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Farrukhabad News: जाली नोट बनाने के मामले में दोषी को 10 साल की कैद
Thu, 29 May 2025 11:45 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फर्रूखाबाद
Updated Thu, 29 May 2025 11:45 PM IST
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फर्रुखाबाद। 21 साल बाद जाली नोट बनाने वाले आरोपी को कोर्ट ने 10 साल कारावास की सजा सुनाई। दोषी के दो अन्य साथियों को पहले ही सजा सुनाई जा चुकी है। पुलिस ने दोषी को जाली नोट बनाते समय लाखों रुपये के जाली नोटों के साथ गिरफ्तार किया था।
फतेहगढ़ कोतवाली के तत्कालीन दरोगा विनय कुमार सिंह ने 15 जनवरी 2004 को जनपद मैनपुरी थाना एलाऊ गांव मेदेपुर निवासी राजवीर पुत्र स्वर्गीय अतिराज सिंह के खिलाफ जाली नोट बनाकर बाजार में चलाने के मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
मुखबिर की सूचना पर दबिश दी गई। कमरे में राजवीर मिला। मौके से जाली नोट छापने की मशीन, कागज, डाई व सौ सौ रुपये के जाली नोटों की 10 गड्डियां, 50 के 80 नोट बरामद हुए थे। पूछताछ में आरोपी ने जाली नोट छापने की बात स्वीकार कर ली थी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच की।
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सुनवाई कर रहे एडीजे नौ मेराज अहमद ने गवाह व साक्ष्य के आधार पर राजवीर को जाली नोट बनाने के अपराध में दोषी करार दिया। दोषी को 10 साल कारावास की सजा सुनाई। दोषी पर 12,500 रुपये जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर छह माह अतिरिक्त कारावास का प्रावधान किया।
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फतेहगढ़ कोतवाली के तत्कालीन दरोगा विनय कुमार सिंह ने 15 जनवरी 2004 को जनपद मैनपुरी थाना एलाऊ गांव मेदेपुर निवासी राजवीर पुत्र स्वर्गीय अतिराज सिंह के खिलाफ जाली नोट बनाकर बाजार में चलाने के मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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मुखबिर की सूचना पर दबिश दी गई। कमरे में राजवीर मिला। मौके से जाली नोट छापने की मशीन, कागज, डाई व सौ सौ रुपये के जाली नोटों की 10 गड्डियां, 50 के 80 नोट बरामद हुए थे। पूछताछ में आरोपी ने जाली नोट छापने की बात स्वीकार कर ली थी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच की।
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सुनवाई कर रहे एडीजे नौ मेराज अहमद ने गवाह व साक्ष्य के आधार पर राजवीर को जाली नोट बनाने के अपराध में दोषी करार दिया। दोषी को 10 साल कारावास की सजा सुनाई। दोषी पर 12,500 रुपये जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर छह माह अतिरिक्त कारावास का प्रावधान किया।