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Farrukhabad News: 626 करोड़ से बनेगा 18 किलोमीटर लंबा बाईपास
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फर्रुखाबाद। इटावा-बरेली हाईवे पर भारी वाहनों के दबाव से जाम की स्थिति बनी रहती है। इससे निजात दिलाने के लिए 18 किलोमीटर का बाईपास निर्माण कराया जाएगा। 626 करोड़ की लागत से बनने वाले इस बाईपास पर पड़ने वाली गंगा नदी पर जिले का सबसे लंबा पुल भी बनाया जाएगा। कासगंज और दिल्ली मार्ग के रेलवे ट्रैक पर दो आरओबी का भी निर्माण होगा। सदर विधायक ने इसका प्रस्ताव बनवाकर सड़क परिवहन मंत्री को भिजवाया है।
इटावा-बरेली हाईवे पर दिनों दिन वाहनों का दबाव बढ़ता जा रहा है। मोहम्मदाबाद के बघार से लेकर जमापुर मोड़ तक आए दिन जाम लगना आम बात हो गई है। इसको देखते हुए शासन ने इसको फोर लेन बनाने का कार्य शुरू करा दिया। सड़क चौड़ीकरण होने के बाद भी पांचालघाट ओर रामगंगा पर भारी वाहनों के आवागमन के चलते जाम लग जाता है। शहरियों के साथ ही गंगापार कर बरेली, बदायूं, हरदोई, शाहजहांपुर के साथ ही उत्तराखंड जाने वाले लोगों को जाम में फंस कर काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
गंगा स्नान करने के लिए कई जनपदों से आने वाले श्रद्धालु भी इसी जाम में फंसकर परेशान हो जाते हैं। इसे देखते हुए सदर विधायक ने 18 किलोमीटर का बाईपास बनाने का प्रस्ताव पीडब्ल्यूडी के माध्यम से केंद्रीय परिवहन मंत्रालय को भिजवाया है। सदर विधायक ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर इसको स्वीकृत करने की भी मांग की है। 18 किलोमीटर के इस बाईपास को शहर का रिंग रोड बनाया जाएगा। गंगापार के चाचूपुर क्षेत्र स्थित इटावा-बरेली हाईवे 730सी के 535 किलोमीटर से इस बाईपास को हथियापुर होकर बघार के आगे हाईवे के 547 किलोमीटर दहेलिया में मिलाने का प्रस्ताव तैयार कराया गया है।
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बाईपास बनने के बाद बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर की ओर से आने वाले भारी वाहनों को शहर क्षेत्र के बाहर से निकालने की योजना है। इसका निर्माण पूरा होने के बाद जहां शहरियों को जाम से निजात मिलेगी। जिले की पश्चिम और उत्तर की सीमा से जुड़ने के चलते शहर का भी विस्तार हो जाएगा।
रिंग रोड की तरह बनेगा बाईपास
प्रस्ताव के मुताबिक यह रिंग रोड बाईपास की तरह बनाया जाएगा। इस पर जिले का सबसे लंबा पुल 3.750 किलोमीटर के साथ ही दो आरओबी भी बनाए जाएंगे। बाईपास के निर्माण क्षेत्र में वन क्षेत्र पड़ेगा। इसके चलते बहुत अधिक भूमि अधिग्रहित करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
शहरियों को जाम से निजात दिलाने के लिए बाईपास का प्रस्ताव केंद्रीय परिवहन मंत्रालय को भेजा गया है। केंद्रीय मंत्री से मुलाकात कर बाईपास को बनाने का मांगपत्र भी दिया है। केंद्रीय मंत्री ने जल्द ही प्रस्ताव स्वीकृत कर सर्वे कराने का आश्वासन दिया है। सर्वे होते ही औपचारिकताएं पूरी कर निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।
मेजर सुनील दत्त द्विवेदी, विधायक सदर, फर्रुखाबाद
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इटावा-बरेली हाईवे पर दिनों दिन वाहनों का दबाव बढ़ता जा रहा है। मोहम्मदाबाद के बघार से लेकर जमापुर मोड़ तक आए दिन जाम लगना आम बात हो गई है। इसको देखते हुए शासन ने इसको फोर लेन बनाने का कार्य शुरू करा दिया। सड़क चौड़ीकरण होने के बाद भी पांचालघाट ओर रामगंगा पर भारी वाहनों के आवागमन के चलते जाम लग जाता है। शहरियों के साथ ही गंगापार कर बरेली, बदायूं, हरदोई, शाहजहांपुर के साथ ही उत्तराखंड जाने वाले लोगों को जाम में फंस कर काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
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गंगा स्नान करने के लिए कई जनपदों से आने वाले श्रद्धालु भी इसी जाम में फंसकर परेशान हो जाते हैं। इसे देखते हुए सदर विधायक ने 18 किलोमीटर का बाईपास बनाने का प्रस्ताव पीडब्ल्यूडी के माध्यम से केंद्रीय परिवहन मंत्रालय को भिजवाया है। सदर विधायक ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर इसको स्वीकृत करने की भी मांग की है। 18 किलोमीटर के इस बाईपास को शहर का रिंग रोड बनाया जाएगा। गंगापार के चाचूपुर क्षेत्र स्थित इटावा-बरेली हाईवे 730सी के 535 किलोमीटर से इस बाईपास को हथियापुर होकर बघार के आगे हाईवे के 547 किलोमीटर दहेलिया में मिलाने का प्रस्ताव तैयार कराया गया है।
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बाईपास बनने के बाद बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर की ओर से आने वाले भारी वाहनों को शहर क्षेत्र के बाहर से निकालने की योजना है। इसका निर्माण पूरा होने के बाद जहां शहरियों को जाम से निजात मिलेगी। जिले की पश्चिम और उत्तर की सीमा से जुड़ने के चलते शहर का भी विस्तार हो जाएगा।
रिंग रोड की तरह बनेगा बाईपास
प्रस्ताव के मुताबिक यह रिंग रोड बाईपास की तरह बनाया जाएगा। इस पर जिले का सबसे लंबा पुल 3.750 किलोमीटर के साथ ही दो आरओबी भी बनाए जाएंगे। बाईपास के निर्माण क्षेत्र में वन क्षेत्र पड़ेगा। इसके चलते बहुत अधिक भूमि अधिग्रहित करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
शहरियों को जाम से निजात दिलाने के लिए बाईपास का प्रस्ताव केंद्रीय परिवहन मंत्रालय को भेजा गया है। केंद्रीय मंत्री से मुलाकात कर बाईपास को बनाने का मांगपत्र भी दिया है। केंद्रीय मंत्री ने जल्द ही प्रस्ताव स्वीकृत कर सर्वे कराने का आश्वासन दिया है। सर्वे होते ही औपचारिकताएं पूरी कर निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।
मेजर सुनील दत्त द्विवेदी, विधायक सदर, फर्रुखाबाद