फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Farrukhabad News ›   CAA is a law to give citizenship, not to be snatched: DM

सीएए नागरिकता देने का कानून है, छीनने का नहीं : डीएम

Sat, 21 Dec 2019 11:45 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 21 Dec 2019 11:45 PM IST
विज्ञापन
CAA is a law to give citizenship, not to be snatched: DM
फर्रुखाबाद। कलेक्ट्रेट सभागार में शनिवार शाम जिलाधिकारी की अध्यक्षता में पीस कमेटी की बैठक हुई। इसमें डीएम ने कहा कि सीएए नागरिकता देने का कानून है, छीनने का नहीं।
विज्ञापन

जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 के विरोध को लेकर शनिवार शाम कलेक्ट्रेट सभागार में अल्पसंख्यकों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि शहर में भ्रमण कर अल्पसंख्यक समाज से संवाद कर समझाने का प्रयास किया गया। इसमें आश्वासन देने के बाद भी शहर में अप्रिय घटना हुई जो सरासर गलत है। यदि इस प्रकार की घटना को दोबारा अंजाम देने का प्रयास किया गया तो बड़ी कार्रवाई की जाएगी। कानून की अनदेखी करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। विगत घटना में शामिल अराजकतत्वों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने अपील की कि किसी प्रकार की घटना, अराजकता या अराजकतत्व का संदेश हो तो उसकी सूचना सीधे जिला प्रशासन को दी जाए। जिले की गंगा-जमुनी तहजीब, शांति व सौहार्द बरकरार कायम रखने में सहयोग करें। अराजकतत्वों पर ध्यान न देकर अपने काम पर ध्यान दें और परिवार में रहें। धरना प्रदर्शन या जुलूस न निकालें। जिलाधिकारी ने बताया कि नागरिकता संशोधन अधिनियम- 2019 (सीएए) सिर्फ नागरिकता देने के लिए है, किसी की नागरिकता छीनने का अधिकार इस कानून में नहीं है। भारत के अल्पसंख्यकों विशेषकर मुसलमानों का इससे कोई अहित नहीं है। यह कानून किसी भी भारतीय हिन्दू, मुसलमान आदि को प्रभावित नहीं करेगा। इसके तहत पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में धार्मिक उत्पीड़न के कारण यहां से आए हिन्दू, ईसाई, सिख, पारसी, जैन और बौद्ध धर्म को मानने वाले शरणार्थियों को भारत की नागरिकता दी जाएगी जो 31 दिसंबर, 2014 से पूर्व भारत में रह रहे हों तथा जो केवल इन तीन देशों से धर्म के आधार पर प्रताड़ित किए गए हों। अभी तक भारतीय नागरिकता लेने के लिए 11 साल भारत में रहना अनिवार्य था। यह कानून केवल उन लोगों के लिए है, जिन्होंने वर्षों से बाहर उत्पीड़न का सामना किया और उनके पास भारत आने के अलावा और कोई जगह नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed