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कृषि अध्यादेश के विरोध में बरेली-इटावा राजमार्ग जाम

Fri, 25 Sep 2020 11:12 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 25 Sep 2020 11:12 PM IST
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Bareilly-Etawah highway jam in opposition to agricultural bills
मोहम्मदाबाद में जाम लगाए भाकियू व कांग्रेस नेता। - फोटो : FARRUKHABAD
कृषि विधेयकों के विरोध में बरेली-इटावा हाईवे जाम
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फर्रुखाबाद। केंद्र सरकार ने कृषि को लेकर जो विधेयक पारित किए हैं, उनके खिलाफ भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) और कांग्रेस नेताओं ने जमकर विरोध किया। जिले के तीन कस्बों में धरना देकर प्रदर्शन किया। नारेबाजी कर विधेयकों को किसान विरोधी बताकर वापस लेने की मांग की। इसको लेकर बरेली-इटावा राजमार्ग पर जाम लगाया। शमसाबाद, नवाबगंज में भी कुछ देर जाम लगाने के बाद अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान जाम में फंसे वाहनों में सवार लोगों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
मोहम्मदाबाद में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत गुट) के नेता खिमसेपुर स्थित ज्योति तिराहे पर एकत्रित हुए। कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार, जहानगंज और नवाबगंज के थानेदारों की मौजूदगी में सुबह 11 बजे धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। उसी समय कांग्रेस जिलाध्यक्ष विजय कटियार, पूर्व जिलाध्यक्ष मृत्युंजय शर्मा पहुंचे, तो नारेबाजी शुरू हो गई। भाकियू के कानपुर मंडल उपाध्यक्ष प्रभाकांत मिश्रा ने कहा कि लॉकडाउन में किसान बर्बाद हो गया।
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तहसील अध्यक्ष अमर सिंह ने कहा, सरकार से किसानों को कोई सहायता नहीं मिली। तीनों कृषि विधेयक वापस लिए जाएं। दोपहर 1.30 बजे किसान नेताओं ने बरेली-इटावा हाईवे पर जाम लगा दिया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। करीब आधा घंटे बाद तहसीलदार राजू कुमार को प्रधानमंत्री के नाम संबोधित पांच सूत्री ज्ञापन दिया।
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इसमें विधेयक वापस लेने, किसानों का कर्ज माफ करने, लॉकडाउन में नुकसान की भरपाई करने की मांग की। डीएम के नाम ज्ञापन में चौसपुर की चकबंदी निरस्त करने, गांवों की टूटी सड़कें सही कराने, खिमसेपुर के लेखपाल को हटाने, नगला खारिक में गलियां बनवाने व गांव में डीडीटी का छिड़काव कराने की मांग की। इस मौके पर कांग्रेस महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष अनुपमा मिश्रा, अरुण प्रताप सिंह, मन्नु ठाकुर, बाबू सिंह समेत 200 किसान मौजूद रहे।
शमसाबाद में ऊगरपुर चौराहे पर भाकियू के महासचिव संजय गंगवार के प्रतष्ठिान पर तमाम कार्यकर्ता एकत्रित हुए। वहां से नारेबाजी करते हुए थाना चौराहे पर पहुंचकर कायमगंज-फर्रुखाबाद मार्ग पर जाम लगा दिया। नायब तहसीलदार पवन गुप्ता को पांच सूत्री ज्ञापन सौंपा।
उसमें भूमि पट्टा अध्यादेश वापस लेने, मशीनों की बजाय मजदूरों से खेती कराने, न्यूनतम मूल्य जारी रखने और नलकूपों को 10 घंटे बिजली देने की मांग की। इस मौके पर जिलाध्यक्ष रामबहादुर राजपूत, रामवीर चौहान, राममोहन दीक्षित, नन्हेंलाल राजपूत, हीरालाल राजपूत, रामवरन, हरिओम दीक्षित, पूजा आदि मौजूद थे।
नवाबगंज में भाकियू के जिलाध्यक्ष अरविंद शाक्य, लक्ष्मीशंकर की अगुवाई में कार्यकर्ता चौराहे पर एकत्रित हुए। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार को जमकर कोसा। काफी देर तक जाम लगाने के बाद कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए ब्लाक परिसर पहुंचे। वहां तहसीलदार प्रदीप सिंह को ज्ञापन दिया। इस दौरान बीनू टेलर, राधेश्याम, राजू ठाकुर, अवधेश राजपूत, मोहन राजपूत, गुड्डू यादव समेत 150 कार्यकर्ता थे।

पानी को तरसे वाहनों में फंसे लोग
मोहम्मदाबाद। भाकियू और कांग्रेसियों ने हाइवे पर जाम लगा दिया, तो तमाम बसों, टेंपो, कारें आदि वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। तेज धूप में खड़े वाहनों में फंसे यात्रियों को बूंद-बूंद पानी को परेशान होना पड़ा। लोग दूर-दूर लगे नलों पर भीड़ लगाए दिखे।
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