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कर्मचारियों ने ठप की लोहिया अस्पताल की ओपीडी
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फर्रुखाबाद। पुरानी पेंशन बहाली के लिए गुरुवार को लोहिया अस्पताल के कर्मचारियों ने ओपीडी में बैठे डॉक्टरों को बाहर निकालकर कक्ष बंद कर दिए। इससे ओपीडी पूरी तरह ठप हो गई। दवा काउंटर से कर्मचारियों को हटाकर बंद करा दिया। इससे मरीजों को दवाएं भी नहीं मिल सकीं।
लोहिया अस्पताल में गुरुवार सुबह डॉक्टर अपने कक्षों में बैठे। इस दौरान करीब 70 मरीजों ने काउंटर पर पंजीकरण कराने के बाद पर्चा बनवा लिए थे। डॉक्टर मरीज देख रहे थे। कुछ मरीज डॉक्टरों को दिखाने के बाद दवा लेकर चले गए। कुछ दवा लेने के लिए लाइन में लगे थे। तभी फार्मासिस्ट व चतुर्थ श्रेेणी कर्मचारी संघ के नेता वहां पहुंचे और डॉक्टरों से काम बंद करने को कहा। इस पर डॉक्टर अपने कक्षों से उठकर चले गए। इससे मरीज परेशान हुए।
कई मरीज तो डॉक्टरों को बिना दिखाए ही चले गए। वहीं, कुछ मरीज डॉक्टरों के दोबारा कक्ष में बैठने का इंतजार करने लगे। इस बीच कर्मचारियों को पता चला कि काउंटर पर दवा दी जा रही है। इस पर नेता दवा काउंटर पर पहुंचे और कर्मचारियों को उठा दिया। इससे दवा वितरण का काम भी बंद हो गया।
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इधर, मरीजों की परेशानी देखते हुए डॉक्टर सीएमएस के कक्ष में बैठ गए। वहां मरीजों को देखा। पर, दवा काउंटर बंद होने उसे उन्हें जन औषधि केंद्र से दवा खरीदनी पड़ीं। लोहिया महिला अस्पताल में भी ओपीडी पूरी तरह ठप रही। वहां आई महिला मरीजों को बैरंग होना पड़ा। पैथॉलाजी में जांचें भी नहीं हुईं। कर्मचारियों ने ओपीडी हाल में बैठक की। इसके बाद सीएमओ कार्यालय में धरना-प्रदर्शन के लिए चले गए। इस दौरान कर्मचारी नेता राकेश बाथम, फार्मासिस्ट व ब्रजेश कुमार आदि रहे।
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लोहिया अस्पताल में गुरुवार सुबह डॉक्टर अपने कक्षों में बैठे। इस दौरान करीब 70 मरीजों ने काउंटर पर पंजीकरण कराने के बाद पर्चा बनवा लिए थे। डॉक्टर मरीज देख रहे थे। कुछ मरीज डॉक्टरों को दिखाने के बाद दवा लेकर चले गए। कुछ दवा लेने के लिए लाइन में लगे थे। तभी फार्मासिस्ट व चतुर्थ श्रेेणी कर्मचारी संघ के नेता वहां पहुंचे और डॉक्टरों से काम बंद करने को कहा। इस पर डॉक्टर अपने कक्षों से उठकर चले गए। इससे मरीज परेशान हुए।
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कई मरीज तो डॉक्टरों को बिना दिखाए ही चले गए। वहीं, कुछ मरीज डॉक्टरों के दोबारा कक्ष में बैठने का इंतजार करने लगे। इस बीच कर्मचारियों को पता चला कि काउंटर पर दवा दी जा रही है। इस पर नेता दवा काउंटर पर पहुंचे और कर्मचारियों को उठा दिया। इससे दवा वितरण का काम भी बंद हो गया।
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इधर, मरीजों की परेशानी देखते हुए डॉक्टर सीएमएस के कक्ष में बैठ गए। वहां मरीजों को देखा। पर, दवा काउंटर बंद होने उसे उन्हें जन औषधि केंद्र से दवा खरीदनी पड़ीं। लोहिया महिला अस्पताल में भी ओपीडी पूरी तरह ठप रही। वहां आई महिला मरीजों को बैरंग होना पड़ा। पैथॉलाजी में जांचें भी नहीं हुईं। कर्मचारियों ने ओपीडी हाल में बैठक की। इसके बाद सीएमओ कार्यालय में धरना-प्रदर्शन के लिए चले गए। इस दौरान कर्मचारी नेता राकेश बाथम, फार्मासिस्ट व ब्रजेश कुमार आदि रहे।