{"_id":"6a91df410f69edb7d90e9d16","slug":"510-sisters-tied-rakhis-on-the-wrists-of-their-brothers-imprisoned-in-jail-farrukhabad-news-c-222-1-sknp1016-147632-2026-08-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Farrukhabad News: जेल में बंद भाइयों की कलाई पर 510 बहनों ने बांधी राखी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Farrukhabad News: जेल में बंद भाइयों की कलाई पर 510 बहनों ने बांधी राखी
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। राखी का त्योहार जेल में धूमधाम से मनाया गया। जेल में बंद भाइयों की कलाई राखी बांधने का सिलसिला शाम तक चलता रहा। 510 बहनों ने जेल पहुंचकर भाइयों को राखी बांधकर मुंह मीठा कराया। उनकी लंबी उम्र की कामना की।
फतेहगढ़ के जिला कारागार में बंद भाइयों को राखी बांधने के लिए शुक्रवार सुबह से ही बहनें पहुंचने लगीं। 8:30 बजे से बहनों को जेल में प्रवेश दिया जाने लगा। दिन चढ़ने के साथ बहनों की भीड़ बढ़ती चली गई। कई महिलाएं गोद में बच्चा लिए तो दूसरे हाथ में भाई के लिए राखी, मिठाई व फल का झोला था।
भीड़ बढ़ने पर महिलाओं व युवतियों को जेल के गेट पर खड़े होकर अपनी बारी आने का इंतजार भी करना पड़ा। जेल के अंदर जब भाई से मिलन हुआ तो उनके चेहरे पर खुशी झलक उठी। भाई की कलाई पर राखी बांध कुशल क्षेम पूछी। इसके बाद जब भाई से विदाई ली तो उनके आंसू भी छलकते दिखे। 510 बहनों ने जेल में बंद अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी। उनके साथ 216 बच्चे भी अपने मामा से मिले और मीठी-मीठी बातें कीं। इसके अलावा दो महिला बंदियों से पांच भाइयों ने जेल पहुंचकर राखी बंधवाई।
विज्ञापन
विज्ञापन
फतेहगढ़ के जिला कारागार में बंद भाइयों को राखी बांधने के लिए शुक्रवार सुबह से ही बहनें पहुंचने लगीं। 8:30 बजे से बहनों को जेल में प्रवेश दिया जाने लगा। दिन चढ़ने के साथ बहनों की भीड़ बढ़ती चली गई। कई महिलाएं गोद में बच्चा लिए तो दूसरे हाथ में भाई के लिए राखी, मिठाई व फल का झोला था।
विज्ञापन
भीड़ बढ़ने पर महिलाओं व युवतियों को जेल के गेट पर खड़े होकर अपनी बारी आने का इंतजार भी करना पड़ा। जेल के अंदर जब भाई से मिलन हुआ तो उनके चेहरे पर खुशी झलक उठी। भाई की कलाई पर राखी बांध कुशल क्षेम पूछी। इसके बाद जब भाई से विदाई ली तो उनके आंसू भी छलकते दिखे। 510 बहनों ने जेल में बंद अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी। उनके साथ 216 बच्चे भी अपने मामा से मिले और मीठी-मीठी बातें कीं। इसके अलावा दो महिला बंदियों से पांच भाइयों ने जेल पहुंचकर राखी बंधवाई।
विज्ञापन