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पत्नी की हत्या में सजा काट रहे सिपाही की बर्खास्तगी लटकी
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फर्रुखाबाद। पत्नी की हत्या में सजा काट रहे सिपाही की बर्खास्तगी एक साल से लटकी है। सीओ ने जांच स्थगित कर दी। इसके बाद उच्चाधिकारियों ने भी इस मामले की सुध नहीं ली। अब एसपी ने पत्रावली तलब की है। साथ ही बर्खास्तगी के लिए कर्मचारी नियमावली का अवलोकन किया जा रहा है।
जनपद कन्नौज थाना ठठिया के गांव पहाड़ीपुर व वर्तमान में जनपद कानपुर के थाना कल्याणपुर की गोवा गार्डन कालोनी निवासी सिपाही ऋषिपाल सर्विलांस सेल में तैनात था। वर्ष 2011 में जनपद कानपुर देहात की कोतवाली बिल्हौर के मोहल्ला ब्रह्मनगर निवासी विनीता से उसकी शादी हुई थी। 21 जून 2013 को उसकी ससुराल में मौत हो गई थी। भाई दीपू यादव ने बहनोई ऋषिपाल सिंह यादव व उसके परिजनों के खिलाफ दहेज हत्या का मुुकदमा कल्याणपुर थाने में दर्ज कराया था। जानकारी होने पर तत्कालीन एसपी ने ऋषिपाल सिंह यादव को निलंबित कर दिया था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
सिपाही के खिलाफ विभागीय जांच शुरू हो गई लेकिन जेल में होने से उसके बयान नहीं हो सके। 5 जुलाई 2019 को कानपुर एडीजे कोर्ट से सिपाही को पत्नी की दहेज को हत्या में बीस वर्ष की सजा सुनाई गई। सिपाही के जेल में होने से तत्कालीन सीओ सुरेंद्र तिवारी ने विभागीय जांच को स्थगित कर दी थी। तब से अब तक सिपाही की बर्खास्तगी की कार्रवाई लटकी है। अब एसपी ने इस मामले की फाइल तलब की है। एसपी डॉ. अनिल मिश्रा ने बताया कि कर्मचारी नियमावली के अनुरूप सिपाही के खिलाफ बर्खास्तगी कार्रवाई की जाएगी।
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जनपद कन्नौज थाना ठठिया के गांव पहाड़ीपुर व वर्तमान में जनपद कानपुर के थाना कल्याणपुर की गोवा गार्डन कालोनी निवासी सिपाही ऋषिपाल सर्विलांस सेल में तैनात था। वर्ष 2011 में जनपद कानपुर देहात की कोतवाली बिल्हौर के मोहल्ला ब्रह्मनगर निवासी विनीता से उसकी शादी हुई थी। 21 जून 2013 को उसकी ससुराल में मौत हो गई थी। भाई दीपू यादव ने बहनोई ऋषिपाल सिंह यादव व उसके परिजनों के खिलाफ दहेज हत्या का मुुकदमा कल्याणपुर थाने में दर्ज कराया था। जानकारी होने पर तत्कालीन एसपी ने ऋषिपाल सिंह यादव को निलंबित कर दिया था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
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सिपाही के खिलाफ विभागीय जांच शुरू हो गई लेकिन जेल में होने से उसके बयान नहीं हो सके। 5 जुलाई 2019 को कानपुर एडीजे कोर्ट से सिपाही को पत्नी की दहेज को हत्या में बीस वर्ष की सजा सुनाई गई। सिपाही के जेल में होने से तत्कालीन सीओ सुरेंद्र तिवारी ने विभागीय जांच को स्थगित कर दी थी। तब से अब तक सिपाही की बर्खास्तगी की कार्रवाई लटकी है। अब एसपी ने इस मामले की फाइल तलब की है। एसपी डॉ. अनिल मिश्रा ने बताया कि कर्मचारी नियमावली के अनुरूप सिपाही के खिलाफ बर्खास्तगी कार्रवाई की जाएगी।
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