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करंट से युवक की मौत
अमर उजाला ब्यूरो फर्रुखाबाद
Updated Fri, 03 Jun 2016 12:17 AM IST
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मृतक शेर सिंह का फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
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ग्राम जिठौली में एचटी लाइन की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई। परिजनों के अनुसार युवक दो दिन से लापता था।
जिठौली निवासी शेर सिंह पुत्र राजेंद्र सिंह 31 मई को घर में था। दोपहर बाद उसके मोबाइल पर कहीं से फोन आया और वह बाहर निकला गया। इसके बाद न उसने कोई फोन किया और न ही कोई सूचना दी। घरवाले उसकी खोजबीन में लगे थे कि गुरुवार सुबह गांव का मदनपाल खेत में पानी लगाने गया।
उसके खेत से निकली हाईटेंशन लाइन के पोल के पास शेर सिंह का शव पड़ा था। शव देख मदन पाल ने शेर सिंह के परिजनों को सूचना दी। घटना से परिजनों में कोहराम मच गया। घटनास्थल पर लोग कहते सुने गए कि शेर सिंह लाइनमैन के साथ काम करता था। उसके कहने पर वह इस क्षेत्र में छोटी-मोटी बिजली की खराबी ठीक करता रहता था।
पूर्व प्रधान गजेंद्र सिह ने बताया कि सलेमपुर फीडर से कोई कर्मचारी बिजली ठीक करने नहीं आता। सलेमपुर फीडर के लाइनमैन छोटी-मोटी खराबी शेर सिंह से ही ठीक कराते थे। उसके कहने पर बिजली काट दी जाती थी और वह जब ठीक कर लेता तो उसके फोन पर ही जोड़ दी जाती थी।
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समझा जाता हेै कि 31 मई को शेर सिंह के पास सलेमपुर फीडर से ही फोन आया और वह बिजली ठीक करने मदनपाल के खेत में लगे बिजली के पोल पर चढ़ा। इसी दौरान करंट की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई। पोल के पास शव पड़ा रहा। खेत में घुइया की फसल खड़ी होने से लोग देख नहीं सके। गांव वालों का कहना है कि यहां की जर्जर बिजली लाइन के तार आए दिन टपक जाते हैं। इन तारों को शेर सिंह ही जोड़ा करता था।
शेर सिंह की मौत पर बिजली विभाग ने हाथ खड़े कर लिए। विभाग का कहना है कि शेर सिंह से उसका कोई मतलब नहीं है। इससे गांव वालों में रोष है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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जिठौली निवासी शेर सिंह पुत्र राजेंद्र सिंह 31 मई को घर में था। दोपहर बाद उसके मोबाइल पर कहीं से फोन आया और वह बाहर निकला गया। इसके बाद न उसने कोई फोन किया और न ही कोई सूचना दी। घरवाले उसकी खोजबीन में लगे थे कि गुरुवार सुबह गांव का मदनपाल खेत में पानी लगाने गया।
उसके खेत से निकली हाईटेंशन लाइन के पोल के पास शेर सिंह का शव पड़ा था। शव देख मदन पाल ने शेर सिंह के परिजनों को सूचना दी। घटना से परिजनों में कोहराम मच गया। घटनास्थल पर लोग कहते सुने गए कि शेर सिंह लाइनमैन के साथ काम करता था। उसके कहने पर वह इस क्षेत्र में छोटी-मोटी बिजली की खराबी ठीक करता रहता था।
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पूर्व प्रधान गजेंद्र सिह ने बताया कि सलेमपुर फीडर से कोई कर्मचारी बिजली ठीक करने नहीं आता। सलेमपुर फीडर के लाइनमैन छोटी-मोटी खराबी शेर सिंह से ही ठीक कराते थे। उसके कहने पर बिजली काट दी जाती थी और वह जब ठीक कर लेता तो उसके फोन पर ही जोड़ दी जाती थी।
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समझा जाता हेै कि 31 मई को शेर सिंह के पास सलेमपुर फीडर से ही फोन आया और वह बिजली ठीक करने मदनपाल के खेत में लगे बिजली के पोल पर चढ़ा। इसी दौरान करंट की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई। पोल के पास शव पड़ा रहा। खेत में घुइया की फसल खड़ी होने से लोग देख नहीं सके। गांव वालों का कहना है कि यहां की जर्जर बिजली लाइन के तार आए दिन टपक जाते हैं। इन तारों को शेर सिंह ही जोड़ा करता था।
शेर सिंह की मौत पर बिजली विभाग ने हाथ खड़े कर लिए। विभाग का कहना है कि शेर सिंह से उसका कोई मतलब नहीं है। इससे गांव वालों में रोष है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।