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Farrukhabad News: बर्न वार्ड के एसी खराब, झुलसे मरीज बेहाल
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फर्रुखाबाद। डॉ. राममनोहर लोहिया जिला अस्पताल के बर्न वार्ड में लगे एसी खराब हैं। आग से झुलसने के बाद भर्ती मरीज गर्मी से बेहाल हैं। शाम होते ही उमस से बचने के लिए खिड़की खोलते ही मच्छरों की भरमार होती है। पांच-पांच दिन तक चादरें न बदलने से मरीज गंदगी में लेटने को मजबूर हैं।
जिला अस्पताल में बर्न वार्ड की स्थिति बेहद खराब है। इस वार्ड में आग से झुलसे मरीजों को जल्द लाभ पहुंचाने में ठंडक और सफाई अहम है, मगर यह दोनों ही भगवान भरोसे हैं। मंगलवार को एक कमरे में जनपद एटा थाना अलीगंज गांव नगला गुलरिया निवासी वेदपाल का डेढ़ साल का पुत्र विक्रांत, कायमगंज के मीरपुर निवासी कौशल का चार साल का पुत्र साहिल भर्ती था। इस कमरे में लगे दो एसी की लाइटें जल रही थीं, मगर कूलिंग नहीं थी।
लिहाजा कमरे में उमस भरी थी। दूसरे कमरे में मेरापुर थाने के गांव नगला खरा के राजेश की पुत्री मोहिनी (14) और कमालगंज के गांव रम्पुरा के राजेश की पत्नी ममता (45) भर्ती थीं। यह दोनों मरीज छह-छह दिन से भर्ती हैं। इस कमरे में लगे दोनों एसी बंद हैं। वार्ड ऊपरी तल पर होने की वजह से गर्मी से लोग बेहाल रहते हैं।
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बेडों की चादरें भी पांच-पांच दिन से नहीं बदली जाती हैं। शाम ढलने पर उमस से बचने के लिए यदि खिड़की खोलते हैं, तो मच्छरों की भरमार हो जाती है। इससे रात में सोना भी हराम हो जाता है। सफाई की सही व्यवस्था न होने से संक्रमण फैलने की आशंका बनी रहती है।
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खरीदकर लाए मच्छरदानी, कर्मी ने की अभद्रता
वेदपाल डेढ़ साल के बच्चे के लिए बाजार से मच्छरदानी खरीदकर लाए। मगर अन्य मरीज रात भर परेशान रहते हैं। विक्रांत की दादी सत्यवती ने बताया कि शनिवार रात दिक्कत की जानकारी दी, तो कर्मचारी अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने लगे। रात भर गर्मी से दिक्कत होती है। कोई सुनने वाला नहीं है।
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कई-कई घंटे गायब रहती बिजली
दिन और रात में कई-कई घंटे बिजली गुल रहती है। इस दौरान जनरेटर नहीं चलता। लिहाजा पंखे भी नहीं चल पाते। इससे झुलसे लोगों के शरीर में अधिक जलन रहती है।
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-एसी खराब होने की उन्हें जानकारी नहीं है। एसी की सफाई होनी है। अभी चलाएंगे, तो मरीजों को ठंड अधिक लगेगी। फिर भी वह दिखवाकर चालू करवा देंगे। चादरें रोजाना बदलवाई जाएंगी।
-डॉ. राजकुमार गुप्त, सीएमएस,लोहिया जिला अस्पताल।
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जिला अस्पताल में बर्न वार्ड की स्थिति बेहद खराब है। इस वार्ड में आग से झुलसे मरीजों को जल्द लाभ पहुंचाने में ठंडक और सफाई अहम है, मगर यह दोनों ही भगवान भरोसे हैं। मंगलवार को एक कमरे में जनपद एटा थाना अलीगंज गांव नगला गुलरिया निवासी वेदपाल का डेढ़ साल का पुत्र विक्रांत, कायमगंज के मीरपुर निवासी कौशल का चार साल का पुत्र साहिल भर्ती था। इस कमरे में लगे दो एसी की लाइटें जल रही थीं, मगर कूलिंग नहीं थी।
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लिहाजा कमरे में उमस भरी थी। दूसरे कमरे में मेरापुर थाने के गांव नगला खरा के राजेश की पुत्री मोहिनी (14) और कमालगंज के गांव रम्पुरा के राजेश की पत्नी ममता (45) भर्ती थीं। यह दोनों मरीज छह-छह दिन से भर्ती हैं। इस कमरे में लगे दोनों एसी बंद हैं। वार्ड ऊपरी तल पर होने की वजह से गर्मी से लोग बेहाल रहते हैं।
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बेडों की चादरें भी पांच-पांच दिन से नहीं बदली जाती हैं। शाम ढलने पर उमस से बचने के लिए यदि खिड़की खोलते हैं, तो मच्छरों की भरमार हो जाती है। इससे रात में सोना भी हराम हो जाता है। सफाई की सही व्यवस्था न होने से संक्रमण फैलने की आशंका बनी रहती है।
खरीदकर लाए मच्छरदानी, कर्मी ने की अभद्रता
वेदपाल डेढ़ साल के बच्चे के लिए बाजार से मच्छरदानी खरीदकर लाए। मगर अन्य मरीज रात भर परेशान रहते हैं। विक्रांत की दादी सत्यवती ने बताया कि शनिवार रात दिक्कत की जानकारी दी, तो कर्मचारी अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने लगे। रात भर गर्मी से दिक्कत होती है। कोई सुनने वाला नहीं है।
कई-कई घंटे गायब रहती बिजली
दिन और रात में कई-कई घंटे बिजली गुल रहती है। इस दौरान जनरेटर नहीं चलता। लिहाजा पंखे भी नहीं चल पाते। इससे झुलसे लोगों के शरीर में अधिक जलन रहती है।
-एसी खराब होने की उन्हें जानकारी नहीं है। एसी की सफाई होनी है। अभी चलाएंगे, तो मरीजों को ठंड अधिक लगेगी। फिर भी वह दिखवाकर चालू करवा देंगे। चादरें रोजाना बदलवाई जाएंगी।
-डॉ. राजकुमार गुप्त, सीएमएस,लोहिया जिला अस्पताल।