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Farrukhabad News: सीसीटीवी कैमरे की जनता पर नजर, काउंटरों पर उगाही की छूट
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फर्रुखाबाद। दफ्तरों में आने वाली जनता ही नहीं, बल्कि मुलाजिमों की कारगुजारियों पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाते हैं। एआरटीओ दफ्तर ऐसा है कि वहां लगे तीन कैमरों में ड्राइविंग लाइसेंस के फोटो खींचने वाले काउंटर के अलावा किसी पर भी निगरानी नहीं है। दो अन्य कैमरे जनता के आने और बाहर निकलने पर नजर रखने के लिए लगाए गए हैं। इन कैमरों में हर वक्त कैद होने वाले दलालों को जिम्मेदार नहीं पहचानते। सूत्र बताते हैं कि शाम को तय समय पर एक कैमरे बंद करवा दिया जाता है।
एआरटीओ दफ्तर में खुलेआम हो रहे रुपये के लेनदेन का मामला सामने आने के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं। पिछले महीने आरटीओ बांदा के निरीक्षण में अधिकांश सीसीटीवी कैमरे बंद मिले थे। उन्होंने इन्हें चालू कराने के निर्देश दिए थे। कुछ दिन पहले इन्हें सही करवाया गया।
भूतल में ड्राइविंग लाइसेंस के लिए फोटो खींचने, भारी वाहन फिटनेस, हल्के वाहन फिटनेस, कैश समेत अन्य काउंटर जनता के सीधे काम के लिए बने हैं। यहां जनता तो नहीं, बल्कि दो-चार फाइलें हाथ में लिए अधिकांश दलालों की आवाजाही रहती है। दफ्तर में घुसने वाले पर नजर रखने और काम करवाकर लौटने पर उनका चेहरा दिखे, इस लोकेशन के दो कैमरे लगे हैं। फोटो खींचने के काउंटर पर भी एक कैमरा लगा है। वहीं, किसी भी काउंटर पर काम करने वाले कर्मचारी पर नजर रखने की लोकेशन पर कोई कैमरा नहीं लगा।
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मंगलवार को अमर उजाला में जिस काउंटर का रुपये लेते खबर छपी, उस पर गेट पर लगे कैमरे की नजर रहती है। दफ्तर के सूत्र बताते हैं कि शाम को तय समय पर वह कैमरा बंद कर दिया जाता है। हालांकि उससे पहले भी दलालों की आवाजाही पर दफ्तर के जिम्मेदार रोक लगाने में पूरी तरह नाकाम हैं। आरटीओ राकेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि शीघ्र ही बदलाव दिखेगा। कई बिंदुओं पर काम किया है। जो गड़बड़ी करेगा, उस पर कार्रवाई होगी। सीसीटीवी कैमरों की पहुंच भी बढ़ाई जाएगी।
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लिपिक को आरटीओ ने किया तलब, घंटे भर भटके लोग
लिपिक सुधीर कुमार तिवारी को आरटीओ ने दो बार तलब किया। दोनों बार 20-25 मिनट के लिए उनके चले जाने के समय आवेदक और कुछ दलाल इंतजार में परेशान होते रहे। इसमें बच्चों के साथ महिलाएं भी शामिल रहीं।
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अवकाश पर दो लिपिक, कामकाज प्रभावित
एआरटीओ दफ्तर के वरिष्ठ लिपिक रवि प्रताप सिंह और लिपिक अरविंद कुमार स्वास्थ्य खराब होने से लंबे अवकाश पर हैं। यही वजह है कि दोनों लिपिकों से संबंधित काम के लिए आने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अब करीब 15 महीने अवकाश के बाद लौटे लिपिक विवेक भटनागर की वजह से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
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एआरटीओ दफ्तर में खुलेआम हो रहे रुपये के लेनदेन का मामला सामने आने के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं। पिछले महीने आरटीओ बांदा के निरीक्षण में अधिकांश सीसीटीवी कैमरे बंद मिले थे। उन्होंने इन्हें चालू कराने के निर्देश दिए थे। कुछ दिन पहले इन्हें सही करवाया गया।
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भूतल में ड्राइविंग लाइसेंस के लिए फोटो खींचने, भारी वाहन फिटनेस, हल्के वाहन फिटनेस, कैश समेत अन्य काउंटर जनता के सीधे काम के लिए बने हैं। यहां जनता तो नहीं, बल्कि दो-चार फाइलें हाथ में लिए अधिकांश दलालों की आवाजाही रहती है। दफ्तर में घुसने वाले पर नजर रखने और काम करवाकर लौटने पर उनका चेहरा दिखे, इस लोकेशन के दो कैमरे लगे हैं। फोटो खींचने के काउंटर पर भी एक कैमरा लगा है। वहीं, किसी भी काउंटर पर काम करने वाले कर्मचारी पर नजर रखने की लोकेशन पर कोई कैमरा नहीं लगा।
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मंगलवार को अमर उजाला में जिस काउंटर का रुपये लेते खबर छपी, उस पर गेट पर लगे कैमरे की नजर रहती है। दफ्तर के सूत्र बताते हैं कि शाम को तय समय पर वह कैमरा बंद कर दिया जाता है। हालांकि उससे पहले भी दलालों की आवाजाही पर दफ्तर के जिम्मेदार रोक लगाने में पूरी तरह नाकाम हैं। आरटीओ राकेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि शीघ्र ही बदलाव दिखेगा। कई बिंदुओं पर काम किया है। जो गड़बड़ी करेगा, उस पर कार्रवाई होगी। सीसीटीवी कैमरों की पहुंच भी बढ़ाई जाएगी।
लिपिक को आरटीओ ने किया तलब, घंटे भर भटके लोग
लिपिक सुधीर कुमार तिवारी को आरटीओ ने दो बार तलब किया। दोनों बार 20-25 मिनट के लिए उनके चले जाने के समय आवेदक और कुछ दलाल इंतजार में परेशान होते रहे। इसमें बच्चों के साथ महिलाएं भी शामिल रहीं।
अवकाश पर दो लिपिक, कामकाज प्रभावित
एआरटीओ दफ्तर के वरिष्ठ लिपिक रवि प्रताप सिंह और लिपिक अरविंद कुमार स्वास्थ्य खराब होने से लंबे अवकाश पर हैं। यही वजह है कि दोनों लिपिकों से संबंधित काम के लिए आने वाले लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अब करीब 15 महीने अवकाश के बाद लौटे लिपिक विवेक भटनागर की वजह से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।