{"_id":"5cffe8ecbdec2207626c627d","slug":"156027517116-farrukhabad-news144","type":"story","status":"publish","title_hn":"वजीफा रिकवरी से बचने को जोड़तोड़ में जुटे मदरसा संचालक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वजीफा रिकवरी से बचने को जोड़तोड़ में जुटे मदरसा संचालक
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जनपद के किसी भी मदरसे में छात्रावास की सुविधा नहीं है। इसके बावजूद 30 मदरसा व तीन स्कूलों ने 1565 बच्चों की हास्टलर छात्रवृत्ति आहरित कर ली। मामला खुलने पर अल्पसंख्यक विभाग से नोटिस जारी किए गए। इसके बावजूद अब तक मात्र 128 छात्रों की छात्रवृत्ति रिकवरी हो सकी। बड़ी छात्र संख्या वाले मदरसा संचालक जोड़तोड़ में जुटे हैं जिससे वे रिकवरी से बच सकें।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से चलने वाले किसी भी मदरसा या स्कूल में छात्रावास नहीं है। मदरसे में कक्षा एक से 10 तक 3300 रुपये व कक्षा 11 व 12 में 5700 रुपये तक छात्रवत्ति दी जाती है। इस बार 30 मदरसों व तीन स्कूलों के कुल 1565 छात्रों के नाम से हास्टलर छात्रवृत्ति का आनलाइन आवेदन किया गया।
इसके बाद हास्टलर छात्रों की सामान्य छात्रों से 6000 रुपये अधिक छात्रवृत्ति आने पर आहरित कर ली गई। इस खेल से पर्दा उठा तो जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने मदरसा व स्कूल संचालकों को पत्र जारी किया। इसमें बिना छात्रावास ली गई हास्टलर छात्रवृत्ति की रिकवरी कराकर शासन के नोशनल खाते में जमा कराने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
साथ ही संचालक व प्रधानाचार्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर स्कूल की मान्यता समाप्त करने का अल्टीमेटम दिया गया। इसके बाद जिन स्कूलों में दो-चार बच्चों की छात्रावास छात्रवृत्ति ली गई, उन्होंने धनराशि वापस जमा भी कर दी।
उधर, अधिक छात्र संख्या वाले मदरसा संचालक जोड़तोड़ करने में जुटे हैं। वे रिकवरी से बचने के लिए लखनऊ तक के चक्कर लगा रहे हैं। इनमें आधा दर्जन मदरसों में तो एक हजार से अधिक छात्रों की हास्टलर छात्रवृत्ति आहरित कर 60 लाख रुपये से अधिक का खेल किया गया। रिकवरी एक छात्र की भी नहीं हुई।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी मकरंद प्रसाद ने बताया कि किसी मदरसा व स्कूल में छात्रावास नहीं है। इसके बावजूद हास्टलर छात्रवृत्ति लेने वाले मदरसों को पत्र जारी कर रिकवरी कराने के निर्देश दिए गए हैं।
दो नोटिस जाने के बावजूद मात्र 128 छात्रों की ही रिकवरी हुई है। लखनऊ निदेशालय से रिकवरी न होने पर कार्रवाई करने के निर्देश हैं। बड़ी छात्र संख्या वाले मदरसा संचालकों ने रिकवरी तो दूर नोटिस का जवाब तक नहीं दिया। शीघ्र ही संचालक व प्रधानाचार्यों के खिलाफ एफआईआर के साथ मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई की जाएगी।
जिले में स्वामी विवेकानंद आदर्श जूनियर हाईस्कूल के तीन छात्रों के नाम से हास्टलर छात्रवृत्ति आहरित की गई है। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से जब स्कूल को नोटिस भेजा गया तो स्कूल ही ढूंढे नहीं मिला। अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी मकरंद प्रसाद ने बताया कि जूूनियर स्कूल की मान्यता बेसिक शिक्षा विभाग से दी जाती है। इसलिए वह इस स्कूल की तलाश के लिए बीएसए को पत्र भेज रहे हैं।
अब वजीफा रिकवरी से बचने को जोड़तोड़
बिना छात्रावास के 30 मदरसों व तीन स्कूलों के छात्रवृत्ति हड़पने का मामला
1565 छात्रों में 128 की हो सकी रिकवरी
विज्ञापन
जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से चलने वाले किसी भी मदरसा या स्कूल में छात्रावास नहीं है। मदरसे में कक्षा एक से 10 तक 3300 रुपये व कक्षा 11 व 12 में 5700 रुपये तक छात्रवत्ति दी जाती है। इस बार 30 मदरसों व तीन स्कूलों के कुल 1565 छात्रों के नाम से हास्टलर छात्रवृत्ति का आनलाइन आवेदन किया गया।
विज्ञापन
इसके बाद हास्टलर छात्रों की सामान्य छात्रों से 6000 रुपये अधिक छात्रवृत्ति आने पर आहरित कर ली गई। इस खेल से पर्दा उठा तो जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने मदरसा व स्कूल संचालकों को पत्र जारी किया। इसमें बिना छात्रावास ली गई हास्टलर छात्रवृत्ति की रिकवरी कराकर शासन के नोशनल खाते में जमा कराने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
साथ ही संचालक व प्रधानाचार्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर स्कूल की मान्यता समाप्त करने का अल्टीमेटम दिया गया। इसके बाद जिन स्कूलों में दो-चार बच्चों की छात्रावास छात्रवृत्ति ली गई, उन्होंने धनराशि वापस जमा भी कर दी।
उधर, अधिक छात्र संख्या वाले मदरसा संचालक जोड़तोड़ करने में जुटे हैं। वे रिकवरी से बचने के लिए लखनऊ तक के चक्कर लगा रहे हैं। इनमें आधा दर्जन मदरसों में तो एक हजार से अधिक छात्रों की हास्टलर छात्रवृत्ति आहरित कर 60 लाख रुपये से अधिक का खेल किया गया। रिकवरी एक छात्र की भी नहीं हुई।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी मकरंद प्रसाद ने बताया कि किसी मदरसा व स्कूल में छात्रावास नहीं है। इसके बावजूद हास्टलर छात्रवृत्ति लेने वाले मदरसों को पत्र जारी कर रिकवरी कराने के निर्देश दिए गए हैं।
दो नोटिस जाने के बावजूद मात्र 128 छात्रों की ही रिकवरी हुई है। लखनऊ निदेशालय से रिकवरी न होने पर कार्रवाई करने के निर्देश हैं। बड़ी छात्र संख्या वाले मदरसा संचालकों ने रिकवरी तो दूर नोटिस का जवाब तक नहीं दिया। शीघ्र ही संचालक व प्रधानाचार्यों के खिलाफ एफआईआर के साथ मान्यता प्रत्याहरण की कार्रवाई की जाएगी।
जिले में स्वामी विवेकानंद आदर्श जूनियर हाईस्कूल के तीन छात्रों के नाम से हास्टलर छात्रवृत्ति आहरित की गई है। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से जब स्कूल को नोटिस भेजा गया तो स्कूल ही ढूंढे नहीं मिला। अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी मकरंद प्रसाद ने बताया कि जूूनियर स्कूल की मान्यता बेसिक शिक्षा विभाग से दी जाती है। इसलिए वह इस स्कूल की तलाश के लिए बीएसए को पत्र भेज रहे हैं।
अब वजीफा रिकवरी से बचने को जोड़तोड़
बिना छात्रावास के 30 मदरसों व तीन स्कूलों के छात्रवृत्ति हड़पने का मामला
1565 छात्रों में 128 की हो सकी रिकवरी