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इटावा-बरेली हाईवे पर लगे जाम में फंसे सीडीओ
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आरटीओ कार्यालय के सामने लगा जाम।
- फोटो : FARRUKHABAD
एआरटीओ कार्यालय में फिटनेस के लिए आए वाहनों के इटावा-बरेली हाईवे पर सड़क के दोनों ओर खड़े होने से बुधवार को लंबा जाम लग गया। सीडीओ भी जाम में फंस गए। उनकी कार का चालक सायरन बजाता रहा पर कोई वाहन आगे से नहीं हट सका। एआरटीओ कार्यालय के बाहर लगे सिपाही हरकत में आए तब कहीं जाकर आधे घंटे की मशक्कत के बाद जाम खुल सका।
एआरटीओ कार्यालय इटावा-बरेली हाईवे पर है। कार्यालय में वाहन फिटनेस के लिए आते हैं। वाहन को खड़ा करने के लिए विभाग के पास कोई मैदान व जगह नहीं है। इससे वाहन हाईवे दोनों ओर खड़े कर दिए जाते हैं। वाहनों का भौतिक सत्यापन तीन बजे के बाद किया जाता है।
ऐसा ही बुधवार को हुआ। इसके चलते दोपहर को हाईवे पर लंबा जाम लग गया। सेंट्रल जेल चौकी की ओर से आ रहे सीडीओ डॉ. राजेंद्र पैंसिया की कार भी जाम में फंस गई। उनका चालक सायरन बजाता रहा, लेकिन वाहन नहीं हट सके। उनके चालक की ट्रक के चालक से कहा सुनी भी हुई।
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सायरन की आवाज सुनकर एआरटीओ कार्यालय में ड्यूटी पर लगे सिपाही हरकत में आए और उन्होंने प्रयास करके जाम खुलवाया। तब कहीं जाकर सीडीओ की कार वहां से निकल सकी। आसपास के लोग भी वहां प्रतिदिन लगने वाले जाम से परेशान हैं।
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एआरटीओ कार्यालय इटावा-बरेली हाईवे पर है। कार्यालय में वाहन फिटनेस के लिए आते हैं। वाहन को खड़ा करने के लिए विभाग के पास कोई मैदान व जगह नहीं है। इससे वाहन हाईवे दोनों ओर खड़े कर दिए जाते हैं। वाहनों का भौतिक सत्यापन तीन बजे के बाद किया जाता है।
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ऐसा ही बुधवार को हुआ। इसके चलते दोपहर को हाईवे पर लंबा जाम लग गया। सेंट्रल जेल चौकी की ओर से आ रहे सीडीओ डॉ. राजेंद्र पैंसिया की कार भी जाम में फंस गई। उनका चालक सायरन बजाता रहा, लेकिन वाहन नहीं हट सके। उनके चालक की ट्रक के चालक से कहा सुनी भी हुई।
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सायरन की आवाज सुनकर एआरटीओ कार्यालय में ड्यूटी पर लगे सिपाही हरकत में आए और उन्होंने प्रयास करके जाम खुलवाया। तब कहीं जाकर सीडीओ की कार वहां से निकल सकी। आसपास के लोग भी वहां प्रतिदिन लगने वाले जाम से परेशान हैं।