आए हैं। काम पारदर्शिता से हो रहे हैं। जीरो काम वाली पंचायतों में मनरेगा काम शुरू कराने पर जोर दिया जा रहा है। अभी नए कानून की जानकारी नहीं है। कानून जन आकांक्षाओं के अनुरूप ही बनाया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed