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बंद पड़ी इकाइयों के चालू होने से वस्त्र छपाई को लगेंगे पंख
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शहर के मोहल्ला जटवारा जदीद में बंद पड़ा छपाई कारखाना। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
फर्रुखाबाद। ब्लाक प्रिंटिंग (डट्टा से वस्त्र छपाई) को बढ़ावा देने के लिए जनपद की 108 इकाइयों को चालू करने के आदेश शासन ने दिए हैं। इससे स्थानीय कारोबारी खुश हैं। उनका कहना है कि कॉमन इफ्यूलेंट ट्रीटमेंट प्लांट लगने से इस कारोबार को पंख लगेंगे। वस्त्र छपाई इकाइयां चालू होने से लोगों को अपने शहर में ही रोजगार मिलने की उम्मीद है।
एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) में शामिल ब्लॉक प्रिंटिंग नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की तिरछी नजर के चलते बर्बादी की कगार पर पहुंच गई। इस बीच प्रदेश सरकार में एमएसएमई के अपर मुख्य सचिव डॉ. नवनीत सहगल ने जिले के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पिछले दिनों बैठक की। इसमें एनजीटी के प्रतिबंधों के चलते बंद हो चुकी 108 इकाइयों को दोबारा चालू करने के निर्देश दिए गए।
यह खबर यहां के छपाई उद्यमियों को लगी, तो खुशी की लहर दौड़ गई। सबसे ज्यादा खुशी कॉमन इफ्यूलेंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) प्लांट लगने से है। क्योंकि इससे उद्योगों को प्रदूषण विभाग की ओर से आ रही सभी दिक्कतें खत्म हो जाएंगी। उन्हें दोबारा कारोबार कारोबार करने का मौका मिलेगा। छपाई उद्योग से जुड़े उद्यमियों को अभी तक ओडीओपी योजना का लाभ नहीं मिला। जबकि ब्लॉक प्रिंटिंग ओडीओपी योजना में शामिल रह चुकी है।
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इन स्थानों पर चलते हैं छपाई उद्योग
शहर के मोहल्ला सधबाड़ा वस्त्र छपाई उद्योग का केंद्र है। इसके अलावा अंगूरीबाग, सलावत खां, खटकपुरा, कछियाना, नरकसा, घोड़ा नखास के अलावा आसपास के गांव खानपुर, चांदपुर, अमेठी जदीद, अमेठी कोहना समेत कई गांवों में भी छपाई उद्योग चल रहे हैं।
क्या कहते हैं कारोबार बंद करने वाले उद्यमी
शहर के जटवारा जदीद के जगन्नाथ, अभिषेक, संदीप पाल, राजेश बाथम, जयवीर पाल, दाताराम, जयसिंह, बादाम सिंह, खटकपुरा के इकबाल, चांदपुर के राजीव आदि का कहा है कि सरकार का यह फैसला कुटीर उद्योग को पंख लगा देता। प्रदूषण विभाग के डर से हम लोगों ने कारोबार बंद कर दिया था। अब दोबारा चालू करेंगे।
छपाई उद्योग में 400 फीसदी का होगा इजाफा: चंद्रपाल
वस्त्र छपाई कुटीर उद्योग सेवा संस्थान के अध्यक्ष चंद्रपाल वर्मा ने कहा कि ओडीओपी में शामिल होते हुए भी बैंकें लोन नहीं देती। उन्होंने इस साल छह और पिछली साल 18 लोगों से लोन के लिए आवेदन कराए थे, मगर बैंक ने किसी को लोन नहीं दिया। अब सरकार ने छोटे उद्यमियों को एक तरह से जीवनदान दिया। कभी परिवार में सभी लोग छपाई के काम में लगते थे। सीईटीपी लगने के बाद छपाई उद्योग में 400 फीसदी का इजाफा होगा।
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एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) में शामिल ब्लॉक प्रिंटिंग नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की तिरछी नजर के चलते बर्बादी की कगार पर पहुंच गई। इस बीच प्रदेश सरकार में एमएसएमई के अपर मुख्य सचिव डॉ. नवनीत सहगल ने जिले के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पिछले दिनों बैठक की। इसमें एनजीटी के प्रतिबंधों के चलते बंद हो चुकी 108 इकाइयों को दोबारा चालू करने के निर्देश दिए गए।
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यह खबर यहां के छपाई उद्यमियों को लगी, तो खुशी की लहर दौड़ गई। सबसे ज्यादा खुशी कॉमन इफ्यूलेंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) प्लांट लगने से है। क्योंकि इससे उद्योगों को प्रदूषण विभाग की ओर से आ रही सभी दिक्कतें खत्म हो जाएंगी। उन्हें दोबारा कारोबार कारोबार करने का मौका मिलेगा। छपाई उद्योग से जुड़े उद्यमियों को अभी तक ओडीओपी योजना का लाभ नहीं मिला। जबकि ब्लॉक प्रिंटिंग ओडीओपी योजना में शामिल रह चुकी है।
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इन स्थानों पर चलते हैं छपाई उद्योग
शहर के मोहल्ला सधबाड़ा वस्त्र छपाई उद्योग का केंद्र है। इसके अलावा अंगूरीबाग, सलावत खां, खटकपुरा, कछियाना, नरकसा, घोड़ा नखास के अलावा आसपास के गांव खानपुर, चांदपुर, अमेठी जदीद, अमेठी कोहना समेत कई गांवों में भी छपाई उद्योग चल रहे हैं।
क्या कहते हैं कारोबार बंद करने वाले उद्यमी
शहर के जटवारा जदीद के जगन्नाथ, अभिषेक, संदीप पाल, राजेश बाथम, जयवीर पाल, दाताराम, जयसिंह, बादाम सिंह, खटकपुरा के इकबाल, चांदपुर के राजीव आदि का कहा है कि सरकार का यह फैसला कुटीर उद्योग को पंख लगा देता। प्रदूषण विभाग के डर से हम लोगों ने कारोबार बंद कर दिया था। अब दोबारा चालू करेंगे।
छपाई उद्योग में 400 फीसदी का होगा इजाफा: चंद्रपाल
वस्त्र छपाई कुटीर उद्योग सेवा संस्थान के अध्यक्ष चंद्रपाल वर्मा ने कहा कि ओडीओपी में शामिल होते हुए भी बैंकें लोन नहीं देती। उन्होंने इस साल छह और पिछली साल 18 लोगों से लोन के लिए आवेदन कराए थे, मगर बैंक ने किसी को लोन नहीं दिया। अब सरकार ने छोटे उद्यमियों को एक तरह से जीवनदान दिया। कभी परिवार में सभी लोग छपाई के काम में लगते थे। सीईटीपी लगने के बाद छपाई उद्योग में 400 फीसदी का इजाफा होगा।