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Farrukhabad News: फिर छोड़ा 1.44 लाख क्यूसेक पानी, ग्रामीणों में दहशत

Wed, 26 Jul 2023 11:22 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 26 Jul 2023 11:22 PM IST
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Again released 1.44 lakh cusecs of water panic among villagers
संवाद न्यूज एजेंसी
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फर्रुखाबाद/अमृतपुर। बुधवार शाम को गंगा में फिर से 1.44 लाख क्यूसेक पानी छोड़ दिया गया। इससे ग्रामीणों में दहशत बढ़ने लगी है। तीन दिन से कम हो रहे जल स्तर में फिर से बढ़ोत्तरी की आशंका जताई जा रही है। हालांकि जलस्तर में पांच सेंटीमीटर की गिरावट के बाद भी गंगा खतरे के निशान से 10 सेमी ऊपर बह रही हैं। गांवों में कई दिन से जलभराव के चलते सड़ांध से बीमारियां फैलने लगी हैं। रामगंगा के जलस्तर में भी बढ़ोत्तरी हुई है।
गंगा का जलस्तर पांच सेंटीमीटर घटकर 137.20 मीटर पर पहुंच गया है। यह अभी भी खतरे के निशान से 10 सेंटीमीटर ऊपर है। नरौरा बांध से सुबह 1,18,577 और शाम को 1,44,596 क्यूसेक पानी छोड़ दिया गया। इससे गंगा में एक बार फिर जलस्तर बढ़ना तय माना जा रहा है। इससे साफ है कि गांवों में और अधिक दुश्वारियां बढ़ेंगी। गांव हरसिंहपुर कायस्थ, ऊगरपुर, आशा की मढ़ैया, रामपुर, जोगराजपुर सहित करीब 35 गांव में अभी नाव चल रही हैं। कलक्टरगंज चहुंतरफा घिरा है। बच्चे नाव से स्कूल तक जा रहे हैं। रामगंगा में 890 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। नदी का जलस्तर में 10 सेमी बढ़ा है। 135.30 मीटर से बढ़कर 135.40 मीटर पर पहुंच गया है।
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गंगा की बाढ़ से सदर, कायमगंज और अमृतपुर तहसील के करीब 150 गांवों जलमग्न हैं। कहीं रास्ते कट गए, तो कहीं नाव ही आने-जाने का सहारा हैं। अमृतपुर क्षेत्र में 100 गांव प्रभावित हैं। 15 से अधिक गांव पूरी तरह जलमग्न होने से घरों में राशन भी खत्म हो चुका है। लोग काम पर भी नहीं जा पा रहे हैं। पशु भी पानी में ही बंधे हैं। इससे बीमारी बढ़ने लगी है। कूड़ा, फसलें, घास आदि सड़ने से उठ रही बदबू से बीमारियां फैलने लगी हैं। लोग नाव से 10 किलोमीटर दूर से घास काटने जाते हैं। ग्रामीण सुबह से निकलकर शाम को ही पहुंच पाते हैं।
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आठ गांवों में बांटी राहत सामग्री
बुधवार को एसडीएम रवींद्र कुमार, तहसीलदार कर्मवीर सिंह ने राजस्व टीम के साथ तौफीक की मढ़ैया, आसमपुर, कछुआ गाढ़ा, माधौपुर, लायलपुर, कुबेरपुर की मढ़ैया, पट्टी भरखा, हरसिंहपुर कायस्थ गांव में राहत सामग्री वितरित की है। तहसीलदार कर्मवीर सिंह ने बताया कि 19 गांवों में 2915 लोगों को राहत सामग्री दी जा चुकी है। 3028 राहत सामग्री के पैकेट आए थे। इसमें 60 पैकेट तहसील सदर में भेजे गए हैं। 500 पैकेट और आ गए हैं। अभी आलू आना बाकी है। कोई भी राहत सामग्री से नहीं छूटेगा।


फोटो



फूड इंस्पेक्टर ने परखी राहत सामग्री की गुणवत्ता
अमृतपुर। मंगलवार को बाढ़ पीड़ितों को जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने राहत सामग्री का वितरण किया था। उसमें कुछ ग्रामीणों को ठेकेदार की ओर से दिए गए पैकेट में आलू सड़े निकले। इसकी खबर प्रकाशित होने के बाद जिलाधिकारी ने इसे गंभीरता से लिया। अधिकारियों को भेजकर जांच कराई। ग्रामीणों ने अधिकारियों को बताया कि अधिकांश सामान पूरी तरह सही है। कुछ ग्रामीणों के एक-दो आलू खराब निकले थे। फूड इंस्पेक्टर अरुण कुमार मिश्र ने तहसील में पहुंच कर बाढ़ पीड़ितों को वितरण करने के लिए आई राहत सामग्री के पैकट खोल-खोल खाद्य सामग्री की जांच की।

आटा, दाल, चना तेल, चावल, मसाले आदि सामान पूरी तरह से सही पाया गया। जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने बताया कि बाढ़ पीड़ितों को दी जाने वाली राहत सामग्री में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं। (संवाद)
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