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वृद्धा आश्रम में 73 की जगह 37 मिले बुजुर्ग
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वृद्धाश्रम में आंकड़ेबाजी का खेल सोमवार को सीडीओ के निरीक्षण में खुलकर सामने आ गया। वहां रजिस्टर में अंकित 73 की जगह 37 बुजुर्ग ही मौजूद मिले। कई वृद्ध खांसी व अन्य बीमारी से ग्रसित मिले। वृद्धावस्था पेंशन, भोजन के मेन्यू में दूध व फल न मिलने की भी शिकायत की गई। कई कर्मचारी मौजूद न होने, कैश बुक व स्टाक रजिस्टर न मिलने पर सीडीओ ने कड़ी नाराजगी जताई।
अमर उजाला ने 16 मई के अंक में ‘सुविधाओं का अभाव, वृद्धाश्रम में आंकड़ेबाजी का हो रहा खेल’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। इसे संज्ञान में लेकर मुख्य विकास अधिकारी डा.राजेंद्र पैंसिया ने सोमवार को नरायनपुर स्थित फूलमती भवन में चल रहे वृद्धाश्रम का औचक निरीक्षण किया।
वहां 37 बुजुर्ग ही मौजूद मिले, जबकि रजिस्टर में 73 वृद्ध अंकित थे। वृद्धाश्रम की 137 वृद्ध रखने की क्षमता है। वहां मौजूद आश्रम अधीक्षक मयंक सिंह व कर्मचारी रमेश से जब सीडीओ ने कैश रजिस्टर व स्टाक बुक मांगी तो वह नहीं दिखा सके। जनरेटर हाल के अंदर रखा मिलने पर उसे बाहर लगवाने के निर्देश दिए गए।
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खाने का मेन्यू देखकर वृद्धों से पूछताछ की तो उन्होंने फल व दूध न मिलने की जानकारी दी। कई बुजुर्ग खांसी व अन्य बीमारियों से पीड़ित मिलने पर डाक्टर को बुलाकर स्वास्थ्य परीक्षण कराने के आदेश दिए।
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि वृद्धावस्था पेंशन के लिए समाज कल्याण अधिकारी को भेजकर फार्म भरवाए जाएंगे। इसके साथ ही बुजुर्गों का जीरो बैलेंसे से बैंक खाता खुलेगा। आश्रम में डाक्टर की तैनाती होने के बावजूद वजन मशीन व बीपी चेक करने वाली मशीन तक नहीं मिली।
कागजों पर चलने वाले कई कर्मचारी भी मौजूद नहीं थे। नाली में कचड़ा भरा होने व हाल में जाला मिलने पर सीडीओ नाराजगी जताते हुए सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। इसके साथ ही छत का जाल खोलने, मच्छरदानी की व्यवस्था करने, वृद्धों के हेल्थ कार्ड बनवाने व चश्मा बनवाने के भी निर्देश जारी किए।
वृद्धाश्रम में 73 की जगह मिले 37 बुजुर्ग
खाना के मेन्यू में नहीं मिलता दूध व फल
कई वृद्ध बीमार, स्टाक बुक व कैश रजिस्टर नहीं मिला
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अमर उजाला ने 16 मई के अंक में ‘सुविधाओं का अभाव, वृद्धाश्रम में आंकड़ेबाजी का हो रहा खेल’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। इसे संज्ञान में लेकर मुख्य विकास अधिकारी डा.राजेंद्र पैंसिया ने सोमवार को नरायनपुर स्थित फूलमती भवन में चल रहे वृद्धाश्रम का औचक निरीक्षण किया।
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वहां 37 बुजुर्ग ही मौजूद मिले, जबकि रजिस्टर में 73 वृद्ध अंकित थे। वृद्धाश्रम की 137 वृद्ध रखने की क्षमता है। वहां मौजूद आश्रम अधीक्षक मयंक सिंह व कर्मचारी रमेश से जब सीडीओ ने कैश रजिस्टर व स्टाक बुक मांगी तो वह नहीं दिखा सके। जनरेटर हाल के अंदर रखा मिलने पर उसे बाहर लगवाने के निर्देश दिए गए।
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खाने का मेन्यू देखकर वृद्धों से पूछताछ की तो उन्होंने फल व दूध न मिलने की जानकारी दी। कई बुजुर्ग खांसी व अन्य बीमारियों से पीड़ित मिलने पर डाक्टर को बुलाकर स्वास्थ्य परीक्षण कराने के आदेश दिए।
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि वृद्धावस्था पेंशन के लिए समाज कल्याण अधिकारी को भेजकर फार्म भरवाए जाएंगे। इसके साथ ही बुजुर्गों का जीरो बैलेंसे से बैंक खाता खुलेगा। आश्रम में डाक्टर की तैनाती होने के बावजूद वजन मशीन व बीपी चेक करने वाली मशीन तक नहीं मिली।
कागजों पर चलने वाले कई कर्मचारी भी मौजूद नहीं थे। नाली में कचड़ा भरा होने व हाल में जाला मिलने पर सीडीओ नाराजगी जताते हुए सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। इसके साथ ही छत का जाल खोलने, मच्छरदानी की व्यवस्था करने, वृद्धों के हेल्थ कार्ड बनवाने व चश्मा बनवाने के भी निर्देश जारी किए।
वृद्धाश्रम में 73 की जगह मिले 37 बुजुर्ग
खाना के मेन्यू में नहीं मिलता दूध व फल
कई वृद्ध बीमार, स्टाक बुक व कैश रजिस्टर नहीं मिला