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नगर में जर्जर लाइन, कमरे में कैद तार
Farrukhabad
Updated Sat, 27 Sep 2014 05:32 AM IST
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कमालगंज। कस्बा क्षेत्र में बिजली के तार जर्जर है। इनको बदलने बदलने के लिए आया बिजली का तार कमरे में बंद पड़ा है। विभागीय अधिकारियों की मिली भगत से तार धीरे-धीरे गायब करने का खेल चल रहा है।
कस्बे के मोहल्ला शास्त्रीनगर, सुभाष नगर और गांधी नगर आदि मोहल्लों में बिजली के तार काफी जर्जर पड़े हैं। कस्बे में जर्जर पड़े बिजली तारों को बदलने के लिए वर्ष 2009 में नए तार आए थे। इनको कस्बे के होतेलाल के मकान में एक कमरा 500 रुपये प्रतिमाह किराए पर लिया गया। इसमें तत्कालीन जेई जगन्नाथ सिंह ने तार को रखवा दिया लेकिन तारों को कभी भी उठाया नहीं गया। लंबे समय से किराया न मिलने पर होतेलाल ने विभागीय अधिकारियों को जानकारी दी। अधिकारियों तार उठाकर जर्जर लाइन बदलने की जहमत नहीं उठाई। अधिकारी गुपचुप तरीके से तार को गायब करने की फिराक में है। उनको जांच का भय सता रहा है। मकान मालिक होतेलाल का कहना है कि तार हटाए जाने और किराया भुगतान किए जाने के संबंध में निगम के अधिकारियों को कई बार प्रार्थना पत्र दिया। लेकिन अधिकारी आते है और देख कर चले जाते है। तार अभी तक नहीं हटाया गया। जेई विजय पाल यादव ने बताया तार रखे होने की जानकारी मिली है। शीघ्र तारों को कमरे से निकलवाकर कस्बे की जर्जर पड़ी लाइनों को बदलवाया जाएगा।
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कस्बे के मोहल्ला शास्त्रीनगर, सुभाष नगर और गांधी नगर आदि मोहल्लों में बिजली के तार काफी जर्जर पड़े हैं। कस्बे में जर्जर पड़े बिजली तारों को बदलने के लिए वर्ष 2009 में नए तार आए थे। इनको कस्बे के होतेलाल के मकान में एक कमरा 500 रुपये प्रतिमाह किराए पर लिया गया। इसमें तत्कालीन जेई जगन्नाथ सिंह ने तार को रखवा दिया लेकिन तारों को कभी भी उठाया नहीं गया। लंबे समय से किराया न मिलने पर होतेलाल ने विभागीय अधिकारियों को जानकारी दी। अधिकारियों तार उठाकर जर्जर लाइन बदलने की जहमत नहीं उठाई। अधिकारी गुपचुप तरीके से तार को गायब करने की फिराक में है। उनको जांच का भय सता रहा है। मकान मालिक होतेलाल का कहना है कि तार हटाए जाने और किराया भुगतान किए जाने के संबंध में निगम के अधिकारियों को कई बार प्रार्थना पत्र दिया। लेकिन अधिकारी आते है और देख कर चले जाते है। तार अभी तक नहीं हटाया गया। जेई विजय पाल यादव ने बताया तार रखे होने की जानकारी मिली है। शीघ्र तारों को कमरे से निकलवाकर कस्बे की जर्जर पड़ी लाइनों को बदलवाया जाएगा।
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