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बाबा को मुखाग्नि, दो पौत्रों को किया गया दफन
Farrukhabad
Updated Wed, 26 Nov 2014 05:30 AM IST
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कंपिल। थाना क्षेत्र के सिवारा मुकुट गांव में जहरीली चाय पीने से वृद्ध और उसके दो पौत्रों की मौत के बाद मंगलवार को शवों का अंतिम संस्कार किया गया। घटना से गांव में दूसरे दिन भी सन्नाटा पसरा रहा। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।
सोमवार सुबह सिवारा मुकुट गांव में जहरीली चाय पीने से मुंशीलाल (60) व उनके पौत्रों विनय कुमार (5) और अंकित (10) पुत्र हेम सिंह की मौत हो गई थी। वहीं मुंशीलाल के बेटे रामगोपाल और जयप्रकाश को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कायमगंज में भर्ती कराया गया था। मंगलवार को रामगोपाल को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। परिजन और ग्रामीण बाबा मुंशीलाल व उनके पौत्रों अंकित और विनय के शवों को लेकर रैपुरा स्थित गंगा किनारे पहुंचे। यहां बड़े बेटे रामगोपाल ने मुंशीलाल को मुखाग्नि दी। वहीं गंगा नदी किनारे हेम सिंह ने अपने बेटों अंकित और विनय के शवों को दफनाया । इस दौरान हर किसी की आंख भर आई।
हादसे के बाद गांव सिवारा मुकुट में दूसरे दिन भी सन्नाटा पसरा रहा। मृतक के परिजन घर में गुमसुम बैठे थे। मुंशीलाल की पत्नी शीला देवी और हेम सिंह की पत्नी सुनीता देवी का रो-रोकर बुरा हाल था। घर में नाते-रिश्तेदारों के आना-जाना लगा हुआ था। हर कोई पीड़ित परिवार को ढांढस बंधा रहा था। हेमसिंह रो-रोकर कह रहा था जरा सी चूक से उसके पिता व दो मासूम काल के गाल में समा गए। सिवारा मुकुट गांव में चाय की जगह फोरेट दवा डाले जाने से उठी दुर्गंध से गांव के कई लोग बीमार हो गए थे। इन लोगों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कायमगंज में भर्ती कराया गया। मंगलवार को अस्पताल में भर्ती प्रेम सिंह, गुड्डी देवी पत्नी मोर सिंह, लक्ष्मी पत्नी जयवीर, गुड्डी देवी पत्नी राजपाल, धर्मेंद्र और रामगोपाल को छुट्टी दे दी गई।
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सोमवार सुबह सिवारा मुकुट गांव में जहरीली चाय पीने से मुंशीलाल (60) व उनके पौत्रों विनय कुमार (5) और अंकित (10) पुत्र हेम सिंह की मौत हो गई थी। वहीं मुंशीलाल के बेटे रामगोपाल और जयप्रकाश को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कायमगंज में भर्ती कराया गया था। मंगलवार को रामगोपाल को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। परिजन और ग्रामीण बाबा मुंशीलाल व उनके पौत्रों अंकित और विनय के शवों को लेकर रैपुरा स्थित गंगा किनारे पहुंचे। यहां बड़े बेटे रामगोपाल ने मुंशीलाल को मुखाग्नि दी। वहीं गंगा नदी किनारे हेम सिंह ने अपने बेटों अंकित और विनय के शवों को दफनाया । इस दौरान हर किसी की आंख भर आई।
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हादसे के बाद गांव सिवारा मुकुट में दूसरे दिन भी सन्नाटा पसरा रहा। मृतक के परिजन घर में गुमसुम बैठे थे। मुंशीलाल की पत्नी शीला देवी और हेम सिंह की पत्नी सुनीता देवी का रो-रोकर बुरा हाल था। घर में नाते-रिश्तेदारों के आना-जाना लगा हुआ था। हर कोई पीड़ित परिवार को ढांढस बंधा रहा था। हेमसिंह रो-रोकर कह रहा था जरा सी चूक से उसके पिता व दो मासूम काल के गाल में समा गए। सिवारा मुकुट गांव में चाय की जगह फोरेट दवा डाले जाने से उठी दुर्गंध से गांव के कई लोग बीमार हो गए थे। इन लोगों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कायमगंज में भर्ती कराया गया। मंगलवार को अस्पताल में भर्ती प्रेम सिंह, गुड्डी देवी पत्नी मोर सिंह, लक्ष्मी पत्नी जयवीर, गुड्डी देवी पत्नी राजपाल, धर्मेंद्र और रामगोपाल को छुट्टी दे दी गई।
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