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Farrukhabad News: 1.81 करोड़ रुपये के भुगतान पर सहमति
Fri, 06 Feb 2026 01:50 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Fri, 06 Feb 2026 01:50 AM IST
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फोटो-11 सीएमओ से वार्ता करती आशा कार्यकर्ता। संवाद
फर्रुखाबाद। जनपद में 15 दिसंबर से अपनी 14 सूत्री मांगों को लेकर हड़ताल कर रहीं आशा कार्यकर्ताओं ने बृहस्पतिवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी के साथ वार्ता की। इसमें सीएमओ ने 1.81 करोड़ रुपये के शीघ्र भुगतान का आश्वासन देने के साथ ही स्थानीय स्तर की समस्याओं के समाधान का भी भरोसा दिया। आशा कार्यकर्ताओं ने जननी सुरक्षा योजना और जन्म प्रमाण पत्र के नाम पर हो रही वसूली को बंद कराने की मांग प्रमुखता से उठाई।
स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत 1600 आशा कार्यकर्ताओं का प्रदेश नेतृत्व के निर्देशों पर चल रहा आंदोलन गुरुवार को सीएमओ कार्यालय में हुई वार्ता के बाद कुछ हद तक शांत हुआ। धरना दे रहीं आशा कार्यकर्ताओं से पहले चीफ फार्मासिस्ट और डीसीपीएम ने वार्ता की। उन्होंने बताया कि 1.81 करोड़ रुपये के भुगतान के लिए निदेशालय को प्रस्ताव भेजा जा चुका है, जिसमें से 52 लाख रुपये प्राप्त हो चुके हैं और भुगतान प्रक्रिया में हैं। इसके उपरांत, आशा कार्यकर्ता यूनियन की जिलाध्यक्ष मिथलेश सोलंकी, सचिव सपना कटियार सहित पांच सदस्यों ने सीएमओ डॉ. अवनींद्र कुमार से मुलाकात की।
सीएमओ ने बताया कि पूर्व से बकाया चल रहे भुगतान के वाउचर निदेशालय भेज दिए गए हैं और दो-तीन दिनों में धनराशि आते ही सीधे खातों में पहुंच जाएगी। आशा कार्यकर्ताओं ने लोहिया अस्पताल में नवजात के जन्म प्रमाण पत्र और जननी सुरक्षा योजना के भुगतान के नाम पर 50-50 रुपये की वसूली की शिकायत की। कमालगंज की एक आशा कार्यकर्ता ने सीएचसी में जन्म प्रमाण पत्र के लिए 200 रुपये वसूले जाने की बात कही। इस पर सीएमओ ने फोन कर सीएचसी प्रभारी को संबंधित कर्मचारी के खिलाफ रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए।
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सीएमओ डॉ. अवनींद्र कुमार ने स्पष्ट किया कि बकाया भुगतान सहित आशा कार्यकर्ताओं की स्थानीय स्तर की सभी समस्याएं प्राथमिकता पर हल की जा रही हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि हड़ताल के दौरान आशाओं का मानदेय नहीं काटा जाएगा। अन्य मांगें जो प्रदेश स्तर की हैं, उन पर प्रदेश नेतृत्व ही निर्णय लेगा। जिलाध्यक्ष मिथलेश सोलंकी और सचिव सपना कटियार ने बताया कि धरना स्थल पर मौजूद कार्यकर्ताओं के अलावा, अन्य आशाएं अपने-अपने क्षेत्रों में कार्य करेंगी। प्रदेश नेतृत्व से हड़ताल समाप्त करने के निर्देश मिलने के बाद ही यह आंदोलन पूरी तरह से समाप्त होगा।
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स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत 1600 आशा कार्यकर्ताओं का प्रदेश नेतृत्व के निर्देशों पर चल रहा आंदोलन गुरुवार को सीएमओ कार्यालय में हुई वार्ता के बाद कुछ हद तक शांत हुआ। धरना दे रहीं आशा कार्यकर्ताओं से पहले चीफ फार्मासिस्ट और डीसीपीएम ने वार्ता की। उन्होंने बताया कि 1.81 करोड़ रुपये के भुगतान के लिए निदेशालय को प्रस्ताव भेजा जा चुका है, जिसमें से 52 लाख रुपये प्राप्त हो चुके हैं और भुगतान प्रक्रिया में हैं। इसके उपरांत, आशा कार्यकर्ता यूनियन की जिलाध्यक्ष मिथलेश सोलंकी, सचिव सपना कटियार सहित पांच सदस्यों ने सीएमओ डॉ. अवनींद्र कुमार से मुलाकात की।
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सीएमओ ने बताया कि पूर्व से बकाया चल रहे भुगतान के वाउचर निदेशालय भेज दिए गए हैं और दो-तीन दिनों में धनराशि आते ही सीधे खातों में पहुंच जाएगी। आशा कार्यकर्ताओं ने लोहिया अस्पताल में नवजात के जन्म प्रमाण पत्र और जननी सुरक्षा योजना के भुगतान के नाम पर 50-50 रुपये की वसूली की शिकायत की। कमालगंज की एक आशा कार्यकर्ता ने सीएचसी में जन्म प्रमाण पत्र के लिए 200 रुपये वसूले जाने की बात कही। इस पर सीएमओ ने फोन कर सीएचसी प्रभारी को संबंधित कर्मचारी के खिलाफ रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए।
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सीएमओ डॉ. अवनींद्र कुमार ने स्पष्ट किया कि बकाया भुगतान सहित आशा कार्यकर्ताओं की स्थानीय स्तर की सभी समस्याएं प्राथमिकता पर हल की जा रही हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि हड़ताल के दौरान आशाओं का मानदेय नहीं काटा जाएगा। अन्य मांगें जो प्रदेश स्तर की हैं, उन पर प्रदेश नेतृत्व ही निर्णय लेगा। जिलाध्यक्ष मिथलेश सोलंकी और सचिव सपना कटियार ने बताया कि धरना स्थल पर मौजूद कार्यकर्ताओं के अलावा, अन्य आशाएं अपने-अपने क्षेत्रों में कार्य करेंगी। प्रदेश नेतृत्व से हड़ताल समाप्त करने के निर्देश मिलने के बाद ही यह आंदोलन पूरी तरह से समाप्त होगा।