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Farrukhabad News: मृत व्यापारी की फर्म का लाइसेंस का नवीनीकरण कर किया करोड़ों का कारोबार

Sat, 19 Oct 2024 01:24 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 19 Oct 2024 01:24 AM IST
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Business worth crores done by renewing license of dead businessman's firm
फर्रुखाबाद। शहर की सातनपुर आलू मंडी में मृत व्यापारी की फर्म के लाइसेंस का नवीनीकरण कर करोड़ों का कारोबार किया गया। मंडी शुल्क वसूली को लेकर सख्ती हुई तो मामला खुलकर सामने आया। सचिव ने करीब लाख रुपये वसूल लिए अभी करीब पांच लाख रुपये राजस्व बकाया है।
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सातनपुर मंडी में जून में हुए लाइसेंस नवीनीकरण में जमकर खेल हुआ। मानकों को दरकिनार कर निजी लाभ के लिए व्यापारी काे बिना बुलाए ही नवीनीकरण कर दिया गया। इसी खेल के चलते एक कर्मचारियों व अधिकारियों ने सत्यापन करना भी मुनासिब नहीं समझा। कुछ इसी तरह वैष्णव ट्रेडिंग कंपनी का जून में नवीनीकरण किया गया।
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बताया जा रहा है कि यह फर्म महिला विजय गुप्ता के नाम से संचालित है। उनकी फरवरी में ही मौत हो चुकी है। नवीनीकरण के बाद इस फर्म पर 15 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार किया गया। इससे फर्म पर मंडी शुल्क का करीब 11 लाख रुपये से अधिक बकाया हो गया। सचिव ने मंडी शुल्क वसूली में सख्ती की तो यह मामला खुलकर सामने आ गया। उस फर्म पर कारोबार कर रहे रिश्तेदार से जब मंडी शुल्क जमा करने को लेकर कहा गया तो मामला नोकझोंक तक पहुंच गया। आखिरकार छह लाख रुपये से अधिक मंडी शुल्क जमा करा लिया गया। इसके बावजूद करीब 4.50 लाख रुपये मंडी शुल्क बकाया है।
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नवीनीकरण के यह हैं नियम
व्यापारी की फर्म का नवीनीकरण करने के लिए पहले आवेदन जमा होता है। उसमें फर्म स्वामी अपना आधार व पेनकार्ड के साथ शपथपत्र लगाता है। इन सभी प्रपत्रों का मंडी कर्मचारी सत्यापन करता है और फर्म स्वामी से अपने सामने हस्ताक्षर कराना है। गत वित्तीय वर्ष में किए गए कारोबार व नवीनीकरण का विवरण भी देता है। कर्मचारी की संस्तुति पर सचिव की डीएससी लाइसेंस का नवीनीकरण होता है।

इनकी भी सुनें
फर्म चलाने वाले व्यापारी ने बताया कि उनके रिश्तेदार के नाम से फर्म थी। फर्म का प्रोपराइटर बदलने के लिए मृत्यु प्रमाणपत्र सहित सभी कागज लगाए गए। कर्मचारी व तत्कालीन सचिव ने प्रोपराइटर बदलने के बजाय लाइसेंस का नवीनीकरण कर दिया। उस फर्म पर करीब 4.30 लाख रुपये शेष मंडी शुल्क भी दो-तीन दिन जमा कर देंगे।

जानकारी पर फर्म का कारोबार रोक दिया है
सातनपुर मंडी सचिव सूरज सहाय सक्सेना ने बताया कि तत्कालीन सचिव द्वारा मृत व्यापारी की फर्म का जून में नवीनीकरण किया गया है। जानकारी होते ही फर्म का कारोबार रोक दिया गया। पूरे मामले की जांच कर सत्यापन करने वाले कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई होगी। मंडी सभापति सिटी मजिस्ट्रेट संजय कुमार बंसल ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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