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चाचा-भतीजे को हत्या में सश्रम आजीवन कारावास
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फर्रुखाबाद। अपर जिला जज देवेंद्र प्रताप सिंह ने हत्या के मुकदमे में चाचा-भतीजे को दोषी पाकर सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 20-20 हजार रुपये जुर्माना किया है।
मोहम्मदाबाद कोतवाली के गांव ईसेपुर निवासी अवधेश सिंह 27 मार्च 2007 को अपने मकान में दक्षिण ओर खिड़की लगवा रहे थे। इसी दौरान गांव के देव सिंह, इनका पुत्र श्याम पाल सिंह उर्फ जुग्गड़ सिंह अपने भतीजे अनिल सिंह के साथ आए और खिड़की लगाने से रोका।
अवधेश ने खिड़की वाली दिशा में ग्रामसभा की जमीन होने की बात कही। इसको लेकर तीनों लोग गालीगलौज करने लगे। अवधेश के न मानने पर तीनों लोगों ने फायरिंग शुरू कर दी। छत पर खड़े अवधेश सिंह की गोली लगने से मौत हो गई।
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भाई इंद्रेश सिंह ने तीनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच कर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपी देवसिंह की मौत हो गई।
चाचा-भतीजे पर मुकदमा चला। बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अभिषेक सक्सेना ने दलीलें पेश कीं। सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने आरोपी चाचा-भतीजे को हत्या में सजा और जुर्माने से दंडित किया है। जेल में बिताई अवधि को सजा में समायोजित करने का आदेश दिया है।
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मोहम्मदाबाद कोतवाली के गांव ईसेपुर निवासी अवधेश सिंह 27 मार्च 2007 को अपने मकान में दक्षिण ओर खिड़की लगवा रहे थे। इसी दौरान गांव के देव सिंह, इनका पुत्र श्याम पाल सिंह उर्फ जुग्गड़ सिंह अपने भतीजे अनिल सिंह के साथ आए और खिड़की लगाने से रोका।
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अवधेश ने खिड़की वाली दिशा में ग्रामसभा की जमीन होने की बात कही। इसको लेकर तीनों लोग गालीगलौज करने लगे। अवधेश के न मानने पर तीनों लोगों ने फायरिंग शुरू कर दी। छत पर खड़े अवधेश सिंह की गोली लगने से मौत हो गई।
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भाई इंद्रेश सिंह ने तीनों आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने जांच कर अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान आरोपी देवसिंह की मौत हो गई।
चाचा-भतीजे पर मुकदमा चला। बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अभिषेक सक्सेना ने दलीलें पेश कीं। सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने आरोपी चाचा-भतीजे को हत्या में सजा और जुर्माने से दंडित किया है। जेल में बिताई अवधि को सजा में समायोजित करने का आदेश दिया है।