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भाकियू नेता व किसानों ने डीएम कार्यालय घेरा, नारेबाजी
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कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते भाकियू नेता। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
फर्रुखाबाद। उत्पीड़न और जमीनों पर कब्जे के विरोध में बुधवार को भाकियू नेताओं ने किसानों के साथ डीएम कार्यालय का घेराव किया। सभा में नारेबाजी की। मांगें पूरी होने के आश्वासन पर भाकियू नेता कलक्ट्रेट परिसर से हटे।
भाकियूू (टिकैत गुट) जिलाध्यक्ष अरविंद शाक्य, मंडल उपाध्यक्ष प्रभाकांत मिश्रा के नेतृत्व में बुधवार दोपहर बाद 200 से अधिक किसान कलक्ट्रेट पहुंचे। किसानों ने परिसर में ही बैठकर धरना दिया। इसमें अमृतपुर क्षेत्र के गांव कंचनपुर सबलपुर में गलत तरीके से पट्टे निरस्त करने, दबंगों के भूमि कब्जाने और किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के विरोध में डीएम कार्यालय का घेराव किया।
प्रदेश महासचिव बिजेंद्र सिंह यादव ने कहा कि किसानों के आगे जब प्रधानमंत्री झुक सकते हैं तो प्रशासन क्या है। यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो दिल्ली बार्डर की तरह फर्रुखाबाद में भी आंदोलन छेड़ दिया जाएगा। निस्तारण न होने तक एक भी किसान धरनास्थल से नहीं उठेगा।
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काफी देर तक सभा चलने के बाद एडीएम ने पहुंचकर ज्ञापन लिया। लक्ष्मीकांत शर्मा, हरिहर सिंह, संजीव सिंह, अफरोज मंसूरी, सत्यराम राजपूत, मुकेश शर्मा आदि मौजूद रहे। अरविंद शाक्य ने बताया कि एडीएम ने समस्याओं का निस्तारण करने के साथ भूमि पर यथास्थिति बनाए रखने का आश्वासन दिया है। इससे धरना समाप्त कर दिया गया।
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भाकियूू (टिकैत गुट) जिलाध्यक्ष अरविंद शाक्य, मंडल उपाध्यक्ष प्रभाकांत मिश्रा के नेतृत्व में बुधवार दोपहर बाद 200 से अधिक किसान कलक्ट्रेट पहुंचे। किसानों ने परिसर में ही बैठकर धरना दिया। इसमें अमृतपुर क्षेत्र के गांव कंचनपुर सबलपुर में गलत तरीके से पट्टे निरस्त करने, दबंगों के भूमि कब्जाने और किसानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के विरोध में डीएम कार्यालय का घेराव किया।
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प्रदेश महासचिव बिजेंद्र सिंह यादव ने कहा कि किसानों के आगे जब प्रधानमंत्री झुक सकते हैं तो प्रशासन क्या है। यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो दिल्ली बार्डर की तरह फर्रुखाबाद में भी आंदोलन छेड़ दिया जाएगा। निस्तारण न होने तक एक भी किसान धरनास्थल से नहीं उठेगा।
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काफी देर तक सभा चलने के बाद एडीएम ने पहुंचकर ज्ञापन लिया। लक्ष्मीकांत शर्मा, हरिहर सिंह, संजीव सिंह, अफरोज मंसूरी, सत्यराम राजपूत, मुकेश शर्मा आदि मौजूद रहे। अरविंद शाक्य ने बताया कि एडीएम ने समस्याओं का निस्तारण करने के साथ भूमि पर यथास्थिति बनाए रखने का आश्वासन दिया है। इससे धरना समाप्त कर दिया गया।