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गंगा में छोड़ा गया 2.23 लाख क्यूसेक पानी
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गांव हरसिंहपुर कायस्थ में कटान करती गंगा व खड़े ग्रामीण। संवाद
- फोटो : FARRUKHABAD
गंगा में छोड़ा 2.23 लाख क्यूसेक पानी
अमृतपुर। पहाड़ी इलाकों में बारिश होने के चलते नरौरा बांध से गंगा में लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। सोमवार को 2 लाख 23 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे गंगा का जलस्तर बढ़ना तय हो गया है। इसको लेकर तटवर्ती गांव के लोग भयभीत हैं। गंगा की धारा से गांवों में कटान हो रही है।
बांध से गंगा में लगातार तीन दिन से पानी छोड़ा जा रहा है। सोमवार को सर्वाधिक 2 लाख 23 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जलस्तर बढ़ने से गंगा की तेज धारा से तटवर्ती गांवों में तेजी से कटान हो रही है। हरसिंहपुर कायस्थ में गंगा की धारा कहर बरपा रही है। ग्रामीण अपने मकानों को तोड़कर मलबा ऊंचाई वाले सुरक्षित स्थानों पर लेकर जा रहे हैं।
घरों के टूटने से ग्रामीण बेघर होने लगे हैं। वह तिरपाल के नीचे गुजारा कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दो दिन पहले तहसीलदार संतोष कुमार कुशवाहा गांव में आए थे। प्रभावित ग्रामीणों को रहने के लिए जगह दिलाने का आश्वासन दिया था। अभी तक इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं शुरू की गई। दूसरी ओर, सरकारी जमीन पर दबंग कब्जा किए हैं।
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अमृतपुर। पहाड़ी इलाकों में बारिश होने के चलते नरौरा बांध से गंगा में लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। सोमवार को 2 लाख 23 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इससे गंगा का जलस्तर बढ़ना तय हो गया है। इसको लेकर तटवर्ती गांव के लोग भयभीत हैं। गंगा की धारा से गांवों में कटान हो रही है।
बांध से गंगा में लगातार तीन दिन से पानी छोड़ा जा रहा है। सोमवार को सर्वाधिक 2 लाख 23 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जलस्तर बढ़ने से गंगा की तेज धारा से तटवर्ती गांवों में तेजी से कटान हो रही है। हरसिंहपुर कायस्थ में गंगा की धारा कहर बरपा रही है। ग्रामीण अपने मकानों को तोड़कर मलबा ऊंचाई वाले सुरक्षित स्थानों पर लेकर जा रहे हैं।
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घरों के टूटने से ग्रामीण बेघर होने लगे हैं। वह तिरपाल के नीचे गुजारा कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दो दिन पहले तहसीलदार संतोष कुमार कुशवाहा गांव में आए थे। प्रभावित ग्रामीणों को रहने के लिए जगह दिलाने का आश्वासन दिया था। अभी तक इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं शुरू की गई। दूसरी ओर, सरकारी जमीन पर दबंग कब्जा किए हैं।
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