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Farrukhabad News: महिला व कथित अधिवक्ता के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट
Mon, 27 Oct 2025 12:27 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Mon, 27 Oct 2025 12:27 AM IST
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फर्रुखाबाद। एक वाहन दुर्घटना के मामले में अदालत में दावा करने वाली महिला और कथित अधिवक्ता पर धोखाधड़ी समेत कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि दावा पेश करने वाली महिला की मिलीभगत से कथित अधिवक्ता ने फर्जी वकालतनामा लगाया। वहीं, इसके बाद दोबारा वकील पेश नहीं हुआ। लिहाजा एकतरफा आदेश पारित हो गया।
फतेहगढ़ कोतवाली के मोहल्ला नेकपुर कलां निवासी अजय यादव ने कोर्ट के आदेश पर कादरीगेट थाने के बढ़पुर फील्ड निवासी सतीश चंद्र की पत्नी मनो और कथित अधिवक्ता शकील अहमद खां के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई। इसमें कहा कि मनो ने पांच जुलाई 2022 को वाहन दुर्घटना की याचिका दाखिल की थी।
अजय का आरोप है कि इसमें अधिवक्ता नियुक्त नहीं किया गया। 15 जून 2023 को कोर्ट कंपाउंड फतेहगढ़ के अधिवक्ता के वकालतनामे से जवाब लगाया गया। इसकी प्रति उसने अधिवक्ता के माध्यम से प्राप्त कर ली।
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आरोप यह भी है कि इसके बाद अधिवक्ता शकील दोबारा अदालत में हाजिर नहीं हुए। लिहाजा सात जनवरी 2025 को याची के खिलाफ निर्णय हो गया। अजय का कहना है कि इसमें उन पर 2,23,620 रुपये क्षतिपूर्ति निर्धारित कर दी गई।
इसके बाद पत्र पत्रावली का अवलोकन कराया गया तो कथित अधिवक्ता के कूटरचित प्रपत्रों की जानकारी हुई। अधिवक्ता शकील अहमद की कचहरी परिसर में जानकारी ली तो पता नहीं चल सका। अधिवक्ता का सच जानने के लिए बार काउंसिल उप्र प्रयागराज से जानकारी की, तो पता चला कि उस नंबर पर अधिवक्ता राजेश कुमार त्रिपाठी निवासी राजाजीपुरम लखनऊ का नाम दर्ज है।
इसके बाद धोखाधड़ी की जानकारी हो सकी। फर्जी दस्तावेजों का प्रयोग करके मनो सक्सेना को लाभ पहुंचाया। षड्यंत्र में मनो सक्सेना की भी भूमिका है। अब पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। फतेहगढ़ कोतवाली के इंस्पेक्टर रणविजय सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर महिला मनो सक्सेना और कथित अधिवक्ता पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
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रिपोर्ट में कहा गया है कि दावा पेश करने वाली महिला की मिलीभगत से कथित अधिवक्ता ने फर्जी वकालतनामा लगाया। वहीं, इसके बाद दोबारा वकील पेश नहीं हुआ। लिहाजा एकतरफा आदेश पारित हो गया।
फतेहगढ़ कोतवाली के मोहल्ला नेकपुर कलां निवासी अजय यादव ने कोर्ट के आदेश पर कादरीगेट थाने के बढ़पुर फील्ड निवासी सतीश चंद्र की पत्नी मनो और कथित अधिवक्ता शकील अहमद खां के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई। इसमें कहा कि मनो ने पांच जुलाई 2022 को वाहन दुर्घटना की याचिका दाखिल की थी।
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अजय का आरोप है कि इसमें अधिवक्ता नियुक्त नहीं किया गया। 15 जून 2023 को कोर्ट कंपाउंड फतेहगढ़ के अधिवक्ता के वकालतनामे से जवाब लगाया गया। इसकी प्रति उसने अधिवक्ता के माध्यम से प्राप्त कर ली।
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आरोप यह भी है कि इसके बाद अधिवक्ता शकील दोबारा अदालत में हाजिर नहीं हुए। लिहाजा सात जनवरी 2025 को याची के खिलाफ निर्णय हो गया। अजय का कहना है कि इसमें उन पर 2,23,620 रुपये क्षतिपूर्ति निर्धारित कर दी गई।
इसके बाद पत्र पत्रावली का अवलोकन कराया गया तो कथित अधिवक्ता के कूटरचित प्रपत्रों की जानकारी हुई। अधिवक्ता शकील अहमद की कचहरी परिसर में जानकारी ली तो पता नहीं चल सका। अधिवक्ता का सच जानने के लिए बार काउंसिल उप्र प्रयागराज से जानकारी की, तो पता चला कि उस नंबर पर अधिवक्ता राजेश कुमार त्रिपाठी निवासी राजाजीपुरम लखनऊ का नाम दर्ज है।
इसके बाद धोखाधड़ी की जानकारी हो सकी। फर्जी दस्तावेजों का प्रयोग करके मनो सक्सेना को लाभ पहुंचाया। षड्यंत्र में मनो सक्सेना की भी भूमिका है। अब पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। फतेहगढ़ कोतवाली के इंस्पेक्टर रणविजय सिंह ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर महिला मनो सक्सेना और कथित अधिवक्ता पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।