फर्रुखाबाद। 30 साल पहले ट्रैक्टर चालक का बंदूकधारी बदमाशों ने अपहरण कर फिरौती की मांग की थी। घटना के 15 दिन बाद पुलिस ने मुठभेड़ में चालक को छुड़वा लिया। सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ने एक को दोषी करार दिया। दोषी को सजा सुनाने के लिए 28 अप्रैल की तारीख तय की है। कंपिल थाना क्षेत्र के गांव मिलकिया निवासी सरविंदर ने चार मार्च 1995 को अपहरण कर फिरौती मांगने के मामले में जनपद शाहजहांपुर थाना कलान के गांव मुन्नी खेड़ा निवासी सर्वेश पुत्र नवाब सिंह, गांव मलिखान निवासी मंगेश पुत्र रामेश्वर व जनपद बदायूं के थाना उसैत निवासी रायजादे पुत्र जहुर के खिलाफ अपहरण कर फिरौती मांगने का मुकदमा दर्ज कराया था। अपहरण के 15 दिन बाद पुलिस की बदमाशों से मुठभेड़ हुई थी। मौके से चालक को बदमाश से मुक्त कराया गया। मुठभेड़ में एक बदमाश को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। दो अन्य मौके से भाग गए। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच की। विवेचक ने विवेचना पूरी कर तीनों के खिलाफ अपहरण कर फिरौती मांगने के मामले में न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया।
मामले की सुनवाई के दौरान मंगेश की मौत हो गई। मुकदमे की सुनवाई कर रहे विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र शैलेंद्र सचान ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनी। गवाह व साक्ष्य के आधार पर सर्वेश को दोषी करार दिया। जबकि साक्ष्य के अभाव में रायजादे को दोष मुक्त कर दिया। दोषी को 28 अप्रैल को सजा सुनाई जाएगी।