{"_id":"5efe265b8ebc3e42d214cbbf","slug":"30-thousand-seats-of-graduate-first-in-degree-colleges-will-be-empty-farrukhabad-news-knp568940224","type":"story","status":"publish","title_hn":"डिग्री कॉलेजों में स्नातक प्रथम की 30 हजार सीटें खाली रहेंगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डिग्री कॉलेजों में स्नातक प्रथम की 30 हजार सीटें खाली रहेंगी
विज्ञापन
फर्रुखाबाद। जिले के 87 महाविद्यालयों में करीब 46 हजार सीटें हैं। जबकि यूपी बोर्ड व अन्य बोर्ड के मिलाकर दाखिले की लाइन में महज 16 हजार छात्र ही होंगे। ऐसे में 30 हजार सीटें खाली रह जाएंगी। फिलहाल दाखिले और पढ़ाई कब शुरू होगी। इसको लेकर असमंजस की स्थिति है। वहीं पिछले साल कुल 15 हजार छात्र पास हुए थे। जबकि सीटें इतनी की इतनी ही थीं।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद से इंटरमीडिएट में 2019-20 में 19 हजार 5 सौ 32 छात्र-छात्राओं ने पंजीकरण कराया था। इनमें से 18 हजार 3 सौ 40 ने परीक्षा दी थी। परीक्षा देने वाले छात्रों में 14 हजार 4 सौ 84 उत्तीर्ण हुए हैं। सीबीएसई व आईसीएसई के भविष्य में उत्तीर्ण होने वाले छात्रों को भी शामिल करने पर लगभग 16 हजार छात्र स्नातक प्रथम वर्ष में दाखिले की लाइन में होंगे।
जबकि जिले के राजकीय, अनुदानित व स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों में बीए, बीएससी व बीकॉम की करीब 46 हजार सीटें स्वीकृत हैं। इससे इस बार भी डिग्री कॉलेजों में दाखिलों को लेकर मारामारी की स्थिति नहीं होगी। राजकीय डिग्री कॉलेज निनौआ व अनुदानित कॉलेजों में बद्रीविशाल महाविद्यालय, डीएन कॉलेज, भारतीय महाविद्यालय, आरपी डिग्री कॉलेज कमालगंज व कायमगंज के विद्या मंदिर डिग्री कॉलेज व एलवाई डिग्री कॉलेज में कुल 3770 बीए, 960 बीएससी व 420 बीकॉम प्रथम वर्ष की सीटें हैं। वहीं 80 स्ववित्तपोषित कॉलेजों में प्रथम वर्ष की 41 हजार से अधिक सीटें अनुमन्य हैं।
विज्ञापन
आरपी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. बलवीर सिंह का कहना है कि बोर्ड परीक्षा में सख्ती के साल दर साल बढ़ते जाने से इंटरमीडिएट में छात्र नामांकन घटता जा रहा है। वहीं डिग्री कालेजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। इसके चलते अनुदानित व राजकीय कॉलेजों में भी सीटें नहीं भर पाती हैं।
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद से इंटरमीडिएट में 2019-20 में 19 हजार 5 सौ 32 छात्र-छात्राओं ने पंजीकरण कराया था। इनमें से 18 हजार 3 सौ 40 ने परीक्षा दी थी। परीक्षा देने वाले छात्रों में 14 हजार 4 सौ 84 उत्तीर्ण हुए हैं। सीबीएसई व आईसीएसई के भविष्य में उत्तीर्ण होने वाले छात्रों को भी शामिल करने पर लगभग 16 हजार छात्र स्नातक प्रथम वर्ष में दाखिले की लाइन में होंगे।
विज्ञापन
जबकि जिले के राजकीय, अनुदानित व स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों में बीए, बीएससी व बीकॉम की करीब 46 हजार सीटें स्वीकृत हैं। इससे इस बार भी डिग्री कॉलेजों में दाखिलों को लेकर मारामारी की स्थिति नहीं होगी। राजकीय डिग्री कॉलेज निनौआ व अनुदानित कॉलेजों में बद्रीविशाल महाविद्यालय, डीएन कॉलेज, भारतीय महाविद्यालय, आरपी डिग्री कॉलेज कमालगंज व कायमगंज के विद्या मंदिर डिग्री कॉलेज व एलवाई डिग्री कॉलेज में कुल 3770 बीए, 960 बीएससी व 420 बीकॉम प्रथम वर्ष की सीटें हैं। वहीं 80 स्ववित्तपोषित कॉलेजों में प्रथम वर्ष की 41 हजार से अधिक सीटें अनुमन्य हैं।
विज्ञापन
आरपी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. बलवीर सिंह का कहना है कि बोर्ड परीक्षा में सख्ती के साल दर साल बढ़ते जाने से इंटरमीडिएट में छात्र नामांकन घटता जा रहा है। वहीं डिग्री कालेजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। इसके चलते अनुदानित व राजकीय कॉलेजों में भी सीटें नहीं भर पाती हैं।