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चचेरे भाई को गोली से उड़ाया, चाचा घायल
Farrukhabad
Updated Wed, 09 Oct 2013 05:39 AM IST
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कंपिल (फर्रुखाबाद)। हैंडपंप पर पानी भरने के विवाद में युवक ने अपने ही चाचा व चचेरे भाई को गोली मार दी। भाई की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चाचा को गंभीर हालत में लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मौके पर पहुंची पुलिस ने दो हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गांव में दहशत का माहौल है।
थाना क्षेत्र के गांव बहाबलपुर निवासी नन्हे (35) पाल के घर के बरामदे में स्थित कुएं पर हैंडपंप लगा है। मंगलवार सुबह करीब सात बजे नन्हे के चचेरे भाई महेश की बेटी संगीता हैंडपंप पर पानी भर रही थी। नन्हे के पिता सोन पाल ने पानी भरने से मना कर दिया। संगीता ने यह बात अपने पिता महेश को बताई तो नन्हे और महेश के परिवारों के बीच विवाद हो गया। दोनों पक्ष हैंडपंप पर अपना-अपना अधिकार जताने लगे। महेश के परिजनों ने नन्हे को घेर दिया। वह अपने कमरे की ओर भागा तो पीछे से तमंचों से गोली मार दी। नन्हे दरवाजे पर लहूलुहान होकर गिर पड़ा।
पिता सोन पाल चीखते हुए दौड़े तो महेश पक्ष ने दोबारा फायरिंग शुरू कर दी। पीठ में गोली लगने से सोन पाल भी लहूलुहान होकर गिर पड़े। ताबड़तोड़ फायरिंग से गांव में दहशत फैल गई। लोग अपने घरों में दुबक गए। नन्हे ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने सोन पाल को लोहिया अस्पताल में भरती कराया। नन्हे का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस ने घर में छिपे महेश और धरमेश को देसी राइफल, तमंचे समेत गिरफ्तार कर लिया। मृतक के भाई महेंद्र ने महेश, धरमेश, पप्पू, रमेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। दोपहर बाद गांव पहुंचे एएसपी रामभवन चौरसिया ने ग्रामीणों से पूछताछ की। एएसपी ने बताया कि अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
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दोनों परिवार में जमीन की रंजिश
कंपिल/सिवारा। बहाबलपुर गांव में महेश और नन्हें के बीच रंजिश दिन पर दिन गाढ़ी हो रही थी। बीते दिनों मारपीट की खुन्नस पर ही सोन पाल ने महेश की बेटी को पानी भरने से मना कर दिया। इसके बाद जो हुआ गांव के लिए इतिहास बन गया। बताया जाता है कि मृतक नन्हें पाल की बुआ सुशीला की कोई संतान नहीं थी। सुशीला की 10 बीघा जमीन में दो बीघा महेश ने अपने नाम करा ली। सुशीला का आरोप था कि महेश ने धोखाधड़ी कर उसकी जमीन का बैनामा करा लिया। इसे लेकर दोनों परिवारों के बीच तनाव पैदा हो गया था। कुछ समय पहले सुशीला की मौत हो गई। बुआ के साथ करतूत को लेकर नन्हें पाल आए दिन महेश से विवाद करता था। जमीन के इसी विवाद ने इतना तूल पकड़ा कि मंगलवार को महेश व उसके परिवार के लोगों ने नन्हें पाल की गोली मारकर हत्या कर दी।
बाइक उठा ले गए, ट्रैक्टर फूंकने की कोशिश
सिवारा। नन्हें पाल व उसके पिता को गोली मारने के बाद हमलावरों का गुस्सा शांत नहीं हुआ था। वे महेश के कमरे में रखी बाइक को उठा ले गए। ट्रैक्टर के पीछे छुपे मृतक के भतीजे मनोज को पीटा। हमलावरों ने ट्रैक्टर को आग के हवाले करने का प्रयास किया लेकिन गांव के लोगों का दबाव बढ़ने पर वे फरार हो गए।
परचून की दुकान में की तोड़फोड़
कंपिल। मृतक नन्हें पाल घर के पास ही परचून की दुकान किए हुए था। घटना के बाद हमलावरों ने दुकान में घुस कर तोड़फोड़ की। दहशत फैलाने के लिए कई राउंड फायर किए। इससे गांव के लोग अपने घरों में दुबक गए। जब फायरिंग बंद हुई तो लोग घर से बाहर निकले।
शव को देखकर पत्नी हुई अचेत
