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नाले में फिर मिले 2223 खोखे
ब्यूरो/अमर उजाला,फर्रुखाबाद
Updated Thu, 03 Dec 2015 11:33 PM IST
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कमालगंज। गांव शृंगीरामपुर के निकट खंता नाला में भरे पानी से प्रतिबंधित बोर के कारतूसों के खोखे मिलने का सिलसिला जारी है। गुरुवार को नाले से 2223 कारतूसों के खोखे बरामद किए गए। ये खोखे वर्ष 1960 से 1998 तक के हैं। इस तरह अभी तक बरामद हुए खोखों की संख्या 4680 तक पहुंच गई है। प्रतिबंधित कारतूसों के लगातार खोखे मिलने से फर्रुखाबाद सुर्खियों में छाया हुआ है। इसकी जांच के लिए कानपुर की एसटीएफ ने कमालगंज क्षेत्र में डेरा डाल लिया है। टीम ने देर शाम खंता नाले का मौका मुआयना किया।
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30 नवंबर को खंता नाले में ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने 2413 प्रतिबंधित कारतूसों के खोखे बरामद किए थे। 2 दिसंबर को पुलिस को नाले में 44 खोखे फिर मिले। गुरुवार को पुलिस, दमकल टीम के साथ फायर ब्रिगेड की गाड़ी लेकर खंता नाले के पास पहुंची। नाले के कुछ हिस्से का पानी खंता नाले से निकाला गया। पुलिस को 96 खोखे बरामद हुए। पुलिस खोखे लेकर चली आई।
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पुलिस के जाने के बाद गांव के लोग पानी में घुस गए। एक स्थान पर ग्रामीणों को दोबारा से खोखे मिले। इसकी जानकारी पुलिस को फिर दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के बताए स्थान पर खोजबीन शुरू कराई। पुलिस के हाथ करीब 2127 प्रतिबंधित कारतूसों के खोखे बरामद हुए। यह खोखे वर्ष 1960 से लेकर 1998 तक के हैं। इनमें कई कारतूसों पर निर्माण की तारीख पड़ी हुई है और कई की तारीख मिट गई है।
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इसकी जांच के लिए गुरुवार को कानपुर की एसटीएफ ने कमालगंज क्षेत्र में डेरा डाल दिया है। इंस्पेक्टर सुशील कुमार ने टीम के तीन सदस्यों के साथ खंता नाले पर पहुंच कर खोखा मिलने के स्थान का निरीक्षण किया।