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आशाओं ने बकाया भुगतान मांगा तो नौकरी से निकाला
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फर्रुखाबाद। फाइलेरिया मुक्ति अभियान में पिछले तीन साल का भुगतान मिलने के बाद ही काम करने पर अड़ी आशाओं को एमओआईसी ने सेवा समाप्त का नोटिस थमा दिया। इस पर गुरुवार को आशाओं ने जिलाधिकारी से शिकायत कर कार्रवाई करने की मांग की।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की आशा ऊषा देवी, शिमला, शिखा, गिरजा कुमारी आदि कलक्ट्रेट पहुंचीं। उन्होंने जिलाधिकारी से शिकायत की कि वह लोग फाइलेरिया मुक्ति अभियान में पिछले कई वर्षों से काम कर रही हैं, जबकि उनको भुगतान नहीं किया जा रहा है।
इसकी उन लोगों ने 21 दिसंबर को डीएम से शिकायत की तो उन्हें बात करने के लिए सीएचसी बरौन में बुलाया गया। सुबह 10 से चार बजे तक इंतजार करने के बावजूद किसी भी अधिकारी ने न तो बात की और न ही कोई आश्वासन दिया गया।
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आयुष्मान कार्ड का वितरण न करने का आरोप लगाकर उनकी सेवा समाप्त करने का पत्र जारी कर दिया। आशाओं ने इस मामले में कार्रवाई की मांग की। इस दौरान रेखा, अनीता, संघमित्रा, रानी, राधा देवी, नीतू आदि काफी संख्या में आशाएं मौजूद रहीं।
इस संबंध में सीएचसी बरौन के प्रभारी चिकित्साधिकारी ने बताया कि कुछ आशाएं नेतागिरी कर अन्य आशाओं को भड़कार काम में बाधा डाल रही हैं। फाइलेरिया मुक्ति अभियान में इस वर्ष का भुगतान आ गया है, जबकि पिछला भुगतान बजट आने पर दिया जाएगा। काम न करने वाली आशाओं को नोटिस जारी किया गया है।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की आशा ऊषा देवी, शिमला, शिखा, गिरजा कुमारी आदि कलक्ट्रेट पहुंचीं। उन्होंने जिलाधिकारी से शिकायत की कि वह लोग फाइलेरिया मुक्ति अभियान में पिछले कई वर्षों से काम कर रही हैं, जबकि उनको भुगतान नहीं किया जा रहा है।
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इसकी उन लोगों ने 21 दिसंबर को डीएम से शिकायत की तो उन्हें बात करने के लिए सीएचसी बरौन में बुलाया गया। सुबह 10 से चार बजे तक इंतजार करने के बावजूद किसी भी अधिकारी ने न तो बात की और न ही कोई आश्वासन दिया गया।
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आयुष्मान कार्ड का वितरण न करने का आरोप लगाकर उनकी सेवा समाप्त करने का पत्र जारी कर दिया। आशाओं ने इस मामले में कार्रवाई की मांग की। इस दौरान रेखा, अनीता, संघमित्रा, रानी, राधा देवी, नीतू आदि काफी संख्या में आशाएं मौजूद रहीं।
इस संबंध में सीएचसी बरौन के प्रभारी चिकित्साधिकारी ने बताया कि कुछ आशाएं नेतागिरी कर अन्य आशाओं को भड़कार काम में बाधा डाल रही हैं। फाइलेरिया मुक्ति अभियान में इस वर्ष का भुगतान आ गया है, जबकि पिछला भुगतान बजट आने पर दिया जाएगा। काम न करने वाली आशाओं को नोटिस जारी किया गया है।