कंपिल। दिनदहाड़े नन्हें पाल की हत्या से गांव के लोग दहशत में हैं। नन्हें की पत्नी राजवती, मां जावित्री का रो-रोकर बुरा हाल रहा। पति के शव को देख पत्नी बार-बार अचेत हो जाती। नन्हें पाल के एक बेटा आकाश (10), बेटी लक्ष्मी (7) है। परिजन उस दिन को कोस रहे थे जब जमीन को लेकर रंजिश शुरू हुई। उनका कहना था कि यदि उन्हें इसका आभास होता तो पूरी जमीन ही छोड़ देते।
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थाना क्षेत्र के गांव बहाबलपुर निवासी नन्हे (35) पाल के घर के बरामदे में स्थित कुएं पर हैंडपंप लगा है। मंगलवार सुबह करीब सात बजे नन्हे के चचेरे भाई महेश की बेटी संगीता हैंडपंप पर पानी भर रही थी। नन्हे के पिता सोन पाल ने पानी भरने से मना कर दिया। संगीता ने यह बात अपने पिता महेश को बताई तो नन्हे और महेश के परिवारों के बीच विवाद हो गया। दोनों पक्ष हैंडपंप पर अपना-अपना अधिकार जताने लगे। महेश के परिजनों ने नन्हे को घेर दिया। वह अपने कमरे की ओर भागा तो पीछे से तमंचों से गोली मार दी। नन्हे दरवाजे पर लहूलुहान होकर गिर पड़ा।
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पिता सोन पाल चीखते हुए दौड़े तो महेश पक्ष ने दोबारा फायरिंग शुरू कर दी। पीठ में गोली लगने से सोन पाल भी लहूलुहान होकर गिर पड़े। ताबड़तोड़ फायरिंग से गांव में दहशत फैल गई। लोग अपने घरों में दुबक गए। नन्हे ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने सोन पाल को लोहिया अस्पताल में भरती कराया। नन्हे का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पुलिस ने घर में छिपे महेश और धरमेश को देसी राइफल, तमंचे समेत गिरफ्तार कर लिया। मृतक के भाई महेंद्र ने महेश, धरमेश, पप्पू, रमेश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। दोपहर बाद गांव पहुंचे एएसपी रामभवन चौरसिया ने ग्रामीणों से पूछताछ की। एएसपी ने बताया कि अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
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दोनों परिवार में जमीन की रंजिश
कंपिल/सिवारा। बहाबलपुर गांव में महेश और नन्हें के बीच रंजिश दिन पर दिन गाढ़ी हो रही थी। बीते दिनों मारपीट की खुन्नस पर ही सोन पाल ने महेश की बेटी को पानी भरने से मना कर दिया। इसके बाद जो हुआ गांव के लिए इतिहास बन गया। बताया जाता है कि मृतक नन्हें पाल की बुआ सुशीला की कोई संतान नहीं थी। सुशीला की 10 बीघा जमीन में दो बीघा महेश ने अपने नाम करा ली। सुशीला का आरोप था कि महेश ने धोखाधड़ी कर उसकी जमीन का बैनामा करा लिया। इसे लेकर दोनों परिवारों के बीच तनाव पैदा हो गया था। कुछ समय पहले सुशीला की मौत हो गई। बुआ के साथ करतूत को लेकर नन्हें पाल आए दिन महेश से विवाद करता था। जमीन के इसी विवाद ने इतना तूल पकड़ा कि मंगलवार को महेश व उसके परिवार के लोगों ने नन्हें पाल की गोली मारकर हत्या कर दी।
बाइक उठा ले गए, ट्रैक्टर फूंकने की कोशिश
सिवारा। नन्हें पाल व उसके पिता को गोली मारने के बाद हमलावरों का गुस्सा शांत नहीं हुआ था। वे महेश के कमरे में रखी बाइक को उठा ले गए। ट्रैक्टर के पीछे छुपे मृतक के भतीजे मनोज को पीटा। हमलावरों ने ट्रैक्टर को आग के हवाले करने का प्रयास किया लेकिन गांव के लोगों का दबाव बढ़ने पर वे फरार हो गए।
परचून की दुकान में की तोड़फोड़
कंपिल। मृतक नन्हें पाल घर के पास ही परचून की दुकान किए हुए था। घटना के बाद हमलावरों ने दुकान में घुस कर तोड़फोड़ की। दहशत फैलाने के लिए कई राउंड फायर किए। इससे गांव के लोग अपने घरों में दुबक गए। जब फायरिंग बंद हुई तो लोग घर से बाहर निकले।
शव को देखकर पत्नी हुई अचेत
कंपिल। दिनदहाड़े नन्हें पाल की हत्या से गांव के लोग दहशत में हैं। नन्हें की पत्नी राजवती, मां जावित्री का रो-रोकर बुरा हाल रहा। पति के शव को देख पत्नी बार-बार अचेत हो जाती। नन्हें पाल के एक बेटा आकाश (10), बेटी लक्ष्मी (7) है। परिजन उस दिन को कोस रहे थे जब जमीन को लेकर रंजिश शुरू हुई। उनका कहना था कि यदि उन्हें इसका आभास होता तो पूरी जमीन ही छोड़ देते।