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जश्न की जगह मातम में बदला माहौल
Farrukhabad
Updated Sat, 12 Oct 2013 05:39 AM IST
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कायमगंज। अलीगंज क्षेत्र मेें गुरुवार रात पूर्व मंत्री के गनर की गोली मारकर हत्या किए जाने से दो परिवारों में जश्न का माहौल गम में बदल गया है। शुक्रवार को गनर का शव पैत्रिक गांव पहुंचते ही कोहराम मच गया। छोटे बेटे की गोद भराई की तैयारियों में जुटी पत्नी का सुहाग उजड़ जाने से रो रोकर बुरा हाल था। उधर वधू पक्ष की खुशियां भी गम में तब्दील हो गईं।
कोतवाली क्षेत्र के गांव बिराहिमपुर निवासी विशुनदयाल पुलिस में कांस्टेबल थे। वह सात साल से अलीगंज निवासी पूर्व मंत्री गेंदा लाल गुप्ता की सुरक्षा में तैनात थे। गुरुवार रात उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। शुक्रवार को उनके सबसे छोटे बेटे सुरेंद्र की गोद भराई की रस्म होनी थी। पूरा परिवार रस्म की तैयारियों में व्यस्त था और उनके घर आने का इंतजार कर रहा था। उनकी पत्नी सरवती देवी ने रो-रोकर बताया कि देर रात उन्हें सूचना मिली की उनका एक्सीडेंट हो गया है। जिस पर वे लोग जब मौके पर पहुंचे तो घटना की हकीकत पता चली। उसने बताया कि उसके सबसे छोटे बेटे सुरेंद्र की शादी क्षेत्र के गांव तुर्कललैया निवासी राजेंद्र फौजी की बेटी के साथ तय की थी। जिसकी गोद भराई आज होनी थी। उसने बताया कि विशुन दयाल तीन साल बाद ही रिटायर होने वाले थे। पति के संस्मरणों को याद कर सरवती अचेत हो जाती थी। शव के गांव में पहुंचते ही कोहराम मच गया। लोगों ने अश्रुपूरित आंखों से सिपाही को अंतिम विदाई दी। सिपाही के शव के गांव आने पर कोतवाल केबी सिंह ने उनके घर जाकर श्रद्धांजली दी। हालांकि अभी तक यह पता नहीं चल सका है कि हत्यारों ने उनसे कितनी रकम लूटी। बताते हैं कि मौके पर विशुन दयाल की साइकिल सड़क के दाईं ओर स्टैंड पर खड़ी मिली। यही नहीं हत्यारे उनका मोबाइल भी नहीं ले गए। इन सब हालातों से प्रतीत होता है कि हमलावर उनकी जान पहचान के थे, जिनके साथ उन्होंने बातचीत की और साइकिल स्टैंड पर खड़ी कर तंबाकू भी खाई। इस दौरान हमलावरों ने उनकी हत्याकर बैंक से निकाले गए रुपये लूट लिए।
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कोतवाली क्षेत्र के गांव बिराहिमपुर निवासी विशुनदयाल पुलिस में कांस्टेबल थे। वह सात साल से अलीगंज निवासी पूर्व मंत्री गेंदा लाल गुप्ता की सुरक्षा में तैनात थे। गुरुवार रात उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। शुक्रवार को उनके सबसे छोटे बेटे सुरेंद्र की गोद भराई की रस्म होनी थी। पूरा परिवार रस्म की तैयारियों में व्यस्त था और उनके घर आने का इंतजार कर रहा था। उनकी पत्नी सरवती देवी ने रो-रोकर बताया कि देर रात उन्हें सूचना मिली की उनका एक्सीडेंट हो गया है। जिस पर वे लोग जब मौके पर पहुंचे तो घटना की हकीकत पता चली। उसने बताया कि उसके सबसे छोटे बेटे सुरेंद्र की शादी क्षेत्र के गांव तुर्कललैया निवासी राजेंद्र फौजी की बेटी के साथ तय की थी। जिसकी गोद भराई आज होनी थी। उसने बताया कि विशुन दयाल तीन साल बाद ही रिटायर होने वाले थे। पति के संस्मरणों को याद कर सरवती अचेत हो जाती थी। शव के गांव में पहुंचते ही कोहराम मच गया। लोगों ने अश्रुपूरित आंखों से सिपाही को अंतिम विदाई दी। सिपाही के शव के गांव आने पर कोतवाल केबी सिंह ने उनके घर जाकर श्रद्धांजली दी। हालांकि अभी तक यह पता नहीं चल सका है कि हत्यारों ने उनसे कितनी रकम लूटी। बताते हैं कि मौके पर विशुन दयाल की साइकिल सड़क के दाईं ओर स्टैंड पर खड़ी मिली। यही नहीं हत्यारे उनका मोबाइल भी नहीं ले गए। इन सब हालातों से प्रतीत होता है कि हमलावर उनकी जान पहचान के थे, जिनके साथ उन्होंने बातचीत की और साइकिल स्टैंड पर खड़ी कर तंबाकू भी खाई। इस दौरान हमलावरों ने उनकी हत्याकर बैंक से निकाले गए रुपये लूट लिए।
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