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दहेज हत्या में पति को 10 साल की कैद
अमर उजाला ब्यूरो फर्रुखाबाद
Updated Fri, 06 May 2016 12:52 AM IST
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11 साल से न्याय के लिए भटक रही है पीड़िता
- फोटो : Demo
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अपर जिला जज बलजोर सिंह ने दहेज हत्या में आरोपी पति को दोषी पाकर दस साल कारावास की सजा सुनाई और चार हजार रुपये जुर्माना किया है। जुर्माना अदा न करने पर छह माह अतिरिक्त कारावास भुगतने का आदेश दिया है। उन्होंने मुकदमे के तीन आरोपियों को आरोप सिद्ध न होने पर दोषमुक्त कर दिया।
हरदोई जिले के सांडी थाना क्षेत्र के गांव कतलपुरवा निवासी गुड्डू ने अपनी बहन सुमन की शादी राजेपुर के गांव आशा की मढ़ैया निवासी रामवीर के साथ 28 मई 2001 को की थी। शादी के बाद से पति व ससुराल के अन्य लोग अतिरिक्त दहेज में 20 हजार रुपये दिलाए जाने की मांग करने लगे।
मांग पूरी न होने पर प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। 24 जून 2004 को ससुरालीजनों ने बहन की हत्या कर दी। जानकारी मिलने पर वह बहन की ससुराल पहुंचा तो घर में बहन का शव पड़ा था। आरोपी घर छोड़कर फरार हो गए थे। इस घटना की रिपोर्ट मृतक के भाई गुड्डू ने आईजी के आदेश पर राजेपुर थाने में दर्ज कराई थी।
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पुलिस ने जांच कर पति रामवीर, उसके भाई बटई उर्फ सुरेंद्र, राजेंद्र और मां कौशल्या के खिलाफ दहेज हत्या में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने दलीलें पेश कीं।
सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने आरोपी पति रामवीर को दोषी पाकर दस साल कारावास और चार हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया। जुर्माना अदा न करने पर छह महीने अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।अन्य आरोपी बटई उर्फ सुरेंद्र, राजेंद्र व कौशल्या को आरोप सिद्ध न होने पर दोषमुक्त करार दिया।
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हरदोई जिले के सांडी थाना क्षेत्र के गांव कतलपुरवा निवासी गुड्डू ने अपनी बहन सुमन की शादी राजेपुर के गांव आशा की मढ़ैया निवासी रामवीर के साथ 28 मई 2001 को की थी। शादी के बाद से पति व ससुराल के अन्य लोग अतिरिक्त दहेज में 20 हजार रुपये दिलाए जाने की मांग करने लगे।
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मांग पूरी न होने पर प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। 24 जून 2004 को ससुरालीजनों ने बहन की हत्या कर दी। जानकारी मिलने पर वह बहन की ससुराल पहुंचा तो घर में बहन का शव पड़ा था। आरोपी घर छोड़कर फरार हो गए थे। इस घटना की रिपोर्ट मृतक के भाई गुड्डू ने आईजी के आदेश पर राजेपुर थाने में दर्ज कराई थी।
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पुलिस ने जांच कर पति रामवीर, उसके भाई बटई उर्फ सुरेंद्र, राजेंद्र और मां कौशल्या के खिलाफ दहेज हत्या में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता ने दलीलें पेश कीं।
सुनवाई पूरी होने पर न्यायाधीश ने आरोपी पति रामवीर को दोषी पाकर दस साल कारावास और चार हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया। जुर्माना अदा न करने पर छह महीने अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।अन्य आरोपी बटई उर्फ सुरेंद्र, राजेंद्र व कौशल्या को आरोप सिद्ध न होने पर दोषमुक्त करार दिया।